पालीवाल पार्क में ज्ञानोदयन गार्डन और सिटी म्यूजियम बनेगा आकर्षण का केंद्र
ज्ञानोदयन में आर्यभट्ट, सुश्रुत, चरक से लेकर चंद्रशेखर आजाद
और भगत सिंह की मूर्तियां, 560 मीटर का वॉकिंग ट्रैक भी
टाउन हॉल पुस्तकालय में पुराने मोहल्लों और स्वतंत्रता आंदोलन की झलक
आगरा। पालीवाल पार्क में शहरवासियों को जल्द ही ऐसा स्थान मिलने जा रहा है जहां एक ओर प्राचीन भारतीय ज्ञान और विज्ञान से परिचय होगा तो दूसरी ओर आगरा के पुराने मोहल्लों, स्वतंत्रता आंदोलन और शहर की विरासत को करीब से जानने का मौका मिलेगा। नगर निगम की ओर से यहां ज्ञानोदयन यानी गार्डन ऑफ नॉलेज विकसित किया जा रहा है, जिसमें आर्यभट्ट, सुश्रुत, वराहमिहिर, चरक और वेदव्यास जैसे प्राचीन ऋषि-विज्ञानियों के साथ आगरा से जुड़े क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह की मूर्तियां लगाई जाएंगी। वहीं पालीवाल पार्क के टाउन हॉल पुस्तकालय और प्रथम तल पर विकसित किए जा रहे सिटी म्यूजियम में आगरा के प्राचीन मोहल्लों, उनके इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े प्रसंगों को म्यूरल के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रविवार को दोनों परियोजनाओं का निरीक्षण कर गुणवत्ता और समयबद्धता के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने नगर निगम की ओर से पालीवाल पार्क में कराए जा रहे निर्माण, विकास और सौंदर्यीकरण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने सबसे पहले टाउन हॉल पुस्तकालय और सिटी म्यूजियम के निर्माण की स्थिति देखी। अधिकारियों ने उन्हें ले-आउट प्लान के माध्यम से परियोजना की पूरी जानकारी दी। पुस्तकालय के ग्राउंड फ्लोर पर जीर्णोद्धार का काम कराया जा रहा है, जबकि प्रथम तल पर सिटी म्यूजियम से संबंधित कार्य प्रगति पर हैं।

टाउन हॉल पुस्तकालय और सिटी म्यूजियम की योजना में आगरा के इतिहास को शहर के पुराने मोहल्लों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुस्तकालय में तैयार किए जा रहे म्यूरल वॉल पर बजीरपुरा, दरेसी, राजामंडी और किनारी बाजार जैसे पुराने क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी और उनका ऐतिहासिक महत्व प्रदर्शित किया जाएगा। बजीरपुरा से जुड़ी स्वतंत्रता आंदोलन की गतिविधियों को भी यहां स्थान दिया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल पुराने नामों को प्रदर्शित करना नहीं है, बल्कि शहर के विकास, उसके पुराने स्वरूप और अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी ऐतिहासिक गतिविधियों को लोगों के सामने लाना है। इससे नई पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिलेगा कि आज जिस आगरा को वह देख रही है, उसके पीछे पुराने मोहल्लों और बाजारों का किस तरह का इतिहास रहा है।
सिटी म्यूजियम में शहर की ऐतिहासिक पहचान से जुड़े विषयों को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत करने की तैयारी है। इससे स्थानीय लोगों के साथ आगरा आने वाले पर्यटकों और विद्यार्थियों को भी शहर की विरासत को समझने का नया माध्यम मिलेगा।
पुस्तकालय में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पुस्तकालय के जीर्णोद्धार के साथ पाठकों की सुविधा को भी ध्यान में रखा जा रहा है। यहां डिजिटल सहित अन्य अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। पुस्तकालय परिसर में ओपन ऑडिटोरियम और फैसाड लाइटिंग का काम भी चल रहा है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पुस्तकालय के फर्श में उच्च गुणवत्ता वाली टाइल्स लगाने, बेहतर सीटिंग अरेंजमेंट और फोटो गैलरी विकसित करने के संबंध में निर्देश दिए। उन्होंने पुस्तकालय की पुस्तकों और भवन को दीमक से सुरक्षित रखने के लिए उचित ट्रीटमेंट व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा।
मनीष बंसल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पुस्तकालय और म्यूजियम में कराए जा रहे सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण हों और उन्हें निर्धारित समय में पूरा कराया जाए। उन्होंने परियोजना की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं को व्यवस्थित और आकर्षक तरीके से विकसित करने पर जोर दिया।
ज्ञानोदयन में विज्ञान से लेकर क्रांतिकारियों तक की झलक
इसके बाद जिलाधिकारी पालीवाल पार्क में विकसित किए जा रहे ‘ज्ञानोदयन’ यानी गार्डन ऑफ नॉलेज का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने निर्माणदायी संस्था से पार्क की योजना और अब तक हुए काम की जानकारी ली।
अधिकारियों ने बताया कि गार्डन ऑफ नॉलेज में प्राचीन ऋषि-विज्ञानियों की मूर्तियां लगाई जाएंगी। इनमें आर्यभट्ट, सुश्रुत, वराहमिहिर, चरक और वेदव्यास जैसे नाम शामिल हैं। इनके माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राचीन विज्ञान की विरासत को पार्क के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
पार्क में आगरा शहर से संबंध रखने वाले क्रांतिकारियों को भी विशेष स्थान दिया जाएगा। चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियां यहां स्थापित की जाएंगी। इससे पार्क केवल घूमने की जगह नहीं रहेगा, बल्कि विद्यार्थियों और आम लोगों के लिए इतिहास, विज्ञान और देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी जानकारी हासिल करने का स्थान भी बनेगा।
560 मीटर का वॉकिंग ट्रैक और रेन वाटर सिस्टम
ज्ञानोदयन पार्क में 560 मीटर लंबा वॉकिंग ट्रैक तैयार किया गया है। पार्क में वॉल म्यूरल, रेन वाटर सिस्टम और अन्य सौंदर्यीकरण से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं। इनका निर्माण और विकास कार्य वर्तमान में प्रगति पर है।
जिलाधिकारी ने मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों की सुविधा को देखते हुए यहां योगा प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वॉकिंग ट्रैक और पार्क की अन्य सुविधाओं को भी उपयोगी और व्यवस्थित बनाने को कहा।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पार्क के विकास में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। उद्यान विभाग के साथ समन्वय कर पौधों, हरियाली और अन्य सौंदर्यीकरण कार्यों को बेहतर तरीके से पूरा कराने पर भी जोर दिया गया।
एक जगह मिलेगी ज्ञान, इतिहास और मनोरंजन की सुविधा
पालीवाल पार्क में विकसित की जा रही दोनों परियोजनाओं की खासियत यह है कि यहां शहरवासियों को अलग-अलग तरह की जानकारी एक ही परिसर में मिल सकेगी। गार्डन ऑफ नॉलेज में प्राचीन भारतीय ज्ञान-विज्ञान और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े व्यक्तित्वों की जानकारी मिलेगी, जबकि पुस्तकालय और सिटी म्यूजियम में आगरा की स्थानीय विरासत को सामने लाया जाएगा।
विद्यार्थियों के लिए यह स्थान विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। उन्हें इतिहास और विज्ञान की जानकारी केवल किताबों में पढ़ने के बजाय मूर्तियों, म्यूरल और प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से समझने का मौका मिलेगा। शहर के पुराने मोहल्लों के इतिहास को जानने से स्थानीय विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि बढ़ सकती है।
वहीं मॉर्निंग वॉक और योग के लिए विकसित होने वाली सुविधाएं स्थानीय लोगों के नियमित उपयोग में आएंगी। वॉकिंग ट्रैक, योगा प्लेटफॉर्म, हरियाली और सौंदर्यीकरण से पार्क को शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में विकसित करने की दिशा में मदद मिलेगी।
डीएम ने गुणवत्ता पर दिया जोर
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दोनों परियोजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि निर्धारित मानकों के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल हो और प्रत्येक कार्य को तय गुणवत्ता के साथ पूरा कराया जाए।
उन्होंने पुस्तकालय, म्यूजियम और ज्ञानोदयन पार्क के सभी हिस्सों का समन्वित विकास सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उद्यान विभाग सहित संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाकर काम पूरा कराने को कहा।
निरीक्षण में अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे जुबेर बेग, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कंसल्टेंट एजेंसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस तरह पालीवाल पार्क में तैयार हो रही ये दोनों सुविधाएं शहरवासियों के लिए केवल सौंदर्यीकरण परियोजना नहीं रहेंगी। ज्ञानोदयन में भारतीय ज्ञान-विज्ञान और स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक गाथाएं देखने को मिलेंगी, जबकि सिटी म्यूजियम आगरा के पुराने मोहल्लों, बाजारों और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े स्थानीय इतिहास को संजोने का काम करेगा। पुस्तकालय में आधुनिक सुविधाएं जुड़ने और पार्क में वॉकिंग ट्रैक, योगा प्लेटफॉर्म, रेन वाटर सिस्टम तथा हरियाली विकसित होने से यह क्षेत्र पढ़ने, जानने, घूमने और शहर की विरासत को समझने के लिए उपयोगी सार्वजनिक केंद्र के रूप में विकसित हो सकेगा।

