डीएम ने लिया निर्माण कार्य का जायजा, कोठी मीना बाजार के पास 11,149 वर्गमीटर में
39.62 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा हाईटेक साइंस पार्क
डीएम मजदूरों से बोले सीमेंट बालू का क्या अनुपात है
आगरा। आगरा में कोठी मीना बाजार के पास बन रहा हाईटेक साइंस पार्क विद्यार्थियों और शहरवासियों के लिए विज्ञान, अंतरिक्ष, तकनीक और भारतीय वैज्ञानिक विरासत को करीब से समझने का बड़ा केंद्र बनेगा। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने रविवार को निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण कर धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा और मार्च 2027 तक परियोजना पूरी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीमेंट-सैंड अनुपात, सिल्ट कंटेंट और क्यूब टेस्ट की मौके पर जांच कराई। पार्क में प्लेनेटरियम, स्पेस साइंस गैलरी, डायनासोरियम, फन विद साइंस गैलरी, एमर्जिंग एवं डिजिटल टेक गैलरी, एंसिएंट इंडियन साइंस गैलरी और एक्वा पार्क जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कोठी मीना बाजार के पास 11149 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में 3962.48 लाख रुपये की लागत से साइंस पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने मौके पर पहुंचकर परियोजना की भौतिक प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने प्रोजेक्ट का ले-आउट प्लान देखा और पूरे परिसर का भ्रमण कर निर्माण की स्थिति जानी। संबंधित अधिकारियों से परियोजना के विभिन्न हिस्सों में अब तक हुए काम और आगे की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी ली।

निरीक्षण में बताया गया कि परियोजना के दो एग्जिबिशन हॉल का निर्माण 55 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। एंट्रेंस कॉरिडोर का काम 60 प्रतिशत और गार्ड रूम का निर्माण 10 प्रतिशत पूरा हुआ है। जिलाधिकारी ने कार्य की गति की जानकारी लेने के साथ संबंधित कार्यदायी संस्था को शेष निर्माण निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए।
निर्माण की धीमी गति पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा। अधिकारियों ने बताया कि प्रोजेक्ट का ले-आउट तैयार करते समय उपलब्ध कराई गई भूमि पर्याप्त नहीं थी। इसके बाद दोबारा भूमि का चिन्हांकन किया गया और परिसर के दूसरी तरफ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराई गई। नई भूमि पर अतिक्रमण होने के साथ एक जर्जर भवन भी मौजूद था। इसके कारण निर्माण शुरू करने में बाधा आई।

अधिकारियों के अनुसार जर्जर भवन का मलबा हटाने और स्थल को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए वैज्ञानिक अधिकारी एवं प्रभारी, क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी केंद्र, आगरा से अनुरोध किया गया था। इस प्रक्रिया में समय लगने के कारण निर्माण कार्य निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सका और काम में देरी हुई। वर्तमान में निर्माण कार्य आगे बढ़ रहा है। परियोजना को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अधिकारियों ने जिलाधिकारी को बताया कि मुख्य भवन के ब्लॉक बी और ब्लॉक सी के भूतल, प्रथम तल तथा छत का काम पूरा हो चुका है। ब्लॉक ए के फाउंडेशन और प्लिंथ बीम का कार्य पूरा हो गया है। ब्लॉक ए के भूतल के कॉलम का निर्माण चल रहा है। वहीं ब्लॉक बी और ब्लॉक सी के भूतल पर चिनाई का काम प्रगति पर है।

जिलाधिकारी ने मौके पर चल रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता भी परखी। उन्होंने काम कर रहे मजदूरों से सीमेंट और सैंड के अनुपात सहित निर्माण प्रक्रिया से संबंधित जानकारी ली। सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए अपने सामने सामान्य जार टेस्ट कराया। इसके माध्यम से सीमेंट-सैंड अनुपात और सिल्ट कंटेंट की जांच की गई। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री की गुणवत्ता में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
मनीष बंसल ने परियोजना में कराए जा रहे क्यूब टेस्ट की जानकारी भी ली। उन्होंने निर्माण से जुड़ी सभी जांचों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के लिए रजिस्टर बनाने को कहा। साथ ही सभी कॉलम की कास्टिंग से पहले अनिवार्य रूप से क्यूब टेस्ट कराने के निर्देश दिए। इससे निर्माण सामग्री की मजबूती और गुणवत्ता संबंधी जांच का रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहेगा।

जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता और कॉन्ट्रैक्टर को गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए निर्माण कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि साइंस पार्क विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच विकसित करने वाला आकर्षक केंद्र बनना चाहिए। इसके लिए आधुनिक साइंस पार्क में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी जरूरी सुविधाएं यहां प्रभावी तरीके से सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और परियोजना को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए।
एक ही परिसर में विज्ञान और तकनीक की कई दुनिया
प्रस्तावित हाईटेक साइंस पार्क में विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीकी शिक्षा को अनुभव के माध्यम से समझने का अवसर मिलेगा। स्पेस साइंस गैलरी और प्लेनेटरियम में बच्चों को अंतरिक्ष, ग्रहों, तारों और खगोलीय घटनाओं की जानकारी आकर्षक तरीके से दी जाएगी। इससे खगोल विज्ञान जैसे विषयों को समझने में विद्यार्थियों को मदद मिलेगी।
डायनासोरियम में प्राचीन जीव-जगत से जुड़ी जानकारी उपलब्ध होगी। फन विद साइंस गैलरी में प्रयोगों और गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान को रोचक बनाया जाएगा। एमर्जिंग एवं डिजिटल टेक गैलरी में नई तकनीकों और डिजिटल दुनिया से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की जाएगी।
एंसिएंट इंडियन साइंस गैलरी में भारत की प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों और ज्ञान परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराया जाएगा। एक्वा पार्क के माध्यम से पानी और उससे जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं को समझने का अवसर मिलेगा। इस तरह अलग-अलग क्षेत्रों को एक ही परिसर में जोड़ा जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को विज्ञान के विभिन्न विषयों को एक साथ जानने का अवसर मिलेगा।
साइंस पार्क में एग्जिबिशन हॉल और साइंस वर्कशॉप हॉल भी होंगे। इसके अलावा पैंट्री, टिकट काउंटर, पार्किंग, क्लॉक रूम और कैफेटेरिया जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इससे विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और अन्य आगंतुकों को विज्ञान आधारित गतिविधियों के साथ आवश्यक सुविधाएं भी एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
छात्रों की पढ़ाई में ऐसे आएगा बदलाव
साइंस पार्क विद्यार्थियों को केवल देखने का स्थान नहीं देगा, बल्कि विज्ञान को अनुभव के जरिए समझने का अवसर भी उपलब्ध कराएगा। अलग-अलग गैलरी, मॉडल, गतिविधियां और कार्यशालाएं बच्चों को पाठ्यपुस्तक में पढ़े विषयों को वास्तविक उदाहरणों से जोड़ने में मदद करेंगी।
विज्ञान को देखकर और प्रयोग करके सीखने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थी केवल किताबों में पढ़ने के बजाय मॉडल, प्रदर्शनियों और गतिविधियों के माध्यम से विषय को समझ सकेंगे।
कठिन वैज्ञानिक अवधारणाएं आसानी से समझ आएंगी। इंटरैक्टिव गतिविधियों और प्रदर्शनियों के माध्यम से जटिल विषयों को सरल तरीके से समझाने में सहायता मिलेगी।
अंतरिक्ष विज्ञान को करीब से जान सकेंगे। प्लेनेटरियम और स्पेस साइंस गैलरी के माध्यम से ग्रहों, तारों और अंतरिक्ष की दुनिया को समझने का अवसर मिलेगा।
तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। डिजिटल टेक गैलरी विद्यार्थियों को नई तकनीकों और डिजिटल क्षेत्र में हो रहे बदलावों से परिचित कराएगी।
वैज्ञानिक सोच विकसित होगी। बच्चों में सवाल पूछने, कारण तलाशने और प्रयोग के आधार पर निष्कर्ष निकालने की प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
व्यावहारिक शिक्षा का अवसर मिलेगा। साइंस वर्कशॉप हॉल में गतिविधियों और प्रयोगों के जरिए विद्यार्थियों को करके सीखने का मौका मिलेगा।
भारतीय विज्ञान की विरासत से परिचय होगा। एंसिएंट इंडियन साइंस गैलरी के माध्यम से देश की प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों और ज्ञान परंपरा को समझ सकेंगे।
विज्ञान विषय में रुचि बढ़ेगी। फन विद साइंस गैलरी बच्चों के लिए विज्ञान को मनोरंजक और आकर्षक बनाने में सहायक होगी।
स्कूलों के शैक्षिक भ्रमण का लाभ बढ़ेगा। विद्यालय अपने विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम से जुड़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझाने के लिए साइंस पार्क ला सकेंगे।
भविष्य की पढ़ाई और करियर को लेकर समझ बढ़ेगी। विज्ञान, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और दूसरे आधुनिक क्षेत्रों से परिचय मिलने पर विद्यार्थियों को आगे की शिक्षा और करियर विकल्पों को समझने में मदद मिल सकती है।
शहरवासियों को भी मिलेंगे कई फायदे
साइंस पार्क का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके विकसित होने के बाद आगरा को शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के लिहाज से भी नई संभावनाएं मिलने की उम्मीद है।

शैक्षिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आगरा आने वाले विद्यार्थी, स्कूल समूह और परिवार साइंस पार्क को अपने भ्रमण का हिस्सा बना सकेंगे।
स्थानीय रोजगार के अवसर पैदा होंगे। टिकटिंग, सुरक्षा, सफाई, रखरखाव, कैफेटेरिया और संचालन जैसी सेवाओं में स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाएं बनेंगी। हालांकि परियोजना से कितने लोगों को रोजगार मिलेगा, इसकी निश्चित संख्या अभी उपलब्ध नहीं है।
बच्चों के लिए नया ज्ञान केंद्र मिलेगा। शहर में विज्ञान और तकनीक को समझने के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्थान उपलब्ध होगा।
आगरा के पर्यटन में नया आकर्षण जुड़ेगा। ताजमहल और दूसरे पर्यटन स्थलों के साथ साइंस पार्क शहर में आने वाले लोगों के लिए एक नया विकल्प बन सकता है।
स्कूलों को आधुनिक शैक्षिक भ्रमण स्थल मिलेगा। आगरा और आसपास के विद्यालय विद्यार्थियों को विज्ञान की व्यावहारिक जानकारी देने के लिए यहां ला सकेंगे।
स्थानीय कारोबार को फायदा मिल सकता है। बाहर से आने वाले विद्यार्थियों और परिवारों की संख्या बढ़ने पर परिवहन, खानपान और दूसरी स्थानीय सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
विज्ञान और तकनीक के प्रति आम लोगों की जागरूकता बढ़ेगी। बच्चों के साथ अभिभावक और अन्य आगंतुक भी आधुनिक तकनीकों तथा वैज्ञानिक गतिविधियों को करीब से देख और समझ सकेंगे।
युवाओं को आधुनिक क्षेत्रों से जुड़ने की प्रेरणा मिलेगी। डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष विज्ञान और अन्य वैज्ञानिक क्षेत्रों की जानकारी युवाओं में नई संभावनाओं के प्रति रुचि पैदा कर सकती है।
आगरा की शैक्षिक पहचान मजबूत हो सकती है। शहर की पहचान केवल पर्यटन तक सीमित न रहकर विज्ञान और शिक्षा के आधुनिक केंद्र के रूप में भी विकसित हो सकती है।
स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। अधिक आगंतुकों, शैक्षिक पर्यटन और उनसे जुड़ी सेवाओं के विस्तार से लंबे समय में स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ मिलने की संभावना है।
निर्माण पूरा होने के बाद क्या बदलेगा
साइंस पार्क तैयार होने के बाद आगरा के विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक से जुड़ी ऐसी सुविधाएं एक ही परिसर में मिलेंगी, जिनके लिए अभी अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। स्कूलों के लिए शैक्षिक भ्रमण की योजना बनाना आसान होगा और अभिभावकों को बच्चों के साथ ज्ञानवर्धक गतिविधियों के लिए नया विकल्प मिलेगा।
परियोजना में विज्ञान, खगोलशास्त्र और तकनीकी शिक्षा से जुड़े आकर्षक प्रदर्शनी हॉल, कार्यशाला, सौर ऊर्जा प्रणाली सहित आधुनिक सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इनका उद्देश्य विद्यार्थियों को वैज्ञानिक विषयों से जोड़ना और उनके सीखने के अनुभव को अधिक प्रभावी बनाना है।
शहर के लिहाज से भी यह परियोजना महत्वपूर्ण है। आगरा में आने वाले पर्यटकों के लिए यह एक अतिरिक्त आकर्षण बनेगी, जबकि स्थानीय विद्यार्थियों को अपने शहर में ही आधुनिक विज्ञान केंद्र उपलब्ध होगा। इससे शैक्षिक पर्यटन और स्थानीय रोजगार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
हालांकि फिलहाल निर्माण कार्य पूरी गति से आगे बढ़ाने की जरूरत है। भूमि उपलब्ध कराने, अतिक्रमण हटाने और जर्जर भवन का मलबा हटाने के कारण शुरुआत में हुई देरी के बाद अब परियोजना पर काम चल रहा है। मुख्य भवन के ब्लॉक बी और सी के महत्वपूर्ण हिस्सों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि ब्लॉक ए तथा अन्य हिस्सों में काम जारी है।
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट किया कि परियोजना की गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण सामग्री की जांच, क्यूब टेस्ट और प्रत्येक जांच का रिकॉर्ड रखने के निर्देश इसी व्यवस्था का हिस्सा हैं। सभी कॉलम की कास्टिंग से पहले क्यूब टेस्ट कराने की अनिवार्यता से निर्माण की मजबूती पर नजर रखी जाएगी।
