आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के खंदारी परिसर में 22 अगस्त को मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव-2026 का आयोजन किया गया। इसमें बीई के विभिन्न इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों के साथ एमसीए, बीसीए और एमएससी कंप्यूटर साइंस के 422 विद्यार्थियों और उत्तीर्ण युवाओं ने हिस्सा लिया। तकनीकी मूल्यांकन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के बाद 167 अभ्यर्थियों को दूसरे दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। वहीं 34 विद्यार्थियों का अंतिम चयन कर उन्हें जॉब ऑफर लेटर दिए गए। देशभर की 18 कंपनियों ने ड्राइव में हिस्सा लेकर आईटी और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र में युवाओं को रोजगार का अवसर दिया।

मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव-2026 का आयोजन एम्प्लॉयर्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (ईएआर) और ईएआर जॉब पॉइंट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने किया। इस मौके पर ईएआर के अध्यक्ष एनके जैन और ईएआर जॉब पॉइंट की चेयरपर्सन पूजा गुप्ता भी मौजूद रहीं। आयोजन आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

प्लेसमेंट ड्राइव का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं को कंपनियों में सीधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना रहा। इसके साथ ही विश्वविद्यालय और उद्योग जगत के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने पर भी जोर दिया गया। आयोजकों के अनुसार एक ही परिसर में अलग-अलग क्षेत्रों की कंपनियों के पहुंचने से युवाओं को नौकरी के लिए कई विकल्प मिले। इससे विद्यार्थियों को कंपनियों की जरूरत, चयन प्रक्रिया और रोजगार की संभावनाओं को समझने का अवसर भी मिला।

ड्राइव में बीई के कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों ने भाग लिया। इनके अलावा एमसीए, बीसीए और एमएससी कंप्यूटर साइंस के विद्यार्थी भी चयन प्रक्रिया में शामिल हुए। कुल 422 अभ्यर्थियों ने कंपनियों की चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कंपनियों की ओर से पहले तकनीकी मूल्यांकन किया गया। इसके बाद व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर अभ्यर्थियों की योग्यता का आकलन किया गया।

चयन प्रक्रिया के दौरान 167 विद्यार्थियों को अगले दौर के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन अभ्यर्थियों का दूसरे चरण में फिर मूल्यांकन किया जाएगा और उसके बाद अंतिम चयन होगा। इसके साथ ही 34 विद्यार्थियों का चयन अंतिम रूप से किया जा चुका है। चयनित विद्यार्थियों को मौके पर जॉब ऑफर लेटर भी प्रदान किए गए। इससे विद्यार्थियों में उत्साह दिखाई दिया और उन्हें पढ़ाई के बाद करियर की शुरुआत के लिए सीधा अवसर मिला।

प्लेसमेंट ड्राइव में आईटी क्षेत्र की कई कंपनियां शामिल हुईं। इनमें नगारो, डॉट स्टार्क टेक्नोलॉजीज, डॉट स्क्वायर्स, ओसवार टेक, ग्राइंज़ाप आईटी सॉल्यूशंस, फिनसंग इंडिया और सिलेबल टेक्नोलॉजी प्रमुख रहीं। इन कंपनियों ने कंप्यूटर साइंस और अन्य संबंधित पाठ्यक्रमों से जुड़े विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह चयन प्रक्रिया महत्वपूर्ण रही।

कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र की कंपनियों ने भी ड्राइव में हिस्सा लिया। इनमें किआ मोटर्स, व्हर्लपूल, एमआरएफ, मिरेकल ग्रुप, यूनिवर्सल फाउंड्री, जीनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, आदिशक्ति ग्रुप, श्री बालाजी इंडस्ट्रीज, प्रेसिशन ऑटो कास्टिंग्स और एपेक्स इंडस्ट्रीज शामिल रहीं। मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित अन्य इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को इन कंपनियों के माध्यम से रोजगार की संभावनाएं मिलीं।
आयोजन को सफल बनाने में आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह और प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस देवेंद्र सक्सेना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दोनों ने कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर ड्राइव के आयोजन और चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने में सहयोग किया। विश्वविद्यालय और कंपनियों के बीच बेहतर तालमेल से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को एक ही स्थान पर चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला।
कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस ड्राइव को विश्वविद्यालय में रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना गया। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने और उन्हें रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। मेगा प्लेसमेंट ड्राइव इसी प्रयास का हिस्सा रही, जिसमें अलग-अलग पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों को एक साथ कंपनियों के सामने अपनी योग्यता दिखाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी कंप्यूटर सेंटर के निदेशक प्रो. अनिल गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक डॉ. ओमप्रकाश, विभिन्न विभागों के इंचार्ज और विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश लवानिया, डॉ. गिरीश कुमार सिंह, डॉ. मयंक प्रताप, इंजीनियर विपिन कुमार सहित अनिल पांडेय, डॉ. रेखा शर्मा, हिमांशु, दीपक और शिवानी गुप्ता मौजूद रहे। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और शिक्षकों ने चयन प्रक्रिया में शामिल विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाया।
मेगा कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में 422 अभ्यर्थियों की भागीदारी और 34 विद्यार्थियों को तत्काल जॉब ऑफर मिलना युवाओं के लिए रोजगार के लिहाज से अहम रहा। 167 विद्यार्थियों के दूसरे दौर में पहुंचने से आने वाले चरण में चयन का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है। आईटी और कोर इंजीनियरिंग क्षेत्र की 18 कंपनियों की भागीदारी ने विद्यार्थियों को अलग-अलग क्षेत्रों में करियर के विकल्प दिए। इस तरह ड्राइव ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और उद्योग जगत के बीच रोजगार का सीधा रास्ता उपलब्ध कराया।
