आगरा। आगरा मेट्रो के कॉरिडोर-1 के मनकामेश्वर से ISBT तक नवनिर्मित सेक्शन का दो दिवसीय मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) निरीक्षण गुरुवार को पूरा हो गया। निरीक्षण के दूसरे दिन मेट्रो ट्रेन को अधिकतम निर्धारित 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति पर दौड़ाकर हाई-स्पीड रन, स्पीड एवं ब्रेकिंग टेस्ट समेत कई तकनीकी परीक्षण सफलतापूर्वक किए गए। इसके साथ ही ताज ईस्ट गेट से ISBT तक पूरे कॉरिडोर की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग भी पूरी हो गई। परीक्षण प्रक्रिया सफल रहने के बाद मेट्रो सेवा शुक्रवार से पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित होगी।

आगरा मेट्रो कॉरिडोर-1 ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा तक प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत मनकामेश्वर से ISBT तक का बैलेंस सेक्शन नवनिर्मित है। इस हिस्से का निरीक्षण मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त नीलाभ्र सेनगुप्ता और उनकी पांच सदस्यीय टीम ने किया। दूसरे दिन स्टेशन निरीक्षण, सिग्नलिंग प्रणाली की विस्तृत जांच, हाई-स्पीड रन और अन्य तकनीकी परीक्षण किए गए। अधिकारियों ने नवनिर्मित सेक्शन की विभिन्न व्यवस्थाओं का सुरक्षा मानकों के आधार पर मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के पहले दिन बुधवार को CMRS और उनकी टीम ने मोटर ट्रॉली से मनकामेश्वर से RBS रैंप तक मेट्रो ट्रैक का विस्तृत निरीक्षण किया था। इस दौरान एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा कॉलेज, राजा की मंडी, RBS कॉलेज और ISBT स्टेशन का भी निरीक्षण किया गया। प्रत्येक स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा गया। तकनीकी कक्षों, स्टेशन कंट्रोल रूम, एस्केलेटर, लिफ्ट, फायर अलार्म सिस्टम, प्लेटफॉर्म और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी निरीक्षण एवं मूल्यांकन किया गया।
दूसरे दिन CMRS ने मनकामेश्वर स्टेशन से मेट्रो ट्रेन के माध्यम से निरीक्षण शुरू किया। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ट्रेन और नवनिर्मित सेक्शन से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जांच की गई। अधिकारियों का दल मेट्रो ट्रेन से नवनिर्मित सेक्शन के अंतिम स्टेशन ISBT तक पहुंचा। इस दौरान UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार, निदेशक अवसंरचना सीपी सिंह, निदेशक रोलिंग स्टॉक नवीन कुमार और परियोजना निदेशक अरविन्द राय मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान ताज ईस्ट गेट से मनकामेश्वर तक वर्तमान में संचालित हिस्से और मनकामेश्वर से ISBT तक नवनिर्मित सेक्शन को जोड़कर पूरे कॉरिडोर की फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग की गई। इसमें सिग्नलिंग, टेलीकॉम, विद्युत आपूर्ति, ट्रैक और ट्रेन संचालन से जुड़ी प्रमुख प्रणालियों का एक साथ परीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पूरे कॉरिडोर में सभी प्रणालियां एक-दूसरे के साथ सही तालमेल से काम कर रही हैं।
सिग्नलिंग प्रणाली की जांच के दौरान इसके विभिन्न सुरक्षा मानकों को परखा गया। आगरा मेट्रो की ट्रेनें अत्याधुनिक कम्युनिकेशन बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिग्नलिंग प्रणाली के माध्यम से ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन (ATO) मोड में संचालित होती हैं। इस तकनीक में संचालन से जुड़ी कई प्रक्रियाएं स्वचालित होती हैं, जिससे मानवीय त्रुटि की संभावना कम होती है। CMRS की मौजूदगी में इस प्रणाली की कार्यक्षमता जांचने के लिए कॉलिजन टेस्ट भी किया गया।
कॉलिजन टेस्ट के दौरान दो ट्रेनों को आमने-सामने लाकर टक्कर जैसी स्थिति बनाई गई। जैसे ही ट्रेनें निर्धारित सुरक्षा दूरी तक पहुंचीं, ट्रेन ऑपरेटर के किसी हस्तक्षेप के बिना दोनों ट्रेनों में स्वतः ब्रेक लग गए। इस परीक्षण के जरिए सिग्नलिंग और स्वचालित सुरक्षा प्रणाली की कार्यक्षमता को परखा गया। इसके अलावा मेट्रो ट्रेन को उसकी अधिकतम निर्धारित गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा पर चलाया गया। हाई-स्पीड रन के दौरान ट्रेन की गति और ब्रेकिंग प्रणाली का परीक्षण किया गया। अधिकतम गति पर ट्रेन चलाकर यह देखा गया कि जरूरत पड़ने पर ब्रेकिंग सिस्टम कितनी प्रभावी ढंग से काम करता है।
UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि CMRS निरीक्षण के दौरान सुरक्षा मानकों के अनुरूप हाई-स्पीड टेस्ट, स्पीड टेस्ट और ब्रेकिंग टेस्ट जैसे परीक्षण वैज्ञानिक और सावधानीपूर्वक किए जाते हैं। यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ये परीक्षण नवनिर्मित सेक्शन की तकनीकी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो ने निर्माण के दौरान कई चुनौतियों का सामना करते हुए उन्हें सफलतापूर्वक पूरा किया है और यह शहर के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि आगरा मेट्रो का कॉरिडोर शहर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों से होकर गुजरता है। मनकामेश्वर से ISBT तक नया सेक्शन जुड़ने के बाद यात्रियों को शहर के प्रमुख हिस्सों के बीच आवागमन का अधिक सुरक्षित, सुगम, तेज और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। दो दिवसीय CMRS निरीक्षण और सभी प्रमुख तकनीकी परीक्षण पूरे होने के बाद अब मेट्रो सेवा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार आगे संचालित होगी।
