आगरा। मिथिला की धार्मिक आस्था और राजस्थान के राजसी वैभव का अनूठा संगम इस बार जनकपुरी महोत्सव में देखने को मिलेगा। भावना एस्टेट रोड पर कावेरी कौस्तुभ के पास तैयार हो रहे जनकपुरी परिसर में 140 फीट ऊंचा और करीब 280 से 300 फीट चौड़ा जनक महल बनाया जा रहा है। महल के सात शिखरों पर भगवा धर्म ध्वज लहराएंगे और 280 से 300 फीट चौड़े मंच पर श्रीराम-जानकी विवाह का भव्य संसार साकार किया जाएगा। 6, 7, 8 और 9 अक्टूबर को होने वाले जनकपुरी महोत्सव की तैयारियों के बीच गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार, हवन और विधि-विधान के साथ जनक महल के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया गया। इसके साथ ही निर्माण कार्य में तेजी आ गई है।

भूमि पूजन में राजा जनक के स्वरूप अशोक कुमार गोयल और रानी सुनैना के स्वरूप लता गोयल ने वैदिक रीति से पूजा संपन्न कराई। मंत्रोच्चार और श्लोकों के बीच हवन हुआ। इसके बाद राजा दशरथ के स्वरूप संजय सिंघल, रानी कौशल्या के स्वरूप नीता सिंघल, केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एमएलसी विजय शिवहरे, महापौर हेमलता दिवाकर, डीसीपी पूर्वी अभिषेक अग्रवाल और श्रीरामलीला कमेटी के महामंत्री राजीव अग्रवाल सहित अन्य अतिथियों ने आरती की।

जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजीव कुमार उर्फ राजू यादव ने बताया कि इस बार जनक महल को ऐतिहासिक भव्यता देने की तैयारी की गई है। इसकी ऊंचाई 140 फीट और चौड़ाई करीब 280 से 300 फीट रखी गई है। सात शिखरों से सुसज्जित महल पर भगवा धर्म ध्वज लगाए जाएंगे। इससे पूरा क्षेत्र धार्मिक रंग में रंगा नजर आएगा और दूर से ही महल लोगों का ध्यान आकर्षित करेगा। महल के निर्माण की जिम्मेदारी पुरुषोत्तम टेंट हाउस से जुड़ी फर्म को दी गई है। इसके लिए कोलकाता से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि जनक महल का प्रारंभिक डिजाइन नेपाल स्थित प्रसिद्ध जानकी महल की तर्ज पर तैयार किया गया था। इसके अंतिम स्वरूप में उदयपुर और जयपुर के राजमहलों की स्थापत्य कला और शाही शैली को भी शामिल किया गया है। ऐसे में महल में मिथिला की धार्मिक परंपरा, नेपाल की वास्तुकला और राजस्थान की राजसी छटा एक साथ दिखाई देगी। महल की भव्यता को आकर्षक फव्वारों और रंग-बिरंगी रोशनी से और बढ़ाया जाएगा। रात में प्रकाश व्यवस्था के बीच फव्वारे श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। भगवान श्रीराम, माता सीता और अन्य स्वरूपों के विराजमान होने वाले स्थान को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया जा रहा है।
भूमि पूजन के साथ ही जनक महल के आधार निर्माण के लिए बल्लियां लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। समिति का लक्ष्य है कि 6 अक्टूबर को निकलने वाली श्रीराम बरात से पहले जनकपुरी परिसर को पूरी तरह तैयार कर लिया जाए। इसके लिए निर्माण और सजावट से जुड़े कामों की गति बढ़ा दी गई है। समिति का कहना है कि सीता जी के डोले में शामिल होने के लिए जनकपुरी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को यहां का भव्य वातावरण भाव-विभोर करने वाला अनुभव देगा।
भूमि पूजन के लिए तैयार किए गए पंडाल को पूरी तरह वाटरप्रूफ बनाया गया था। बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या से बचने के लिए पंडाल में फर्श भी तैयार किया गया। वास्तु के अनुसार हवन और धार्मिक कार्यों के लिए ईशान कोण का चयन किया गया। अतिथियों के लिए प्रसादी तैयार करने वाली रसोई का निर्माण भी शुभ दिशा को ध्यान में रखकर किया गया।

मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने कहा कि श्रीरामलीला और जनकपुरी महोत्सव शहर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं। जनक महल का भव्य स्वरूप आने वाली पीढ़ियों को संस्कृति, परंपरा और सनातन मूल्यों से जोड़ने का काम करेगा। भगवान श्रीराम और माता सीता के आदर्श केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे परिवार, समाज और राष्ट्र के लिए मर्यादा, त्याग और कर्तव्य का संदेश देते हैं।
श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष एवं विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गौरवशाली संस्कृति और परंपराओं का जीवंत स्वरूप है। महापौर हेमलता दिवाकर ने कहा कि जनकपुरी महोत्सव शहर की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। जनक महल की भव्यता और पूरे क्षेत्र की आकर्षक सजावट देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।
भूमि पूजन के बाद अजय गर्ग अवागढ़ ने जनक महल के प्रस्तावित भव्य प्रारूप वाले पोस्टर का अतिथियों के हाथों विमोचन कराया। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्वरूपों की प्रतिष्ठा, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था, फव्वारे और सजावट मिलकर श्रद्धालुओं के सामने ऐसा दृश्य प्रस्तुत करेंगे, जो लंबे समय तक याद रहेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रुचि चतुर्वेदी ने किया।
वैदिक पूजन और आरती के बाद श्रद्धालुओं एवं अतिथियों के लिए भव्य प्रसादी का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। इस अवसर पर राजा जनक के परिवार से शोभित गोयल, स्मृति गोयल, मोहित गोयल, रिनी गोयल, अनुप्रिया, कमल नयन और सुनीता मित्तल तथा राजा दशरथ के स्वरूप के परिवार से कृष्ण बिहारी गर्ग, आयुषी गर्ग, रजत सिंघल और निमिषा सिंघल मौजूद रहे। श्रीरामलीला कमेटी की ओर से भगवान दास बंसल, विष्णु दयाल बंसल, नरेंद्र बंसल, ताराचंद्र, शांति स्वरूप गोयल, मनोज अग्रवाल पोली भाई और संजय तिवारी उपस्थित रहे। जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति की ओर से मार्गदर्शक अशोक कुमार गुप्ता, मुख्य कार्यकारी अधिकारी संजय गोयल, मुख्य संयोजक मनोज बंसल, मुख्य संरक्षक संतोष कटारा, मुख्य समन्वयक धर्मेश जैन, महामंत्री रितेश लवानिया, मनोज जादौन, मीडिया प्रभारी राणा सुशील सिंह और कोषाध्यक्ष आकाश गोयल मौजूद रहे। क्षेत्रीय पार्षद एवं जनकपुरी क्षेत्र में होने वाले निर्माण कार्यों की समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश गोस्वामी, जनकपुरी महोत्सव महिला समिति की अध्यक्ष अमृता पोरवाल और शीतल अग्रवाल सहित अन्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
