आगरा। भूजल सप्ताह के तृतीय दिवस पर आगरा में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में अछनेरा, विचपुरी और शाहगंज में गोष्ठी, रैली, जल शपथ तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। आमजन और छात्राओं को भूजल के महत्व से जोड़ते हुए विशेषज्ञों ने भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल बचाने का संदेश दिया, जबकि प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया।

भूजल तेजी से घटता जा रहा है और आने वाले वर्षों में यह सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन सकता है। इसी गंभीर विषय को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मनाए जा रहे भूजल सप्ताह के तृतीय दिवस पर शनिवार को आगरा जनपद में विभिन्न स्थानों पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल लोगों को जल संरक्षण का संदेश देना नहीं था, बल्कि उन्हें भूजल संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण और संवर्धन के प्रति जिम्मेदार बनाना भी था।
भूजल सप्ताह के तीसरे दिन जिले के विकास खंड अछनेरा, विकास खंड विचपुरी तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहगंज में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों, छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता रही। सभी स्थानों पर लोगों ने “जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प” संदेश को अपनाने का संकल्प लिया और भविष्य के लिए जल बचाने की शपथ भी ली।
विकास खंड अछनेरा के सभागार में एडीओ पंचायत की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में भूजल संचयन, संरक्षण और संवर्धन पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के बीच वाद-संवाद आयोजित हुआ, जिसमें जल संकट के बढ़ते खतरे, वर्षा जल संचयन की आवश्यकता और भूजल स्तर को सुधारने के उपायों पर विचार साझा किए गए। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे अपने घरों, खेतों और संस्थानों में जल संरक्षण के छोटे-छोटे उपाय अपनाकर बड़े बदलाव का हिस्सा बनें। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामूहिक रूप से जल शपथ लेकर भूजल बचाने का संकल्प दोहराया।
इसी क्रम में विकास खंड विचपुरी में एडीओ पंचायत की अध्यक्षता में जागरूकता रैली निकाली गई। रैली के माध्यम से लोगों तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। आमजन को भूजल संरक्षण संबंधी पंपलेट वितरित किए गए, जिनमें भूजल बचाने, वर्षा जल का संचयन करने और जल के विवेकपूर्ण उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। रैली के दौरान लोगों से अपील की गई कि वे जल की एक-एक बूंद का महत्व समझें और अनावश्यक जल दोहन से बचें। कार्यक्रम के समापन पर यहां भी सभी उपस्थित लोगों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई।
भूजल सप्ताह के अंतर्गत राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, शाहगंज में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित गोष्ठी के दौरान भूजल संरक्षण को लेकर छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम का मुख्य विषय जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प रखा गया, ताकि नई पीढ़ी को बचपन से ही जल संरक्षण के प्रति जागरूक बनाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं की रचनात्मक प्रतिभा को भी मंच मिला। भूजल संचयन और जल संरक्षण विषय पर लघु प्रश्नोत्तरी, स्लोगन लेखन, निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। छात्राओं ने पूरे उत्साह और रचनात्मकता के साथ इन प्रतियोगिताओं में भाग लिया तथा अपने विचारों के माध्यम से जल संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और मेडल देकर सम्मानित किया गया। इससे छात्राओं का उत्साह बढ़ा और अन्य विद्यार्थियों को भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम में मौजूद भूगर्भ जल विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने छात्राओं को बताया कि यदि आज से ही जल संरक्षण की आदत नहीं अपनाई गई तो भविष्य में पेयजल संकट और अधिक गंभीर हो सकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और जल के संतुलित उपयोग को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।
समापन अवसर पर हाइड्रोलॉजिस्ट अवधेश कुमार भास्कर ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी की जरूरतों को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी पर्याप्त भूजल सुरक्षित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि भूजल एक सीमित प्राकृतिक संसाधन है, इसलिए इसका उपयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए। यदि आज जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में जल संकट और गहरा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपने दैनिक जीवन में जल के अनावश्यक उपयोग से बचने, वर्षा जल संचयन को अपनाने, भूजल संसाधनों के प्रति संवेदनशील रहने तथा अधिक से अधिक जल संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन के प्रयास तभी सफल होंगे, जब आमजन भी इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी मानकर आगे आएंगे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक रूप से जल शपथ लेते हुए भूजल संरक्षण, जल संचयन और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का संकल्प लिया। भूजल सप्ताह के तीसरे दिन आयोजित इन कार्यक्रमों ने यह संदेश दिया कि जल संरक्षण केवल सरकारी अभियान नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। जब गांव, विद्यालय, प्रशासन और आमजन मिलकर जल बचाने का संकल्प लेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकेगा।
