सार
पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को जन आंदोलन बनाने की दिशा में ग्राम पंचायत अकोला ने अनोखी पहल की। “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के तहत गांव में प्लास्टिक की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली गई। ग्रामीणों, ग्राम प्रधान और ब्लॉक अधिकारियों ने इसमें भाग लेकर सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जागरूकता का संदेश दिया और गांव को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया।
आगरा। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत अकोला में मंगलवार को एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु” अभियान के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने के लिए प्रतीकात्मक रूप से “प्लास्टिक शव यात्रा” निकाली गई। इस अभियान में ग्राम प्रधान, बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ विकास खंड के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
कार्यक्रम के दौरान गांव की गलियों, नालियों और सार्वजनिक स्थलों से एकत्रित किए गए प्लास्टिक कचरे को एक अर्थी पर रखकर पूरे गांव में घुमाया गया। इस अनोखी शव यात्रा का उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना था। यात्रा गांव के विभिन्न मार्गों से होकर निकली, जहां लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया और प्लास्टिक के उपयोग को छोड़ने का संदेश दिया।
शव यात्रा के दौरान बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पूरे मार्ग में “प्लास्टिक हटाओ, पर्यावरण बचाओ”, “पॉलीथिन का करो बहिष्कार, सुखी रहेगा परिवार” और “स्वच्छ गांव, स्वस्थ जीवन” जैसे नारों से वातावरण गूंजता रहा। ग्रामीणों ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर लोगों से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बंद करने की अपील की।
गांव में निकाली गई इस प्रतीकात्मक शव यात्रा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों का कहना था कि प्लास्टिक कचरा न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि जल स्रोतों, मिट्टी की उर्वरता और पशुधन पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। यही कारण है कि गांव स्तर पर इस तरह का अभियान चलाकर लोगों को व्यवहारिक बदलाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
यात्रा के समापन के बाद पंचायत भवन परिसर में एक सभा का आयोजन किया गया। यहां ग्राम प्रधान के नेतृत्व में उपस्थित सभी ग्रामीणों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग पूरी तरह बंद करने का संकल्प लिया। लोगों ने यह शपथ भी ली कि वे अपने दैनिक जीवन में कपड़े, जूट और कागज से बने थैलों का उपयोग करेंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
सभा को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधान ने कहा कि प्लास्टिक हमारी उपजाऊ भूमि, पशुधन और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक धीमे जहर की तरह काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की यह शव यात्रा केवल एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए एक सामाजिक संदेश है। इस पहल के माध्यम से गांववासियों ने यह संदेश देने का प्रयास किया है कि प्लास्टिक जैसी गंभीर समस्या का समाधान सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि अकोला को एक आदर्श, स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत बनाना उनका प्रमुख लक्ष्य है।
इस अवसर पर मौजूद ब्लॉक अधिकारियों ने भी ग्रामीणों की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन और पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों को सफल बनाने के लिए जनभागीदारी बेहद आवश्यक है। अकोला ग्राम पंचायत द्वारा शुरू किया गया यह अभियान अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकता है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि गांव को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा और जागरूकता कार्यक्रमों को आगे भी जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम के अंत में गांव से एकत्रित किए गए प्लास्टिक कचरे को सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए पूरे कचरे को संबंधित अपशिष्ट प्रबंधन विभाग को सौंप दिया गया, ताकि उसका पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निस्तारण किया जा सके।
ग्राम पंचायत अकोला की यह अनूठी पहल न केवल स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रही है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जनभागीदारी के माध्यम से सामाजिक बदलाव का भी उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। प्लास्टिक के बढ़ते खतरे के बीच इस तरह के अभियान लोगों को जागरूक करने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी का भाव विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

