आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के पूर्व छात्र इंजीनियर वैभव पाल ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आईटी बैच 2003-2007 के छात्र रहे वैभव पाल का चयन उत्तराखंड शासन के वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर हुआ है। उनकी इस सफलता से विश्वविद्यालय परिवार में खुशी की लहर है और इसे संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन तथा उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण का परिणाम माना जा रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के लिए यह गौरव का अवसर है कि विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के पूर्व छात्र इंजीनियर वैभव पाल ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि हासिल करते हुए उत्तराखंड शासन के वस्तु एवं सेवा कर (GST) विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर चयन प्राप्त किया है। उनकी इस सफलता ने न केवल विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया है, बल्कि वर्तमान विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
आईईटी के आईटी विभाग से वर्ष 2003-2007 बैच के छात्र रहे वैभव पाल ने अपने शैक्षणिक जीवन से लेकर पेशेवर यात्रा तक निरंतर मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिचय दिया। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, मजबूत इच्छाशक्ति और सतत प्रयासों के बल पर किसी भी ऊंचाई को हासिल किया जा सकता है। उत्तराखंड शासन के GST विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर जैसे महत्वपूर्ण पद पर चयन उनकी प्रतिभा और प्रशासनिक क्षमता का प्रमाण माना जा रहा है।
वैभव पाल की सफलता की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय परिसर में प्रसन्नता का माहौल बन गया। शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों ने इसे विश्वविद्यालय की एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए खुशी व्यक्त की। विश्वविद्यालय परिवार का मानना है कि पूर्व छात्रों की ऐसी उपलब्धियां संस्थान की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करने का कार्य करती हैं और वर्तमान विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने की प्रेरणा देती हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने वैभव पाल को बधाई देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की राष्ट्रीय और प्रशासनिक सेवाओं में बढ़ती भागीदारी संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसके भवनों या पाठ्यक्रमों से नहीं होती, बल्कि उसके विद्यार्थियों की उपलब्धियों से होती है। वैभव पाल की सफलता इस बात का प्रमाण है कि विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और जिम्मेदारी निभाने का कौशल भी प्रदान कर रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वैभव अपने नए दायित्व में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज और देश की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
कुलसचिव अजय मिश्रा ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि वैभव पाल ने अपने अथक परिश्रम और समर्पण के बल पर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को वैभव की सफलता से सीख लेनी चाहिए कि कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास के माध्यम से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने आशा जताई कि वैभव अपने नए पद पर पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कार्य करते हुए प्रशासनिक क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेंगे।
आईईटी के निदेशक प्रो. मनु प्रताप सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे आईईटी परिवार के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल तकनीकी ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए सक्षम बनाना भी है। वैभव पाल की सफलता इस बात का उदाहरण है कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी प्रशासनिक और नेतृत्वकारी भूमिकाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान को अपने इस पूर्व छात्र पर गर्व है और विश्वास है कि वे अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सफल होंगे।
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने भी वैभव पाल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। कई विद्यार्थियों ने इसे इस बात का प्रमाण बताया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर किए जाएं तो सफलता अवश्य मिलती है।
जनसम्पर्क अधिकारी पूजा सक्सेना ने कहा कि वैभव पाल की उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और उत्कृष्ट परंपराओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय लगातार ऐसे विद्यार्थियों को तैयार कर रहा है जो विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालकर देश और समाज की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराया जाए, जहां वे अपने ज्ञान, कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास कर सकें।
उत्तराखंड GST विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर पद पर चयन के साथ वैभव पाल ने यह सिद्ध कर दिया है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन के बल पर सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है। उनकी उपलब्धि न केवल विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि उन हजारों विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है जो अपने जीवन में बड़े लक्ष्य हासिल करने का सपना देख रहे हैं। उनकी यह सफलता आने वाले समय में और अधिक युवाओं को उत्कृष्टता की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रहेगी।
