आगरा। आधुनिक खेल सुविधाएं, राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के कारण डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा का शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग युवाओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है। खेल शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में विभाग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों की सफलता और रोजगार के बढ़ते अवसरों ने इसे प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में शामिल कर दिया है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा का शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग खेल शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित कर चुका है। वर्ष 1969 में स्थापित यह विभाग आज आधुनिक संसाधनों, उत्कृष्ट खेल अधोसंरचना और राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियों के दम पर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। खेल और शिक्षा के संतुलित समन्वय के साथ विभाग युवाओं को बेहतर करियर के अवसर भी उपलब्ध करा रहा है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि संस्थान का लक्ष्य विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के तहत शिक्षा के साथ खेल गतिविधियों को भी समान महत्व दिया जा रहा है। उनका कहना है कि शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग केवल खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों के लिए तैयार नहीं कर रहा, बल्कि युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली का भी विकास कर रहा है।
विभाग के निदेशक डॉ. अखिलेश चंद्र सक्सेना के अनुसार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विभाग में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लेक्चर थिएटर, टेबल टेनिस कक्ष, फिजिकल परफॉर्मेंस लैब, मल्टीपरपज हॉल, अत्याधुनिक जिम्नेजियम, फैकल्टी रूम और अन्य शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई और खेल प्रशिक्षण दोनों के लिए अनुकूल वातावरण मिल रहा है।
खेल सुविधाओं की बात करें तो विभाग प्रदेश के अग्रणी संस्थानों में गिना जाता है। विश्वविद्यालय परिसर में वॉलीबॉल कोर्ट, बैडमिंटन कोर्ट, हैंडबॉल ग्राउंड, बास्केटबॉल कोर्ट, एथलेटिक्स ट्रैक एंड फील्ड, फुटबॉल ग्राउंड, कबड्डी कोर्ट, खो-खो मैदान और क्रिकेट स्टेडियम जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। इन संसाधनों की मदद से विद्यार्थियों को विभिन्न खेलों में विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है, जिससे उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है।
विभाग की उपलब्धियां भी लगातार इसकी बढ़ती प्रतिष्ठा को प्रमाणित करती हैं। वर्ष 2023-24 में विभाग के खिलाड़ियों ने खेलो इंडिया सहित विभिन्न राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में कुल 30 पदक जीतकर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया। इनमें तीन स्वर्ण, छह रजत और 21 कांस्य पदक शामिल रहे। इसके बाद वर्ष 2024-25 में खिलाड़ियों ने 15 पदक जीतकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं वर्ष 2025-26 में भी खिलाड़ियों ने तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती, भारोत्तोलन और शूटिंग जैसी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए 30 पदक अपने नाम किए।
खेलो इंडिया प्रतियोगिताओं में भी विभाग के खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की। मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अमन राठौर ने स्वर्ण पदक जीतकर विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाया, जबकि करण ने रजत पदक अपने नाम किया। पेंचक सिलाट प्रतियोगिता में शिवानी दीक्षित ने स्वर्ण और प्रिया शर्मा ने रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके अलावा खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में विश्वविद्यालय की महिला टीम ने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर विभाग को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाई। इस सफलता ने विश्वविद्यालय की शूटिंग प्रतिभाओं को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विभाग में वर्तमान समय में बी.पी.एड., बी.पी.ई.एस., एम.पी.ई.एस., एम.ए. योग और पी.जी. डिप्लोमा इन योग जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। बी.पी.एड. पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थी शारीरिक शिक्षा शिक्षक, खेल प्रशिक्षक, फिटनेस विशेषज्ञ, योग प्रशिक्षक, खेल प्रबंधक और अन्य सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर प्राप्त कर रहे हैं।
विभाग का विजन विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शारीरिक शिक्षा प्रदान कर उन्हें उत्कृष्ट खेल उपलब्धियों और बेहतर रोजगार के लिए तैयार करना है। इसके साथ ही युवाओं में खेल प्रतिभा की पहचान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, अनुशासन, योग और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना विभाग के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
शैक्षणिक गुणवत्ता को और मजबूत बनाने के लिए विभाग में विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित सलाहकार समिति भी कार्य कर रही है। समिति में एएमयू के प्रो. एम.आर. फरीदी, एमएमएच कॉलेज गाजियाबाद के प्रो. जितेंद्र पाल, प्रो. एस.एन. सिंह सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं, जो समय-समय पर विभाग को अकादमिक और खेल गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान करते हैं।
भविष्य की योजनाओं के तहत विभाग में एम.पी.एड. और डी.पी.एड. जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। इससे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण के अधिक अवसर मिल सकेंगे। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) से A+ ग्रेड प्राप्त डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग आज उन युवाओं के लिए आदर्श केंद्र बनकर उभर रहा है, जो खेल, फिटनेस, योग और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में अपना सुनहरा भविष्य बनाना चाहते हैं। आधुनिक सुविधाएं, अनुभवी संकाय, राष्ट्रीय स्तर की सफलताएं और रोजगारपरक पाठ्यक्रम इसे विद्यार्थियों की पहली पसंद बना रहे हैं।
