• आगरा विश्वविद्यालय में मिशन शक्ति के तहत भजन संध्या व आध्यात्मिक चिंतन कार्यक्रम
• महिला छात्रावास में छात्राओं ने प्रस्तुत किए भक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
• कुलपति प्रो. आशु रानी ने छात्राओं को आध्यात्मिकता से जुड़ने का दिया संदेश
आगरा। डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के महिला छात्रावास में मिशन शक्ति फेज–5 के तहत भजन संध्या एवं आध्यात्मिक चिंतन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर छात्राओं ने भक्ति गीत प्रस्तुत किए और कुलपति ने आध्यात्मिकता के महत्व पर प्रकाश डाला।

डॉ. भीमराव आम्बेडकर विश्वविद्यालय के सावित्रीबाई फुले भवन स्थित 100 क्षमता वाले महिला छात्रावास में मिशन शक्ति फेज–5 (द्वितीय चरण) के अंतर्गत “भजन संध्या एवं आध्यात्मिक चिंतन” कार्यक्रम का अत्यंत भावपूर्ण और प्रेरणादायक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने छात्राओं को न केवल आध्यात्मिकता से जोड़ा बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक सोच को भी नई दिशा प्रदान की।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी रहीं। उनके मार्गदर्शन में छात्रावास अधीक्षिका डॉ. रत्ना पांडे के नेतृत्व में यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक गणेश वंदना से हुआ, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और श्रद्धा से भर गया।

इस अवसर पर छात्रावास की छात्राओं ने भक्ति गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिभाशाली छात्रा वैष्णवी पटेल ने अपने मधुर स्वर से भजनों की प्रस्तुति दी, वहीं पूर्णिमा त्यागी और शिवांगी ने ढोलक वादन कर कार्यक्रम में विशेष ऊर्जा का संचार किया। मंजीरों और ताल के साथ सामूहिक भजन गायन ने पूरे छात्रावास परिसर को भक्तिमय बना दिया।
कार्यक्रम की सबसे विशेष झलक तब देखने को मिली जब केंद्रीय हिंदी संस्थान से आई वियतनाम की छात्रा ने हिंदी में भजन प्रस्तुत किया। उसकी प्रस्तुति ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक विशेष बना दिया। इसके अलावा ललित कला संस्थान सहित विभिन्न संस्थानों की छात्राओं ने भी भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
इस अवसर पर लगभग 90 छात्राओं और शिक्षिकाओं की सक्रिय भागीदारी रही। कुलपति प्रो. आशु रानी ने स्वयं छात्राओं के साथ भजन गाकर कार्यक्रम में आत्मीयता और प्रेरणा का वातावरण बनाया। उन्होंने छात्राओं के उत्साह की सराहना की और छात्रावास वार्डन तथा कर्मचारियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि आध्यात्मिक कार्यक्रम छात्रों के जीवन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। उन्होंने कहा कि आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में आध्यात्मिकता से जुड़ना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह मानसिक संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ बेहतर निर्णय क्षमता विकसित करने में सहायक है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय को प्राप्त NAAC A+ ग्रेड उसकी उत्कृष्टता का प्रमाण है और छात्रों को इसी स्तर को बनाए रखते हुए अपने सर्वांगीण विकास की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने छात्रावासों में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में छात्रावास अधीक्षिका डॉ. रत्ना पांडे के साथ-साथ जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना, मिशन शक्ति फेज–5 के नोडल अधिकारी प्रो. भूपेंद्र स्वरुप शर्मा और कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनिल गुप्ता का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने आत्मिक शांति और संतोष का अनुभव किया। छात्राओं ने इस आयोजन को अत्यंत प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि इससे उन्हें मानसिक ऊर्जा और अध्ययन में एकाग्रता प्राप्त हुई है।
इस आयोजन में डॉ. मोनिका अस्थाना, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, डॉ. श्यामली गुप्ता, डॉ. नीरज कुशवाहा, डॉ. साधना, डॉ. नीतू काबरा, डॉ. प्रिया यादव, डॉ. उदिता, शिखा कन्नौजिया सहित अनेक शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। साथ ही गुंजन वर्मा, रुचि कन्नौजिया, प्राची, काजल त्रिपाठी, खुशबू दीवाकर, अर्चना, मोनिका पटेल, सुधा और सुनीता का भी विशेष सहयोग रहा।
यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक मूल्यों के समन्वय का सशक्त उदाहरण बना, जो छात्राओं के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल है।

