आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, 782608 वादों का निस्तारण
मोटर दुर्घटना, परिवार न्यायालय, बैंक और मोबाइल मामलों के लिए विशेष पीठें
जनता की सुविधा हेतु हेल्प डेस्क और पूछताछ केंद्र स्थापित
आगरा: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार आगरा में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जनपद न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने दीप प्रज्वलन कर और मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य न्याय तक आम जनमानस की पहुंच को सरल और शीघ्र बनाना था।

लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश और अन्य अपर जनपद न्यायाधीशगण ने 808 वादों का निस्तारण किया, जिसमें जुर्माना राशि 84000/- रुपये लगी। परिवार न्यायालय और अतिरिक्त परिवार न्यायालयों ने 37 वादों का समाधान किया। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण ने 107 वादों का निस्तारण करते हुए पीड़ित पक्षों को कुल 103540722/- रुपये की प्रतिपूर्ति प्रदान की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (रेलवे), सिविल जज, अपर सिविल जज और न्यायिक मजिस्ट्रेटों ने मिलकर 7647 वादों का निस्तारण किया, जिसमें 6515712/- रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग और कॉमर्शियल कोर्ट ने 20 वादों का समाधान किया, जिसमें 2284025/- रुपये जुर्माना और समझौता राशि शामिल है। वर्चुअल न्यायालय के माध्यम से 140263 मोटर वाहन चालानों का भी निस्तारण किया गया।
दीवानी कचहरी, तहसील और ब्लॉक स्तर पर पुलिस आयुक्त कार्यालय, यातायात चालान, वैवाहिक प्रीलिटिगेशन, भारत दूरसंचार निगम और समस्त फाइनेंस कंपनियों के कुल 632661 वादों का निस्तारण किया गया। टोरण्ट पावर ने 250 मामलों का निस्तारण करते हुए 2350000/- रुपये की समझौता राशि दी। विभिन्न बैंकों जैसे भारतीय स्टेट बैंक, यूको बैंक, ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावत, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, सिडिकेट बैंक और अन्य फाइनेंस कंपनियों के कुल 815 वादों का निस्तारण प्री-लिटिगेशन लोक अदालत के माध्यम से किया गया, जिसमें 123754000/- रुपये की धनराशि का समझौता हुआ।
इस आयोजन में जनता की सुविधा के लिए स्थान-स्थान पर पूछताछ केंद्र बनाए गए, जहां नामित अधिवक्ताओं और पराविधिक स्वयंसेवकों की उपस्थिति सुनिश्चित की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी, आगरा के सहयोग से हेल्थ चेकअप के लिए हेल्प डेस्क भी स्थापित किया गया। वादीगण अपने वादों का निस्तारण कराने बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और न्यायालय परिसर में वादकारियों व अधिवक्ताओं की चहल-पहल रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों के साथ बैंक और मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधि, पत्रकार, मीडियाकर्मी, पराविधिक स्वयंसेवक और अन्य कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस तरह जनपद आगरा में जिला मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 782608 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण हुआ। इस आयोजन ने न्यायिक प्रक्रिया को सरल, शीघ्र और जनता के अनुकूल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
