इंडिया स्किल्स 2025–26 नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता में 360 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाया हुनर
• केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का माध्यम
• उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने जीते कई पदक, विजेता अब राष्ट्रीय और वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
आगरा (ब्यूरो)। ताजनगरी आगरा के बीएसएनएल ग्राउंड में आयोजित इंडिया स्किल्स 2025–26 नॉर्थ रीजनल प्रतियोगिता का शनिवार को भव्य समापन हुआ। चार दिनों तक चले इस प्रतिष्ठित आयोजन में उत्तर भारत के पांच राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों के 360 से अधिक प्रतिभागियों ने 41 विभिन्न स्किल ट्रेड्स में अपने कौशल, नवाचार और तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और विजेता प्रतिभागियों को पदक व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया।

समारोह को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा कि इंडिया स्किल्स जैसी प्रतियोगिताएं युवाओं को अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर देती हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक कौशल और तकनीकी दक्षता भी उतनी ही जरूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता में देशभर से लगभग 3.5 लाख युवाओं ने भाग लिया, जिनमें से एक लाख से अधिक प्रतिभागी उत्तर प्रदेश से थे।

उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएँ युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार करती हैं और भारत को “ग्लोबल स्किल कैपिटल” बनाने के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्रीय प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे और वहां चयनित होने वाले प्रतिभागियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित वर्ल्ड स्किल्स प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से कश्मीर से लेकर उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलक भी देखने को मिली। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना भी एक बड़ी उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत–2047 के संकल्प को साकार करने के लिए शिक्षा और कौशल विकास दोनों की समान भूमिका है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में शिक्षा और कौशल विकास को नई दिशा मिली है। “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन यूनिवर्सिटी” जैसी पहलें युवाओं को स्थानीय संसाधनों और कौशल से जोड़कर विकास को गति दे रही हैं।

व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में कौशल विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के माध्यम से लाखों युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे उन्हें रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 4000 से अधिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं तक कौशल प्रशिक्षण की पहुंच सुनिश्चित हुई है। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत भी बड़ी संख्या में युवाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। साथ ही सोलर टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों में भी युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है।
नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई ने कहा कि आगरा केवल ताजमहल के लिए ही नहीं बल्कि अपनी समृद्ध कारीगरी और हस्तशिल्प परंपरा, विशेष रूप से जरी-जरदोजी और मार्बल शिल्प के लिए भी प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि अब आगरा तेजी से एक उभरते हुए स्किलिंग हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है।
प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न स्किल ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पदक प्रदान किए गए। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रंगारंग प्रस्तुतियाँ देकर समारोह को उत्साहपूर्ण बना दिया।
प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश के प्रतिभागियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए कई पदक अपने नाम किए। गोल्ड मेडल श्रेणी में कृष्ण गोपाल ने हेयर ड्रेसिंग और भोला कुमार ने वेल्डिंग ट्रेड में पहला स्थान हासिल किया। सिल्वर मेडल में गंभीर सिंह ने ब्यूटी एंड हेयर थेरेपी, सत्यनारायण ने आईसीटी नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर और साधना ने ऑटो बॉडी रिपेयर में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ब्रॉन्ज मेडल श्रेणी में अलीम आशिम ने हेयर ड्रेसिंग, शोभित पटेल ने रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग, ताल्हा अंसारी ने प्लंबिंग एंड हीटिंग तथा कल्पना यादव ने इलेक्ट्रॉनिक्स ट्रेड में पदक हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

