आगरा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में धार्मिक पर्यटन को नई दिशा देने के लिए जिले के विभिन्न मंदिरों और पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों के विकास के सुझाव प्रस्तुत किए, जबकि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग को समन्वय के साथ योजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में बटेश्वर धाम, कोठी मीना बाजार, अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति और नए प्रस्तावों की समीक्षा की गई।

आगरा के सर्किट हाउस सभागार में सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति विभाग तथा धर्मार्थ कार्य विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं और पर्यटन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने की। समीक्षा के दौरान धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने, श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार करने तथा प्रमुख धार्मिक स्थलों को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग के समन्वय से तेजी और गुणवत्ता के साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिल सके।

बैठक में विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत किए। एत्मादपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रामनगर (खंदौली) स्थित लाल मंदिर में लगभग 140 लाख रुपये की अनुमानित लागत से बहुउद्देशीय हॉल, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, पेयजल सुविधा, क्यूआर कोड युक्त साइनेज, यात्री बेंच और लैंडस्केपिंग विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसी प्रकार आगरा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के दयालबाग स्थित बालाजी धाम मंदिर के लिए भी लगभग 140 लाख रुपये की लागत से इसी प्रकार की सुविधाएं विकसित करने का सुझाव दिया गया।

खेरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के ब्लॉक सैंया स्थित ग्राम वृथला के श्री लीला विलास मंदिर में भी बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा, साइनेज, यात्री विश्राम बेंच और सौंदर्यीकरण संबंधी कार्यों का प्रस्ताव रखा गया। आगरा ग्रामीण क्षेत्र के विकास खंड अकोला स्थित घासी बाबा मंदिर में भी इसी प्रकार की पर्यटन एवं श्रद्धालु सुविधाओं को विकसित करने की योजना प्रस्तुत की गई।
आगरा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के शीतला गली स्थित प्राचीन कुटुंबी भैरोंनाथ मंदिर के लिए लगभग 140 लाख रुपये की लागत से बहुउद्देशीय हॉल, पेयजल व्यवस्था, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, सुलभ प्रसाधन, क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली, यात्री बेंच तथा लैंडस्केपिंग कार्य प्रस्तावित किए गए। वहीं आगरा कैंट विधानसभा क्षेत्र के डिफेंस एस्टेट फेज-1 स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में भी इसी प्रकार की सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव रखा गया।
फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र के अछनेरा ब्लॉक के किरावली स्थित मौनी बाबा मंदिर के लिए भी लगभग 140 लाख रुपये की योजना प्रस्तुत की गई, जिसमें श्रद्धालुओं की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, प्रसाधन, साइनेज और परिसर के सौंदर्यीकरण को शामिल किया गया। इसके अलावा आगरा दक्षिण के जयपुर हाउस स्थित आलोक नगर वार्ड संख्या-54 के चिंताहरण महादेव मंदिर परिसर के व्यापक विकास का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इस योजना के तहत हॉल निर्माण, बाउंड्री वॉल, मंदिर परिसर में फर्श, रंगाई-पुताई, गर्भगृह का चौड़ीकरण, प्रवेश द्वार का निर्माण, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, समर सबमर्सिबल, आरओ प्लांट तथा पार्क के सौंदर्यीकरण जैसे कार्य शामिल किए गए।
बैठक में बाह विधानसभा क्षेत्र के ऐतिहासिक बटेश्वर धाम को लेकर सबसे बड़ी परियोजना पर भी चर्चा हुई। यहां लगभग 1200 लाख रुपये की अनुमानित लागत से प्राचीन मंदिर समूह के हेरिटेज कंजर्वेशन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया। इस योजना का उद्देश्य बटेश्वर धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत का संरक्षण करते हुए उसे राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है। वहीं फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र के भटाकी पीपरी मेवली खुर्द स्थित शिव मंदिर में भी लगभग 140 लाख रुपये की लागत से श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी ने बैठक में विभाग की अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोठी मीना बाजार के पुनरोद्धार और सौंदर्यीकरण की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा खेरागढ़ क्षेत्र के भिलावली स्थित हनुमान मंदिर में बहुउद्देशीय हॉल, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल सुविधा, सुलभ प्रसाधन और लैंडस्केपिंग का कार्य प्रस्तावित है। बटेश्वर धाम में पार्किंग और अन्य पर्यटन सुविधाओं का विस्तार तथा अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल में कियोस्क और आधुनिक एमेनिटीज विकसित करने की योजना भी विभाग के एजेंडे में शामिल है।
बैठक के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अपने सुझाव दिए और कहा कि धार्मिक स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सभी सुझावों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित परियोजनाओं का समयबद्ध परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के केंद्र केवल पूजा-अर्चना के स्थान नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार भी हैं। इसलिए इन स्थलों का विकास गुणवत्ता, पारदर्शिता और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ किया जाना चाहिए।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष मंजू भदौरिया, महापौर हेमलता दिवाकर कुशवाह, विधायक धर्मपाल सिंह, जी.एस. धर्मेश, पुरुषोत्तम खंडेलवाल, बाबूलाल, भगवान सिंह कुशवाह, सदस्य विधान परिषद विजय शिवहरे, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष गोविंद शर्मा, मंडलायुक्त नगेंद्र प्रताप, जिलाधिकारी मनीष बंसल, पर्यटन अधिकारी शक्ति सिंह तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने पर्यटन विकास योजनाओं को गति देने और धार्मिक स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने पर सहमति जताई।
