आगरा। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान ड्यूटी पर तैनात उप स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएस) नरेंद्र सिंह चाहर को आरपीएफ जवानों ने गिराकर मारा इस दौरान वे उन्हें घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। घटना के बाद स्टेशन पर हंगामा मच गया।

इस घटना से महकमे में खलबली मच गई। प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के सामने हुए इस घटनाक्रम से स्टेशन पर अफरातफरी फैल गई और हीराकुंड एक्सप्रेस कुछ देर तक स्टेशन पर खड़ी रही। रेलवे प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर दो एएसआई समेत चार आरपीएफ जवानों को निलंबित कर दिया। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
अमृतसर से विशाखापट्नम जा रही हीराकुंड एक्सप्रेस रविवार दोपहर तकरीबन 12 बजे आगरा कैंट के प्लेटफॉर्म न एक पर आकर रुकी। इसी दौरान ट्रेन में यात्रा कर रही लुधियाना की रहने वाली महिला यात्री रंजीता राव पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतर गईं। खुले पैसे मिलने में देरी होने पर ट्रेन चलने लगी। ड्यूटी पर मौजूद डिप्टी स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर ने महिला को दौड़ते देखा तो उसकी सुरक्षा को देखते हुए गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवा दी, जिससे महिला सुरक्षित ट्रेन में सवार हो सके।
इसी दौरान मौके पर पहुंचे आरपीएफ के एएसआई और कांस्टेबलों ने ट्रेन रुकने को चेन पुलिंग का मामला समझ लिया। महिला यात्री और उनके साथ मौजूद आशीष कुमार को ट्रेन में चढ़ने से रोकते हुए उन पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाते हुए धनराशि ले ली। महिला का आरोप है कि उनसे राशि तो ली गई, लेकिन उसकी कोई रसीद नहीं दी गई। डिप्टी एसएस ने आरपीएफ कर्मियों को बताया कि ट्रेन चेन पुलिंग से नहीं, बल्कि उनके निर्देश पर रोकी गई है, लेकिन इसी बात पर विवाद बढ़ गया। कहासुनी के बाद आरपीएफ कर्मियों ने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट की, उन्हें नीचे गिराया और घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए। घटना से प्लेटफॉर्म पर हंगामा और अफरातफरी मच गई। यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई और कुछ रेल अधिकारियों ने बीच-बचाव का प्रयास भी किया, लेकिन विवाद शांत नहीं हुआ। इस दौरान हीराकुंड एक्सप्रेस भी कुछ देर तक स्टेशन पर खड़ी रही। सूचना मिलने पर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मामला शांत कराया है। महिला यात्री ने जीआरपी थाने पर प्रार्थना पत्र देकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज देखी जा रही है।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में एएससी आगरा कैंट, एडीईई, और एओएम को शामिल किया गया है। प्रथम दृष्टया मिले तथ्यों के आधार पर विभागीय कार्रवाई करते हुए एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, आरपीएफ कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे नियमों के अनुसार आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
दोषी आरपीएफ कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग
कैंट स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान उप स्टेशन अधीक्षक (डिप्टी एसएम) के साथ गिराकर मारपीट और घसीटकर आरपीएफ थाने ले जाने की घटना से रेलवे कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया। नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन (एनसीआरएमयू) के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन कर दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, निष्पक्ष जांच और रेलकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई। यूनियन के विरोध के बाद रेलवे प्रशासन ने संबंधित आरपीएफ कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
घटना के विरोध में एनसीआरएमयू के बैनर तले रेलवे कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण लेकिन जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ड्यूटी निभा रहे रेलकर्मी के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट और घसीटकर थाने ले जाने जैसी घटना पूरे रेलवे परिवार के सम्मान पर चोट है। यूनियन ने चेतावनी दी कि किसी भी कर्मचारी के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था लागू करने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व मंडल मंत्री सुकेश यादव और मंडल अध्यक्ष विजय सिंह ने किया। इस दौरान नीरज परिहार, ब्रिजपाल, अभिमन्यु, रवीन्द्र, आयुष, साजमा, मनीष कुशल पाल सहित सैकड़ों रेलकर्मी शामिल रहे।
पत्नी बच्चों को लेकर डीआरएम ऑफिस पहुंचे डिप्टी एसएम
दोषी आरपीएफ कर्मियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग
कैंट स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान उप स्टेशन अघीक्षक (डिप्टी एसएम) नरेंद्र सिंह चाहर को गिराकर पीटने और घसीटकर आरपीएफ थाने ले जाने के मामले ने रविवार को नया मोड़ ले लिया। घटना के विरोध में नरेंद्र सिंह चाहर अपनी पत्नी और बच्चों के साथ डीआरएम कार्यालय पहुंचे, जहां रेलवे अधिकारियों के साथ लंबी मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर भी पहुंचे और दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के साथ मुकदमा दर्ज किए जाने की मांग की।
बैठक डीआरएम कार्यालय से निकलकर रेलवे इंस्टीटयूट परिसर स्थित पार्क में हुई। इसमें डीआरएम के अलावा एडीआरएम, एसीएम, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम), वरिष्ठ मंडल परिचालन, आरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट, आरपीएफ के मुख्य कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में नरेंद्र सिंह चाहर ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ड्यूटी के दौरान उनके साथ गंभीर अभद्रता और मारपीट की गई। उन्होंने कहा कि उनके साथ जो व्यवहार हुआ, वह अत्यंत गलत है। उन्होंने संबंधित आरपीएफ कर्मियों से सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाने, उनके खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई करने तथा मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।
बैठक में मौजूद उनकी पत्नी ने भी घटना पर कड़ा विरोध जताते हुए दोषी कर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना से पूरे परिवार को मानसिक पीड़ा हुई है और दोषियों को दंड मिलना चाहिए।
इसी दौरान फतेहपुर सीकरी सांसद राजकुमार चाहर भी बैठक में पहुंचे। उन्होंने घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि रेलवे प्रशासन दोषी आरपीएफ कर्मियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करे। साथ ही उन्होंने संबंधित कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
डिप्टी एसएम से मारपीट मामले में चार नामजद समेत अन्य पर प्राथिमकी दर्ज
ड्यूटी के दौरान डिप्टी स्टेशन अधीक्षक नरेंद्र सिंह चाहर के साथ मारपीट, अभद्रता और घसीटकर जीआरपी थाने ले जाने के मामले में जीआरपी ने प्राथिमकी दर्ज कर ली है। पीड़ित डिप्टी एसएम की तहरीर पर जीआरपी कैंट थाने में आरपीएफ के चार नामजद कर्मियों सहित अन्य स्टाफ के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में प्राथिमकी दर्ज की गई है।
जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले में आरपीएफ के एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिसन सिंह, कांस्टेबल बदन सिंह और कांस्टेबल जितेंद्र कुमार समेत अन्य आरपीएफ कर्मियों को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धारा 151(2), 115(2), 351(2) और 352 के तहत प्राथिमकी दर्ज की गई है।

