फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव बरना में मंगलवार को उटंगन नदी में नहाने के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बकरी चराने गए आधा दर्जन किशोरों में से तीन किशोर गहरे पानी में डूबने लगे। इनमें से एक किशोर को उसके साथी ने साहस दिखाते हुए बचा लिया, जबकि दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव बरना निवासी एक ही मोहल्ले के रामलक्षिन पुत्र श्यामलाल उम्र 12 वर्ष, उनका बड़ा भाई अतुल उम्र 14 वर्ष, प्रशांत पुत्र अरविंद उम्र 12 वर्ष, अनिल पुत्र रामनिवास उम्र 15 वर्ष, प्रांशु पुत्र रामपाल उम्र 13 वर्ष तथा दीपक पुत्र वनखंडी उम्र 12 वर्ष मंगलवार सुबह अपनी-अपनी बकरियों को लेकर उटंगन नदी किनारे चराने गए थे। इसी दौरान सभी किशोर नदी में नहाने लगे।
प्रांशु ने बताया कि नहाते समय वह, अनिल और दीपक नदी से बाहर निकल आए थे, जबकि अतुल, रामलक्षिन और प्रशांत गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। यह देखकर प्रांशु ने साहस दिखाते हुए नदी में छलांग लगा दी और अतुल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इसी बीच बच्चों को डूबता देख पास में बकरी चरा रहे ग्रामीण मौके की ओर दौड़ पड़े। ग्रामीणों ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद रामलक्षिन और प्रशांत को नदी से बाहर निकाला।
दोनों किशोरों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहाबाद ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। गांव में मातम का माहौल है।
मृतक रामलक्षिन के पिता श्यामलाल मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में चार पुत्र और एक पुत्री हैं। अर्जुन उम्र 18 वर्ष, अतुल उम्र 14 वर्ष, मृतक रामलक्षिन उम्र 12 वर्ष, प्रिंस उम्र 8 वर्ष तथा महक उम्र 6 वर्ष है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं।

घटना की जानकारी मिलने पर रामलक्षिन की मां कुसमा देवी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचीं। बेटे की मौत की खबर सुनते ही वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ीं। वहां मौजूद महिलाओं ने पानी डालकर किसी तरह उन्हें होश में लाया।
वहीं मृतक प्रशांत के पिता अरविंद राजमिस्त्री का कार्य करते हैं। उनके तीन पुत्र और एक पुत्री हैं। प्रशांत परिवार का सबसे बड़ा बेटा था और कक्षा पांच का छात्र था। परिवार में अंशु उम्र 10 वर्ष, पुत्री सलौनी उम्र 8 वर्ष तथा आरके उम्र 3 वर्ष है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशांत की मां सूरजमुखी भी बेहोश हो गईं।
आसपास की महिलाएं मौके पर पहुंचीं और उन्हें संभालने का प्रयास करती रहीं। सूरजमुखी रोते-बिलखते हुए बार-बार यही कह रही थीं कि “भगवान मेरे बेटे को लौटा दो, मुझसे ऐसी क्या गलती हो गई कि मेरा सबसे बड़ा बेटा मुझसे छीन लिया।”
एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने बताया कि गांव बरना में किशोर बकरी चराने गए थे। नदी में नहाते समय हादसा हुआ है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

