आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल पार्क परिसर में कुलपति सचिवालय में वर्ष 2011 से कार्यरत सहायक कुक शमीम बानो के सम्मान में भावुक विदाई समारोह आयोजित किया गया। कुलपति प्रो. आशु रानी की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में उनके लंबे सेवाकाल, संघर्षपूर्ण जीवन, पारिवारिक जिम्मेदारियों के निर्वहन और विश्वविद्यालय में दिए गए योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने उनके जीवन को दृढ़ इच्छाशक्ति, समर्पण और आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायक मिसाल बताया।

विश्वविद्यालय परिसर के बृहस्पति भवन में आयोजित इस समारोह में कुलपति सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वर्ष 2011 से संविदा आधार पर सहायक कुक के रूप में कार्यरत शमीम बानो की सेवाओं को औपचारिक रूप से सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए उन्हें एक अनुशासित, जिम्मेदार और मृदुभाषी कर्मचारी के रूप में याद किया।
समारोह में वक्ताओं ने बताया कि निजी जीवन में कठिन परिस्थितियों के बावजूद शमीम बानो ने अपने कर्तव्यों को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी। पति के निधन के बाद छोटे बच्चों की परवरिश और शिक्षा की जिम्मेदारी उन्होंने अकेले संभाली। इस दौरान उन्होंने निरंतर मेहनत करते हुए अपने परिवार को स्थिरता प्रदान की और बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने में सहायता की।
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि शमीम बानो का स्वभाव सदैव सहयोगपूर्ण और विनम्र रहा। विश्वविद्यालय के सहकर्मियों के साथ उनका व्यवहार सहज और सम्मानजनक रहा, जिसके कारण वे पूरे परिसर में स्नेह और भरोसे का केंद्र बनी रहीं। कार्यस्थल पर उनकी उपस्थिति को हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा गया।
उनकी एक महत्वपूर्ण पहचान पारंपरिक जरदोजी कला में उनकी दक्षता भी रही। इस कला के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा, बल्कि विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान संस्थान की छात्राओं को भी प्रशिक्षण प्रदान किया। 10 दिवसीय कार्यशाला में उन्होंने छात्राओं को हस्तकला की बारीकियां सिखाईं, जिससे कई छात्राओं को स्वरोजगार की दिशा में प्रेरणा मिली।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि शमीम बानो का जीवन संघर्ष और आत्मविश्वास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी और निरंतर परिश्रम के माध्यम से अपने परिवार को एक बेहतर भविष्य दिया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय परिवार उनके योगदान को हमेशा स्मरण रखेगा और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।
विदाई समारोह के दौरान माहौल अत्यंत भावुक हो गया। उपस्थित कर्मचारियों ने उनके साथ बिताए वर्षों की यादें साझा कीं और उनके सहयोगी स्वभाव की सराहना की। कई कर्मचारियों ने कहा कि शमीम बानो का व्यवहार सभी के लिए प्रेरणादायक रहा है और उनका कार्यस्थल पर योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
कार्यक्रम में कुलसचिव अजय मिश्रा सहित कुलपति सचिवालय के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में उनके स्वस्थ, सुखद और सम्मानजनक जीवन की कामना की। समारोह में कुलदीप यादव, अतुल सक्सेना, चेतन, नेपाल, मिनेश, निखिल शर्मा, अरविंद गुप्ता, गवेन्द्र सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
समारोह के अंत में सभी ने उनके जीवन से प्रेरणा लेने और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य एवं परिश्रम बनाए रखने का संदेश दिया। विदाई के इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर भावनात्मक माहौल में डूब गया और सभी ने उन्हें स्नेहपूर्ण विदाई दी।

