बोतलों में सिमटते पानी को बचाने का संकल्प, पर्यावरण दिवस पर पौधरोपण और संरक्षण का संदेश
सार
आगरा। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आकांक्षा महिला समिति द्वारा पालीवाल पार्क में पर्यावरण जागरूकता एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को लेकर जनजागरण का संदेश दिया गया। इस दौरान पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली संस्थाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। साथ ही पौधरोपण, सीड्स बॉल वितरण और प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष डॉ. सीमा प्रताप सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि मानव शरीर और प्रकृति दोनों ही पांच तत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—से निर्मित हैं। यदि इन तत्वों का संतुलन बिगड़ता है तो उसका सीधा प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर विशेष बल देते हुए कहा कि पृथ्वी पर उपलब्ध मीठे जल का केवल एक प्रतिशत हिस्सा ही मानव उपयोग के लिए उपलब्ध है। इसके बावजूद जल का लगातार दुरुपयोग हो रहा है और संरक्षण के प्रति गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
डॉ. सीमा प्रताप सिंह ने कहा कि आज पर्यावरण असंतुलन के कारण भूजल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। आगरा के कई क्षेत्रों में भूजल स्तर लगभग 100 फीट तक नीचे पहुंच चुका है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि वर्षा पर्याप्त मात्रा में होने के बावजूद हम जल संरक्षण की प्रभावी व्यवस्था विकसित नहीं कर सके हैं। कभी गांवों और शहरों में तालाब, पोखर और कुएं जल के प्रमुख स्रोत हुआ करते थे, लेकिन आज नई पीढ़ी पानी को मुख्य रूप से बोतलों में देख रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम में रेनुका डंग ने पुनर्चक्रण यानी रीसाइक्लिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सदैव प्रकृति के सम्मान और संरक्षण की शिक्षा देती रही है। हमारी परंपराओं में नदियों को माता और पर्वतों को देव स्वरूप मानकर उनकी पूजा की जाती है। उन्होंने बताया कि एक किलोग्राम कॉटन के उत्पादन में लगभग दो लाख लीटर पानी की आवश्यकता होती है। ऐसे में संसाधनों के संरक्षण के लिए “रीसाइकिल, रीयूज और रिप्रोड्यूस” की अवधारणा को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से दैनिक जीवन में पुनर्चक्रण की आदत विकसित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे संयोजक अशु मित्तल ने बताया कि संजय प्लेस स्थित संजय पार्क के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण में योगदान देने वाली संस्थाओं एवं व्यक्तियों को इस अवसर पर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों और संस्थाओं की भागीदारी भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
इस अवसर पर इको क्लब से प्रदीप खंडेलवाल, अर्पित माहेश्वरी और राजकुमार वर्मा सहित लायंस क्लब आगरा प्रयास, संजय प्लेस मार्केट एसोसिएशन, इंडिया राइजिंग, इको मित्र, हरिहर फाउंडेशन, लोक स्वर संस्था तथा अतुल ग्रुप के प्रतिनिधियों को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक योगदान के लिए स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मानित अतिथियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। शारदा गुप्ता ने अपनी कविता “सुंदर अपना शहर बनाएं” का प्रभावशाली पाठ कर उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। उनकी कविता को उपस्थित लोगों ने सराहा और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश ग्रहण किया।
विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम स्थल पर 11 फलदार एवं छायादार पौधों का पौधरोपण किया गया। इसके साथ ही इको क्लब द्वारा उपलब्ध कराई गई सीड्स बॉल्स का वितरण किया गया और उन्हें पार्क परिसर में रोपित भी किया गया। आयोजकों ने बताया कि सीड्स बॉल्स के माध्यम से हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान लोगों को कपड़े के थैले वितरित किए गए ताकि वे प्लास्टिक बैग का उपयोग कम कर सकें। इसके अलावा पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने हेतु मिट्टी के पात्र भी वितरित किए गए। उपस्थित लोगों ने प्लास्टिक का उपयोग कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में साक्षी अग्रवाल, नीरू मेहरोत्रा, मीरा गुप्ता, नेहा चोपड़ा सहित बड़ी संख्या में पर्यावरण प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। अंत में कोषाध्यक्ष डॉ. अपर्णा पोद्दार ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर जनजागरण अभियान चलाने का संकल्प दोहराया।

