फतेहाबाद। थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव भोलपुरा के पास यमुना नदी पर निर्माणाधीन पुल का 53 मीटर लंबा स्लैब गुरुवार दोपहर अचानक भरभराकर गिर गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय मजदूर भोजन करने गए हुए थे, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। यदि उस समय कर्मचारी वहां मौजूद होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

जानकारी के अनुसार भोलपुरा गांव के पास यमुना नदी पर फिरोजाबाद को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण कार्य चल रहा है। बुधवार को 53 मीटर लंबा गार्डर खंभों पर रखा गया था। गुरुवार दोपहर करीब 2:30 बजे क्रेन की सहायता से दूसरा गार्डर स्थापित करने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान पहले से रखा गया 53 मीटर लंबा स्लैब अचानक नीचे गिर गया। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे से कुछ ही सेकंड पहले कुछ कर्मचारी स्लैब के नीचे कार्य कर रहे थे। लोगों का आरोप है कि गार्डर को पर्याप्त सपोर्ट के बिना रखा गया था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। उन्होंने सेतु निगम के अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है।
घटना की सूचना मिलते ही राजस्व निरीक्षक फतेहाबाद जितेंद्र सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल अजय सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार लोगों से भी जानकारी ली।
सेतु निगम के सुपरवाइजर शिवम चौहान ने बताया कि गार्डर को पिलर पर लकड़ी के गट्टों के सहारे रखा गया था। उनका कहना है कि लकड़ी का गट्टा निकल जाने के कारण गार्डर नीचे गिर गया। उन्होंने बताया कि हादसे में किसी व्यक्ति को चोट नहीं आई है।
तहसीलदार फतेहाबाद बबलेश कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो को मौके पर भेजा गया था। इंजीनियरों से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्लैब को स्थापित करते समय क्रेन मशीन में तकनीकी दिक्कत आने के कारण यह घटना हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुर्घटना में किसी प्रकार की जनहानि या घायल होने की सूचना नहीं है।
हालांकि हादसे के बाद निर्माण कार्य की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं।

