फतेहाबाद। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 27 स्थित टोल प्लाजा पर उस समय माहौल गरमा गया जब वहां तैनात कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर टोल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रविवार को बड़ी संख्या में टोल कर्मचारियों ने एकत्र होकर अपनी समस्याओं को लेकर प्रबंधन को मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा और स्पष्ट रूप से अपनी मांगों से अवगत कराया। कर्मचारियों ने बताया कि वे लंबे समय से कार्यरत हैं, लेकिन कार्य परिस्थितियों और सुविधाओं को लेकर उन्हें लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, केवल फतेहाबाद ही नहीं बल्कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के अलग-अलग टोल प्लाजाओं पर भी कर्मचारियों ने एक साथ अपनी मांगों को लेकर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने कहा कि वे लगातार 12-12 घंटे की ड्यूटी करने को मजबूर हैं, जबकि इसके अनुरूप न तो पर्याप्त अवकाश मिल रहा है और न ही निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन दिया जा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में कार्य अवधि को लेकर स्पष्ट व्यवस्था तय करना शामिल है। उनका कहना है कि प्रत्येक कर्मचारी के लिए अधिकतम 8 घंटे की ड्यूटी निर्धारित की जानी चाहिए, ताकि कार्य का बोझ संतुलित हो सके। इसके अलावा उन्होंने मांग की कि प्रत्येक कर्मचारी को प्रति माह चार साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य रूप से दिए जाएं, जो वर्तमान में उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
टोल कर्मचारियों ने यह भी मांग उठाई कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन सभी पदों पर पूरी तरह लागू किया जाए और सभी कर्मचारियों को समय पर मासिक वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि कई बार वेतन में देरी होती है, जिससे उनके पारिवारिक और आर्थिक जीवन पर असर पड़ता है।
ज्ञापन में कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया और उन्हें पूरा नहीं किया गया, तो वे टोल प्लाजा पर कार्य पूरी तरह से बंद कर देंगे और शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। कर्मचारियों के इस रुख से टोल संचालन से जुड़े प्रबंधन तंत्र में हलचल देखी गई।
स्थिति को देखते हुए सूचना मिलते ही टोल प्रबंधन के उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से बातचीत की। अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी मांगों को उच्च स्तर पर यानी हेड ऑफिस को भेज दिया गया है।
प्रबंधन की ओर से कर्मचारियों को यह भी भरोसा दिलाया गया कि उनकी समस्याओं पर विचार किया जा रहा है और एक माह का समय मांगा गया है। प्रबंधन ने आश्वस्त किया है कि आगामी एक माह के भीतर, यानी जुलाई माह से कर्मचारियों की मांगों का पूर्ण समाधान करने का प्रयास किया जाएगा।
इस आश्वासन के बाद फिलहाल स्थिति शांत बनी हुई है, लेकिन कर्मचारियों ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि तय समय सीमा में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता है तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इस दौरान टोल प्लाजा पर कर्मचारियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। प्रमुख रूप से सत्यपाल सिंह, जितेंद्र शर्मा, अजय शर्मा, रितिक प्रताप, निहाल सिंह, बबलू कुमार, भाव सिंह, सुनील कुमार, प्रदीप चौहान, भूपेंद्र वर्मा, महावीर सिंह, राघवेंद्र सिंह, लाखन सिंह, कलियान सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

