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Agra News: एसएन मेडिकल कॉलेज में शुरू हुआ डिजिटल जनगणना अभियान, डॉक्टरों और कर्मचारियों ने किया सेल्फ एन्यूमरेशन

Doctors and staff participating in self enumeration census campaign at SN Medical College Agra
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आगरा। भारत सरकार के जनगणना अभियान को गति देने के लिए शुक्रवार को Sarojini Naidu Medical College में स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) अभियान आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्राचार्य की मौजूदगी में डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी स्व-गणना की। प्रभारी जनगणना अधिकारी नीलम तिवारी ने कर्मचारियों को सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सही और समय पर जनगणना देश की विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए बेहद जरूरी है।

भारत सरकार द्वारा संचालित जनगणना कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को Sarojini Naidu Medical College में स्व-गणना (Self Enumeration) अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज प्रशासन, चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ तथा अन्य कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कॉलेज परिसर में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाना था, ताकि लोग स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपने परिवार और सदस्यों का सही विवरण दर्ज कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य की उपस्थिति में चिकित्सकों, कर्मचारियों और अन्य स्टाफ की स्व-गणना कराई गई। अधिकारियों ने कर्मचारियों को ऑनलाइन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी दी और बताया कि किस प्रकार मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से सुरक्षित तरीके से डेटा दर्ज किया जा सकता है। अभियान के दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने भी जनगणना से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा विस्तार से उत्तर दिया गया।

कार्यक्रम में प्रभारी जनगणना अधिकारी नीलम तिवारी ने उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन, सुरक्षित और सरल है। इसके माध्यम से नागरिक स्वयं अपने परिवार की जानकारी, सदस्यों की संख्या, शिक्षा, रोजगार, सामाजिक और अन्य आवश्यक जानकारियां सही तरीके से दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से होने वाली यह प्रक्रिया समय की बचत करने के साथ-साथ आंकड़ों की शुद्धता सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

उन्होंने बताया कि जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह देश की भविष्य की योजनाओं और नीतियों का आधार होती है। सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी, आवास, रोजगार और अन्य विकास योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का सही विवरण दर्ज होना अत्यंत आवश्यक है।

नीलम तिवारी ने कहा कि यदि किसी क्षेत्र की जनसंख्या, शिक्षा स्तर, स्वास्थ्य सुविधाओं या रोजगार से जुड़ी वास्तविक जानकारी उपलब्ध नहीं होगी, तो वहां की आवश्यकताओं के अनुरूप योजनाएं बनाना कठिन हो जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से अपील की कि वे स्वयं भी सही जानकारी दर्ज करें और अपने परिवार, परिचितों तथा आसपास के लोगों को भी स्व-गणना प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें।

कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि भारत सरकार द्वारा डिजिटल तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेल्फ एन्यूमरेशन प्रणाली लागू की गई है। इससे नागरिकों को घर बैठे ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिल रही है। इससे जनगणना कर्मचारियों पर कार्यभार कम होगा और आंकड़ों का संकलन भी अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सकेगा।

अधिकारियों ने कहा कि कई बार लोग जानकारी देने में संकोच करते हैं या गलत विवरण दर्ज करा देते हैं, जिससे सरकारी योजनाओं के संचालन पर प्रभाव पड़ता है। सेल्फ एन्यूमरेशन व्यवस्था में नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर रहे हैं, इसलिए डेटा की विश्वसनीयता और सटीकता बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि यह अभियान देश को डिजिटल और डेटा आधारित प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मेडिकल कॉलेज में आयोजित इस अभियान में डॉक्टरों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग, लॉगिन प्रक्रिया, परिवार का विवरण दर्ज करने, दस्तावेज सत्यापन और अन्य तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। कई कर्मचारियों ने मौके पर ही अपनी स्व-गणना प्रक्रिया पूरी की।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि जनगणना देश के विकास का आधार मानी जाती है। किसी भी क्षेत्र की आबादी, संसाधन, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और आर्थिक स्थिति की सही जानकारी के बिना योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव नहीं है। इसी कारण सरकार जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि आने वाले समय में डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना व्यवस्था प्रशासनिक कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाएगी। इससे विभिन्न विभागों को योजनाएं तैयार करने और संसाधनों के वितरण में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े सरकार के लिए नीति निर्माण का मजबूत आधार होते हैं और इन्हीं के आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं।

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों की भागीदारी से समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ समाज के बीच जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनका इस अभियान में शामिल होना विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम के अंत में कर्मचारियों से अपील की गई कि वे जनगणना को केवल सरकारी प्रक्रिया न समझें, बल्कि इसे देश के विकास में अपनी भागीदारी के रूप में देखें। अधिकारियों ने कहा कि सही और समय पर दी गई जानकारी आने वाले वर्षों में विकास योजनाओं का आधार बनेगी और इससे समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ मिलेगा।

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