फतेहाबाद। फतेहाबाद क्षेत्र के गुर्जा गांव में स्मार्ट मीटरों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया। शुक्रवार सुबह एक दर्जन महिलाओं ने अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर उखाड़ लिए और उन्हें सिर पर रखकर भटा की पीपरी विद्युत उपकेंद्र पहुंच गईं। महिलाओं का आरोप था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल पहले से कई गुना अधिक आने लगा है। दूसरी ओर बिजली विभाग ने मीटर उखाड़ने को गंभीर मामला बताते हुए चेतावनी दी कि यदि कोई कटिया डालकर बिजली का उपयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
स्मार्ट मीटरों को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। थाना डौकी क्षेत्र के गांव गुर्जा में शुक्रवार को उस समय अनोखा विरोध देखने को मिला जब गांव की महिलाओं ने अपने घरों में लगे स्मार्ट मीटर उखाड़ दिए और उन्हें सिर पर रखकर विद्युत उपकेंद्र तक पहुंच गईं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिलों में अचानक भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह गुर्जा गांव की करीब एक दर्जन महिलाएं अपने घरों से स्मार्ट मीटर निकालकर समूह में भटा की पीपरी स्थित विद्युत उपकेंद्र पहुंचीं। महिलाओं के हाथों और सिर पर रखे स्मार्ट मीटरों को देखकर उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारी भी हैरान रह गए। महिलाओं ने उपकेंद्र परिसर में मीटर रखकर बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई और कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल पहले की तुलना में काफी ज्यादा आने लगे हैं।
ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि पहले सामान्य मीटर के दौरान जितना बिल आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद उससे कई गुना अधिक राशि के बिल आने लगे हैं। महिलाओं ने आरोप लगाया कि गरीब परिवारों के लिए इतने भारी बिजली बिल भरना मुश्किल हो गया है। उनका कहना था कि कई परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपना घर चलाते हैं, ऐसे में लगातार बढ़ते बिजली बिलों ने घरेलू बजट बिगाड़ दिया है।
महिलाओं ने यह भी कहा कि उन्हें स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में पूरी जानकारी नहीं दी गई। कई ग्रामीणों को यह समझ नहीं आ रहा कि आखिर बिजली की खपत अचानक इतनी ज्यादा कैसे दिख रही है। महिलाओं ने मांग की कि विभाग गांव में कैंप लगाकर मीटरों की जांच कराए और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराए।
विरोध प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने कहा कि यदि बिजली विभाग उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करेगा तो ग्रामीण आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। महिलाओं का कहना था कि वे बिजली का नियमित बिल जमा करती रही हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद आने वाले बिलों ने उन्हें परेशान कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई संतोषजनक समाधान नहीं मिला।
गांव में हुए इस विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बिजली विभाग के अधिकारियों में भी हलचल मच गई। विद्युत उपखंड अधिकारी फतेहाबाद गौरव राजपूत ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि गुर्जा गांव के करीब 10 लोगों ने अपने घरों से मीटर उखाड़ दिए हैं। उन्होंने कहा कि मीटर उखाड़ना नियमों के विरुद्ध है और विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
उपखंड अधिकारी ने साफ चेतावनी दी कि यदि कोई व्यक्ति मीटर हटाने के बाद कटिया डालकर या अवैध तरीके से बिजली का उपयोग करता पाया गया तो उसके खिलाफ विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग बिजली चोरी और अवैध कनेक्शनों के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को पारदर्शी बिलिंग सुविधा देने के लिए लगाए जा रहे हैं। इन मीटरों के माध्यम से वास्तविक बिजली खपत का आंकड़ा सीधे रिकॉर्ड होता है, जिससे रीडिंग में गड़बड़ी की संभावना कम हो जाती है। विभाग का दावा है कि स्मार्ट मीटर तकनीक से उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सही जानकारी मिलती है और बिलिंग प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनती है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्ट मीटरों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं द्वारा अधिक बिल आने की शिकायतें की जा चुकी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें स्मार्ट मीटर की तकनीकी प्रक्रिया समझ नहीं आती और अचानक बढ़े बिलों ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। यही वजह है कि कई जगहों पर विरोध के स्वर सुनाई देने लगे हैं।
गुर्जा गांव में महिलाओं द्वारा किया गया यह विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों का कहना था कि यदि विभाग समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं करेगा तो आने वाले समय में विरोध और बढ़ सकता है। कई ग्रामीणों ने बिजली विभाग से गांव में खुली बैठक कर उपभोक्ताओं की समस्याएं सुनने और मीटरों की जांच कराने की मांग की।
दूसरी ओर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को बिल या मीटर को लेकर कोई शिकायत है तो वह विभागीय कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है। अधिकारियों के अनुसार तकनीकी जांच के बाद यदि कोई गड़बड़ी मिलती है तो आवश्यक सुधार किया जाएगा। लेकिन मीटर उखाड़ना या अवैध रूप से बिजली का उपयोग करना कानूनन अपराध है।
गांव में हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में स्मार्ट मीटरों को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर उपभोक्ता बढ़ते बिजली बिलों को लेकर नाराज दिखाई दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग स्मार्ट मीटर प्रणाली को पारदर्शी और आधुनिक व्यवस्था बता रहा है। अब देखना होगा कि विभाग ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान किस प्रकार करता है और गांव में बढ़ते असंतोष को कैसे शांत किया जाता है।

