आगरा। आगरा में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मनीष बंसल ने स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। गांव-गांव प्लास्टिक कचरे की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकालकर जनजागरूकता अभियान चलाने, प्रत्येक ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित करने, भीषण गर्मी में पंचायत स्तर पर प्याऊ और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा लंबित शौचालय आवेदनों का एक सप्ताह में सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर एडीओ फतेहाबाद के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।

कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत जिला स्वच्छता समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वच्छता से जुड़े विभिन्न कार्यों, योजनाओं और प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बैठक की शुरुआत स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा से हुई। अधिकारियों ने बताया कि जनपद को कुल 3000 व्यक्तिगत शौचालयों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसके सापेक्ष अब तक 540 लाभार्थियों को प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित कर निर्माण कार्य पूरा कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त 650 लाभार्थियों के भुगतान के लिए क्रेडिट लिमिट की मांग निदेशालय को भेजी गई है।

इस पर जिलाधिकारी ने शेष पात्र लाभार्थियों को चिह्नित कर मानकों के अनुरूप निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि द्वितीय किश्त जारी करने से पहले लाभार्थी का नाम, पहचान संबंधी विवरण और जीपीएस आधारित फोटो के साथ एडीओ पंचायत द्वारा प्रमाणित सूची आगामी बैठक में प्रस्तुत की जाए।

बैठक में नए व्यक्तिगत शौचालयों के लंबित आवेदनों की भी समीक्षा की गई। इसमें बरौली अहीर ब्लॉक में सर्वाधिक 605 आवेदन लंबित पाए गए। इसके अलावा अकोला में 389, फतेहाबाद में 330, बिचपुरी में 275, एत्मादपुर में 178, बाह में 156 और अछनेरा में 101 आवेदन लंबित मिले। कुल मिलाकर 3882 आवेदन लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी जताई और एक सप्ताह के भीतर सभी आवेदनों का सत्यापन कर मुख्यालय को रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जनपद में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना और प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने बताया कि खंदौली और अकोला ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि बाह, खेरागढ़ और शमशाबाद में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान यूनिट स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन इकाइयों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और संचालन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। साथ ही प्रत्येक ब्लॉक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट स्थापित करने के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक में मॉडल ओडीएफ प्लस ग्राम योजना की भी समीक्षा हुई। बताया गया कि कार्य पूर्ण होने के बावजूद 10 ग्राम पंचायतों में तकनीकी समस्याओं के कारण ओडीएफ प्लस का दर्जा नहीं मिल पाया है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों से पत्राचार कर समस्याओं का निस्तारण कराने और पहले से घोषित पंचायतों का पुनः सत्यापन कराने के निर्देश दिए।
व्यक्तिगत शौचालयों की रेट्रोफिटिंग कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत कराए गए कार्यों की जनपद स्तरीय अधिकारियों से रैंडम जांच कराई जाए। जांच के दौरान खर्च की गई धनराशि, मौके पर कराए गए कार्य और रेट्रोफिटिंग की वास्तविक आवश्यकता जैसे बिंदुओं की जांच कर फोटो सहित रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
बैठक में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) की स्थापना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सामान्य तौर पर छह से दस आईएलडी क्षमता वाले एफएसटीपी के लिए एक एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है और इसके लिए ग्रामीण अथवा शहरी आबादी से 250 से 500 मीटर की दूरी होना जरूरी है। जनपद को चार एफएसटीपी यूनिटों का लक्ष्य मिला है, लेकिन ग्राम प्रधानों की ओर से पर्याप्त रुचि नहीं दिखाई जा रही है। इस पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और एसडीएम के समन्वय से भूमि उपलब्ध कराने तथा प्रत्येक ब्लॉक में लक्ष्य के अनुरूप प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय प्लास्टिक कचरे के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान को लेकर रहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी ग्राम पंचायतों में एक विशेष दिन निर्धारित किया जाए, जिसमें स्कूली बच्चों, युवा मंगल दल, ग्राम प्रधानों, पंचायत सचिवों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इस अभियान के तहत श्रमदान करते हुए गांवों में प्लास्टिक कचरा एकत्र किया जाएगा और प्रतीकात्मक रूप से प्लास्टिक कचरे की शवयात्रा निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को प्लास्टिक और पॉलीथिन के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और इसके उपयोग में कमी लाना होगा।
जिलाधिकारी ने पंचायत सफाई कर्मचारियों को भी निर्देशित किया कि प्रत्येक माह अपनी पंचायत से कम से कम 10-10 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा और अनुपयोगी पॉलीथिन एकत्र करने का लक्ष्य पूरा करें तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
बैठक में अछनेरा, बरौली अहीर और खंदौली ब्लॉकों में जलभराव की समस्या पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने मानसून से पहले नालों और नालियों की प्रभावी सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न न हो।
इसके अलावा पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापना की समीक्षा में बताया गया कि अब तक 104 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। इनमें फर्नीचर सहित अन्य संसाधनों की व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से पूरी की गई है। जिलाधिकारी ने स्थापित लाइब्रेरियों की फोटो एलबम प्रस्तुत करने और 31 मई तक सभी प्रस्तावित सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
भीषण गर्मी को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी एडीओ पंचायतों को सामुदायिक स्थलों, हाट-पैठ और अन्य प्रमुख स्थानों पर छाया, प्याऊ, शीतल पेयजल और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा इसकी फोटो सहित रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक के अंत में एडीओ फतेहाबाद के बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, पीडीडीआरडीए रेनू कुमारी, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार, एडीपीआरओ विनोद कुमार असोल, संदीप वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज मौर्य, ब्लॉक प्रमुख और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
