सावधान! आगरा में तीन दिन रेड अलर्ट, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी
सार
आगरा में लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव के गंभीर खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूल संचालन में बड़ा बदलाव किया है। नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएगी। मौसम विभाग ने 19 से 21 मई तक रेड अलर्ट और 22 से 24 मई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

आगरा। जनपद में लगातार बढ़ते तापमान और हीटवेव की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। भीषण गर्मी के कारण नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, जबकि कक्षा 9 से 12 तक की पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों का पालन नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी मनीष बंसल के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर द्वारा इस संबंध में आदेश जारी किए गए। जारी निर्देश के अनुसार यह आदेश जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त, वित्तविहीन तथा विभिन्न बोर्डों से मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भारत सरकार की जनगणना प्रक्रिया के तहत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की स्वगणना का कार्य 20 मई तक पूरा कराया जाएगा। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी प्रतियोगी परीक्षाओं, डीएलएड परीक्षा, प्रशिक्षण कार्यक्रमों या अन्य प्रशासनिक कार्यों में लगाई गई है, वे पहले से जारी आदेशों के अनुसार कार्य करते रहेंगे।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार आगरा में तापमान लगातार रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सुबह के समय वातावरण में 47 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई, जबकि शाम तक यह घटकर 19 प्रतिशत रह गई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि कम आर्द्रता और अत्यधिक तापमान की स्थिति लू के प्रभाव को और अधिक गंभीर बना सकती है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के राज्य मौसम पूर्वानुमान केंद्र, लखनऊ से प्राप्त जानकारी के अनुसार 19 मई से 21 मई तक जनपद में भीषण हीटवेव की स्थिति रहने की संभावना है, जिसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 22 मई से 24 मई तक ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक अधिकतम तापमान लगभग 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। साथ ही दिन के समय तेज सतही हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है। कुछ दिनों तक ‘वार्म नाइट’ की स्थिति भी बनी रह सकती है, जिसका अर्थ है कि रात में भी सामान्य से अधिक गर्मी महसूस होगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि हीटवेव एक ऐसी स्थिति होती है, जब सामान्य तापमान की तुलना में अत्यधिक तापमान लंबे समय तक बना रहता है। उच्च आर्द्रता और वातावरण की परिस्थितियां शरीर को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करती हैं, जिससे डिहाइड्रेशन, ऐंठन, कमजोरी और कई स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
प्रशासन ने विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बीमार व्यक्तियों, श्रमिकों और कमजोर वर्ग के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। शहरों में बढ़ते तापमान के कारण अर्बन हीट आइलैंड की स्थिति भी बन सकती है, जहां सामान्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक गर्मी महसूस होती है।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से लोगों को दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है। लोगों को हल्के रंग के सूती और ढीले कपड़े पहनने, सिर को टोपी, गमछे या छाते से ढककर रखने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
लोगों से ओआरएस घोल, नारियल पानी, लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी, छाछ और आम का पन्ना जैसे घरेलू पेय पदार्थों का सेवन करने को कहा गया है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
इसके साथ ही प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बच्चों और पालतू जानवरों को कभी भी बंद खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ें, क्योंकि वाहन बहुत तेजी से खतरनाक तापमान तक गर्म हो सकते हैं। लोगों को दोपहर के समय अधिक श्रम वाले कार्यों से बचने, अत्यधिक प्रोटीन युक्त भोजन और बासी खाने से दूरी बनाने की सलाह भी दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से रेडियो, टीवी और समाचार माध्यमों के जरिए मौसम की जानकारी लेते रहने और किसी भी प्रकार की कमजोरी, चक्कर या स्वास्थ्य समस्या होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
