सार
आगरा में थाना हरीपर्वत पुलिस ने वाहन और मोबाइल चोरी करने वाले एक शातिर गैंग का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग आईएसबीटी क्षेत्र और अन्य इलाकों में वाहन चोरी तथा ऑटो में सफर करने वाले यात्रियों के मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की कई बाइकें, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने कई वारदातों का खुलासा किया है, जबकि पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।

आगरा। थाना हरीपर्वत पुलिस ने वाहन और मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर गैंग का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस कार्रवाई में चोरी की कई बाइकें, मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चोरी और मोबाइल स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए अभियान के दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने कई चोरी की घटनाओं में शामिल होने की बात स्वीकार की है। पुलिस को उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी से कई अन्य मामलों का भी खुलासा हो सकता है।
पुलिस के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से चोरी की एक एक्टिवा स्कूटी, दो बुलेट मोटरसाइकिल, एक अपाचे बाइक तथा घटना में प्रयुक्त एक अन्य मोटरसाइकिल बरामद की गई है। इसके अलावा दो चोरी के मोबाइल फोन और 300 रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। बरामद वाहनों की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संबंध किन-किन घटनाओं से है।
जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण तथ्य यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी किए गए वाहनों को तुरंत बेचने की बजाय उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छिपाकर रखते थे। पुलिस जांच में पता चला कि दोनों आरोपी चोरी की बाइक और अन्य वाहनों को बिल्लोचपुरा रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों में छिपाकर रखते थे, ताकि उन पर किसी की नजर न पड़े और पुलिस भी आसानी से उन तक नहीं पहुंच सके।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर बताए गए स्थान पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया, जहां से कई चोरी के वाहन बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने काफी सोच-समझकर यह तरीका अपनाया था, लेकिन तकनीकी और स्थानीय सूचनाओं की मदद से पुलिस उनकी गतिविधियों तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कैलाशपुरी और ओल्ड मथुरा रोड क्षेत्र में हुई कई वाहन चोरी की घटनाओं के पीछे भी यही गैंग सक्रिय था। आरोपियों ने इन क्षेत्रों में कई वाहनों को निशाना बनाया था। इसके अलावा पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ऑटो में यात्रा करने वाले लोगों को भी निशाना बनाते थे। यात्रियों की असावधानी का फायदा उठाकर उनके मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे और बाद में उन्हें बेचने या अपने इस्तेमाल में लेने की कोशिश करते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार दोनों आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वे पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं। साथ ही गैंग से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है।

