आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय अपने आगामी शताब्दी स्थापना समारोह को भव्य और यादगार बनाने की तैयारियों में जुट गया है। इसी क्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए आयोजित ऑडिशन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें से 42 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। चयनित विद्यार्थी अब विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। नाट्य, गायन, वादन, नृत्य और उद्घोषणा जैसी विभिन्न विधाओं में हुए इस चयन का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना और विश्वविद्यालय के गौरव को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है। चयनित विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा, ताकि वे अपने प्रदर्शन को और बेहतर बना सकें।

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा आगामी 1 जुलाई 2026 को शताब्दी स्थापना समारोह भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय अपने 100 वर्षों की इस ऐतिहासिक यात्रा को यादगार बनाने की दिशा में लगातार तैयारियों में जुटा हुआ है। इसी क्रम में शताब्दी कार्यक्रम समिति द्वारा 20 और 21 मई को ललित कला संस्थान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए छात्र-छात्राओं के ऑडिशन आयोजित किए गए।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर आशु रानी की प्रेरणा से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर उपलब्ध कराना और विश्वविद्यालय के गौरव को बढ़ाना था। कार्यक्रम का मूल उद्देश्य “प्रतिभा दिखाएं, विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाएं” रखा गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को मंच प्रदान करने की दिशा में विशेष प्रयास किए गए।
दो दिनों तक चले इस ऑडिशन में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में नाट्य कला, गायन, वादन, नृत्य और उद्घोषणा जैसी विभिन्न विधाओं को शामिल किया गया था। विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से न केवल अपनी कला और क्षमता का प्रदर्शन किया बल्कि अपनी रचनात्मक सोच और आत्मविश्वास की भी झलक दिखाई।
शताब्दी कार्यक्रम समिति के संयोजक प्रोफेसर मोहम्मद अरशद ने बताया कि दो दिनों तक आयोजित इस चयन प्रक्रिया में विद्यार्थियों ने काफी उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने बताया कि अंतिम दिन आयोजित ऑडिशन में कुल 77 छात्र-छात्राओं ने भागीदारी की, जिनमें से 42 प्रतिभागियों का चयन किया गया। चयनित विद्यार्थी विश्वविद्यालय के शताब्दी स्थापना समारोह के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं होगा, बल्कि यह विश्वविद्यालय की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभाओं का भी उत्सव होगा। इस अवसर पर विद्यार्थियों को अपनी क्षमता और रचनात्मकता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त होगा।
समिति द्वारा चयनित विद्यार्थियों के लिए 22 मई से विशेष प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा, जिसमें विद्यार्थियों को मंचीय प्रस्तुतियों से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मंच संचालन, प्रस्तुति शैली, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारी से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया जाएगा।
ऑडिशन समिति में डॉ. देवाशीष गांगुली, डॉ. वैशाली शर्मा, डॉ. कल्याणी गुप्ता, डॉ. नीरज कुशवाह और पुरुषोत्तम मयूरा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चयन प्रक्रिया को व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने में समिति के सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।
समिति ने विद्यार्थियों के उत्साह और प्रतिभा की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि आगामी शताब्दी समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास का एक यादगार अध्याय बनेगा। साथ ही यह आयोजन विद्यार्थियों की रचनात्मक क्षमता को सामने लाने और विश्वविद्यालय की पहचान को और मजबूत करने का कार्य करेगा।

