आगरा। जिलाधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उद्योगों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में आगरा की प्राचीन जरदोजी कला को “एक जनपद एक उत्पाद” (ओडीओपी) योजना में शामिल करने के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति, सैटेलाइट बस स्टेशन, औद्योगिक क्षेत्र विकास, युवा उद्यमी योजना और उद्योगों से जुड़ी अन्य समस्याओं पर भी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिले में उद्योगों के विकास, स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने और औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर प्रशासन लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है। इसी क्रम में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष बंसल ने की, जिसमें उद्योगों से जुड़े विकास कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
बैठक के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों में आगरा की प्राचीन जरदोजी कला को नई पहचान दिलाने का विषय प्रमुख रहा। वर्तमान में एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के अंतर्गत लेदर प्रोडक्ट और स्टोन/मार्बल हैंडीक्राफ्ट शामिल हैं, लेकिन उद्योग बंधुओं की पहल पर अब प्राचीन जरदोजी कार्य को भी इस योजना में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जरदोजी कार्य से जुड़े कारीगरों, इकाइयों और उससे संबंधित अन्य आवश्यक विवरणों को शामिल करते हुए विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया जाए और शासन को भेजा जाए। माना जा रहा है कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो प्राचीन जरदोजी कला को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सकती है, जिससे स्थानीय कारीगरों और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिलेगा।
बैठक में विगत बैठकों के लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई। गढ़ी महासिंह सब-स्टेशन, एत्मादपुर से संबंधित औद्योगिक इकाइयों को विद्युत आपूर्ति में आने वाली समस्याओं पर विशेष चर्चा की गई। बताया गया कि बिजली की लाइनों के पेड़ों की टहनियों के संपर्क में आने से बार-बार लाइन ट्रिपिंग की समस्या सामने आ रही है।
संबंधित अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि इंसुलेटेड केबल लगाने के लिए लगभग 9 लाख 31 हजार रुपये का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा गया है और धनराशि स्वीकृत होने के बाद कार्य शुरू किया जाएगा। इस मामले के लंबे समय तक लंबित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर अधिशासी अभियंता विद्युत के वेतन रोकने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में फाउंड्री नगर स्थित सैटेलाइट बस स्टेशन से बस संचालन का मुद्दा भी चर्चा में रहा। क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज द्वारा बताया गया कि बस स्टेशन का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका लोकार्पण कराया जाएगा। साथ ही यह भी जानकारी दी गई कि शासन स्तर से इस बस स्टेशन को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए 138 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है और टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में इस बस स्टेशन से लगभग नौ हजार यात्रियों को सुविधा मिल चुकी है। भविष्य में इसके बड़े स्तर पर विकसित होने के बाद यात्रियों को और बेहतर सुविधाएं मिलने की संभावना जताई गई।
बैठक के दौरान सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन की स्थापना से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई। संबंधित अधिकारियों को भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित लक्ष्य पूरे कर लिए गए हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने योजना में एक हजार अतिरिक्त लक्ष्य बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार और उद्योग से जोड़ा जा सके।
बैठक में उद्योग बंधुओं द्वारा विद्युत व्यवस्था, साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने, सड़क मरम्मत और नालों की सफाई जैसे कई मुद्दे भी उठाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को इन समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व संदीप वर्मा, अपर जिलाधिकारी न्यायिक धीरेंद्र सिंह, अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, उपायुक्त उद्योग शैलेन्द्र सिंह और जिला उद्योग बंधु समिति के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए कि उद्योगों के विकास और स्थानीय कला एवं रोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
