सार
आगरा के सिकंदरा स्थित फल एवं सब्जी मंडी में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने विशेष निरीक्षण अभियान चलाते हुए खराब गुणवत्ता वाली खाद्य सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान मंडी परिसर में बिक्री के लिए रखी गई लगभग 200 किलोग्राम खराब और सड़ी-गली फल एवं सब्जियों को नष्ट कराया गया, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 5350 रुपये बताई गई है। इसके साथ ही विभागीय टीम ने खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीयन की जांच करते हुए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्रवाई के बाद मंडी परिसर में खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर चर्चा तेज हो गई।

आगरा। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशों के क्रम में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग लगातार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचाने के उद्देश्य से विशेष अभियान चला रहा है। इसी क्रम में आगरा में भी विभागीय स्तर पर निरीक्षण अभियान संचालित किया गया। सहायक आयुक्त खाद्य-II के नेतृत्व में विभाग की टीम ने सिकंदरा स्थित फल एवं सब्जी मंडी परिसर पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

फल एवं सब्जी मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में फल और सब्जियों की आपूर्ति भी यहीं से होती है। ऐसे में यदि खराब या सड़ी-गली खाद्य सामग्री बाजार में पहुंचती है तो उसका सीधा असर आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा समय-समय पर निरीक्षण और जांच अभियान चलाए जाते हैं ताकि लोगों तक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री पहुंच सके।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने मंडी में मौजूद व्यापारियों और खाद्य कारोबारियों से बातचीत भी की। अधिकारियों ने उन्हें खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी और बताया कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता बनाए रखना प्रत्येक कारोबारी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि फल और सब्जियों को स्वच्छ वातावरण में रखा जाना चाहिए ताकि उनकी गुणवत्ता प्रभावित न हो और उपभोक्ताओं तक ताजा उत्पाद पहुंच सकें।

अभियान के दौरान विभागीय टीम ने मंडी परिसर में रखी गई विभिन्न खाद्य सामग्री की जांच की। जांच के दौरान कुछ फल और सब्जियां ऐसी पाई गईं जिनकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं थी और उनमें खराबी के स्पष्ट संकेत दिखाई दिए। इसके बाद विभाग ने मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई करते हुए खराब सामग्री को हटाने और नष्ट कराने की प्रक्रिया शुरू कराई।

विभाग द्वारा नष्ट कराई गई सामग्री में लगभग 15 किलोग्राम शिमला मिर्च, 40 किलोग्राम टमाटर, 40 किलोग्राम खरबूजा, 10 किलोग्राम गोभी, 10 किलोग्राम हरी मिर्च, 25 किलोग्राम खीरा और लगभग 60 किलोग्राम तरबूज शामिल रहे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार कुल लगभग 200 किलोग्राम खाद्य सामग्री को नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 5350 रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान विभागीय अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस और पंजीयन दस्तावेजों की भी जांच की। टीम ने कारोबारियों को निर्देश दिए कि वे अपने लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र को निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित करें ताकि निरीक्षण के दौरान आवश्यक जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। इसके अलावा कारोबारियों को स्वच्छता मानकों का पालन करने और खाद्य पदार्थों के रखरखाव में विशेष सावधानी बरतने के लिए भी कहा गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा केवल सरकारी विभाग की जिम्मेदारी नहीं बल्कि इसमें खाद्य कारोबारियों और आम नागरिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यदि किसी स्थान पर खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिलती है तो उसकी सूचना विभाग को दी जा सकती है ताकि समय पर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी इस प्रकार के अभियान लगातार जारी रहेंगे और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे अभियान में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और मंडी समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। विभागीय कार्रवाई के बाद मंडी क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
