• सुबह करीब पांच बजे दीवार गिरने से छप्पर के नीचे बंधी बकरियां मलबे में दबी
• ग्रामीणों ने मलबा हटाकर बकरियां निकालीं, लेकिन तब तक हो चुकी थी मौत
• पुलिस व राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
फतेहाबाद: फतेहाबाद तहसील के थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव ठीपुरी में मंगलवार रात हुई बारिश के बाद बुधवार तड़के एक कच्ची दीवार ढह गई, जिसके नीचे बंधी किसान की सात बकरियां मलबे में दबकर मर गईं। अचानक हुए इस हादसे से किसान परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की, जिसके आधार पर पीड़ित किसान को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

फतेहाबाद तहसील क्षेत्र के थाना निबोहरा अंतर्गत गांव ठीपुरी में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया। मंगलवार देर रात हुई बारिश के कारण एक कच्ची दीवार ढह गई, जिसके नीचे बंधी सात बकरियां मलबे में दब गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद किसान परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।
गांव ठीपुरी निवासी किसान शंकरलाल पुत्र सरवन सिंह ने बताया कि उनके घर के पास एक कच्ची दीवार बनी हुई थी। उसी दीवार के सहारे एक छप्पर डाला गया था, जिसके नीचे वे अपनी बकरियां बांधते थे। रोज की तरह मंगलवार रात को भी सातों बकरियों को उसी स्थान पर बांध दिया गया था। रात में क्षेत्र में हुई बारिश के कारण कच्ची दीवार में सीलन आ गई और दीवार काफी कमजोर हो गई थी।
बुधवार सुबह करीब पांच बजे अचानक दीवार भर-भराकर गिर गई। दीवार गिरते ही उसके सहारे डला छप्पर भी नीचे आ गया और नीचे बंधी सभी बकरियां मलबे में दब गईं। दीवार गिरने की तेज आवाज सुनकर किसान शंकरलाल और उनके परिवार के सदस्य घर से बाहर दौड़े। घटना की जानकारी होते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों ने तुरंत मलबा हटाने का प्रयास शुरू किया। काफी देर तक मलबा हटाकर बकरियों को बाहर निकालने की कोशिश की गई। जब बकरियों को बाहर निकाला गया तो सभी सात बकरियां मृत पाई गईं। यह देखकर किसान परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के लोग इस घटना से गहरे सदमे में हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बकरियां किसान परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण साधन थीं। अचानक हुए इस हादसे से परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। गांव के लोगों ने बताया कि गरीब किसान के लिए सात बकरियों का एक साथ मर जाना बहुत बड़ा झटका है।
घटना की सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत नागर के पूर्व प्रधान लोटन सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से किसान को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण कई ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची दीवारें और मकान कमजोर हो जाते हैं, जिससे इस तरह के हादसों का खतरा बना रहता है।
हादसे की जानकारी मिलने के बाद थाना निबोहरा पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने ग्रामीणों से घटना के बारे में जानकारी ली और स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही राजस्व विभाग को भी घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। लेखपाल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया और पूरी रिपोर्ट तैयार की। राजस्व विभाग द्वारा इस रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा ताकि पीड़ित किसान को सरकारी नियमों के तहत सहायता प्रदान की जा सके।
तहसीलदार फतेहाबाद बबलेश कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद लेखपाल को मौके पर भेजा गया था। लेखपाल ने स्थल का निरीक्षण कर पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और शासन की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार किसान को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
इस घटना के बाद गांव में काफी देर तक लोगों की भीड़ लगी रही। हर कोई इस हादसे को लेकर दुख व्यक्त कर रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में कच्चे मकानों और दीवारों के गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों की स्थिति का सर्वे कराना चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
वहीं किसान शंकरलाल का कहना है कि बकरियों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग करते हुए कहा कि यदि उन्हें सरकारी मदद मिल जाती है तो कुछ हद तक उनके नुकसान की भरपाई हो सकेगी।

