• आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर ट्रक से बाइक पर राशन ले जाते युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल
• लोगों ने सस्ते गल्ले के राशन की कालाबाजारी का लगाया आरोप, मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार
• पूर्ति निरीक्षक का दावा—पहली डिलीवरी में डेढ़ कुंटल राशन कम था, वही लेने गया था दुकानदार
फतेहाबाद: फतेहाबाद में आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर ट्रक से बाइक पर राशन ले जाते एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में सस्ते गल्ले के राशन की कालाबाजारी की चर्चाएं तेज हो गईं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे, हालांकि तब तक ट्रक चालक वहां से जा चुका था।

पूर्ति निरीक्षक ने मामले में सफाई देते हुए बताया कि संबंधित दुकानदार को पहली डिलीवरी में लगभग डेढ़ कुंटल राशन कम मिला था, जिसे वह दूसरी गाड़ी से बाइक पर अपनी दुकान तक ले जा रहा था।
फतेहाबाद क्षेत्र में सस्ते गल्ले के राशन को लेकर बुधवार को उस समय चर्चा तेज हो गई जब आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर ट्रक से बाइक पर राशन ले जाते एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों के बीच कालाबाजारी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। हालांकि खाद्य एवं रसद विभाग ने मामले में सफाई देते हुए इसे डिलीवरी में कमी के कारण राशन ले जाने का मामला बताया है।
जानकारी के अनुसार सरकार की ओर से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सस्ते गल्ले की दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए खाद्य विभाग के गोदामों से ट्रकों के माध्यम से राशन भेजने की व्यवस्था की गई है। तय व्यवस्था के तहत ट्रक विभिन्न दुकानों तक राशन पहुंचाते हैं और डीलरों को वहीं से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
फतेहाबाद में आगरा-फतेहाबाद मार्ग पर स्थित राजकीय महाविद्यालय के सामने अधिकांश ट्रक रुकते हैं और वहीं से क्षेत्र के राशन डीलरों को खाद्यान्न दिया जाता है। बुधवार को इसी स्थान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें एक युवक अपनी बाइक पर तीन कट्टे रखकर ट्रक से राशन लेकर जाता दिखाई दे रहा है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि बाइक सवार व्यक्ति अपनी मोटरसाइकिल पर तीन बोरे रखकर ले जा रहा है। आसपास मौजूद कुछ लोग उससे बातचीत भी करते नजर आते हैं। वीडियो में बातचीत के दौरान बाइक सवार व्यक्ति यह कहते हुए सुनाई देता है कि पहले उसकी दुकान पर जो राशन पहुंचाया गया था उसमें तीन कट्टे कम थे, इसलिए वह अब ट्रक से वही राशन लेकर जा रहा है।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही स्थानीय लोगों के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों ने आशंका जताई कि कहीं सस्ते गल्ले के राशन की कालाबाजारी तो नहीं हो रही है। कुछ लोगों ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की।
वीडियो और लोगों की शिकायतों की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया। नायब तहसीलदार प्रमोद कुमार भी मौके पर पहुंचे और मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया। हालांकि जब तक वे वहां पहुंचे, तब तक ट्रक चालक ट्रक लेकर मौके से जा चुका था। इसके कारण मौके पर पूरी स्थिति की तत्काल जांच करना संभव नहीं हो सका।
मामले को लेकर जब पूर्ति निरीक्षक फतेहाबाद पुष्पकान्त यादव से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो को लेकर विभाग ने जानकारी जुटाई है। उनके अनुसार संबंधित दुकानदार को जो राशन की डिलीवरी दी गई थी उसमें लगभग डेढ़ कुंटल के करीब खाद्यान्न कम रह गया था।
पूर्ति निरीक्षक के अनुसार कमी की जानकारी मिलने के बाद दुकानदार उसी ट्रक से शेष राशन लेने के लिए गया था। ट्रक से तीन कट्टे राशन मिलने के बाद वह उन्हें अपनी बाइक से दुकान तक ले जा रहा था। उन्होंने कहा कि यह कोई कालाबाजारी का मामला नहीं है, बल्कि डिलीवरी में कमी रह जाने के कारण राशन को पूरा करने की प्रक्रिया थी।
फिर भी विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाला राशन पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र लोगों तक पहुंचे। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सस्ते गल्ले की दुकानों से जुड़ा मामला होने के कारण इस तरह के वीडियो सामने आने पर लोगों में स्वाभाविक रूप से संदेह पैदा हो जाता है। इसलिए प्रशासन को इस तरह की घटनाओं की स्पष्ट जांच कर स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की भ्रांतियां न फैलें।
फिलहाल वायरल वीडियो को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारी मामले पर नजर बनाए हुए हैं और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही जा रही है।

