- जनगणना 2027 का पहला चरण 22 मई से शुरू, पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी।
- 07 से 21 मई तक स्वगणना पोर्टल खुलेगा, नागरिक स्वयं जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
- प्रगणक और सुपरवाइजर को तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिलाधिकारी ने गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण पर जोर दिया।
आगरा। जनगणना 2027 की तैयारियां पूरी जोरों पर हैं। जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में अपर जिला जनगणना अधिकारी, उपजिलाधिकारी और चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और नागरिकों को स्वगणना की सुविधा भी दी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 25 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें प्रगणक और सुपरवाइजर को मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया।

आगरा में जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर जिला जनगणना अधिकारी, उपजिलाधिकारी और चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिलाधिकारी ने बैठक में बताया कि जनगणना का पहला चरण 22 मई से शुरू होगा और इस बार आमजन स्वयं डिजिटल पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। डिजिटल प्रक्रिया के तहत प्रगणक घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे और पूरी गणना पेपरलेस होगी, जिससे पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सकेगी।

जनपद में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 25 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। मास्टर्स ट्रेनर्स द्वारा प्रगणकों और सुपरवाइजर को अलग-अलग समूहों में तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिलाधिकारी ने सभी उपजिला मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वे स्वयं उपस्थित होकर प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। प्रशिक्षण के बाद सुपरवाइजर और प्रगणकों की परीक्षा आयोजित कर उनकी तैयारी का मूल्यांकन भी किया जाएगा। यह प्रशिक्षण तहसील स्तर पर संपन्न होगा।
जनगणना की मुख्य प्रक्रिया 22 मई से 20 जून तक चलाए जाने की योजना है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के आंकड़े न केवल जनसंख्या का सटीक रिकॉर्ड प्रदान करते हैं, बल्कि ये देश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं की दिशा और नीति निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इस प्रक्रिया में जन-जन की भागीदारी सुनिश्चित करना और इसे जन अभियान का रूप देना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गलत जानकारी देता है या प्रक्रिया में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ जनगणना अधिनियम के तहत विधिक कार्यवाही की जाएगी।
इस बार जनपद में लगभग 10,527 प्रगणक और 1,755 पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। ये सभी प्रशासन की निगरानी में कार्य करेंगे। जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपादित होगी। डाटा संग्रहण, प्रविष्टि, सत्यापन और निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से की जाएगी।
स्वगणना पोर्टल 07 मई से 21 मई 2026 तक खुलेगा। इसके माध्यम से आमजन अपने परिवार की जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए यह पोर्टल सरल और उपयोग में सहज बनाया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व/जिला जनगणना अधिकारी ने प्रक्रिया, समय-सीमा और डिजिटल रूपांतरण की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, अपर नगरायुक्त, बीएसए, सभी तहसीलों के उपजिला मजिस्ट्रेट और संबंधित अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल माध्यम से संपन्न होने वाली इस जनगणना से पारदर्शिता बढ़ेगी और डेटा की सटीकता सुनिश्चित होगी। सभी नागरिकों से आग्रह किया गया कि वे अपनी जानकारी सही तरीके से पोर्टल पर दर्ज करें। इस बार की जनगणना न केवल प्रशासन की दक्षता का परीक्षण है, बल्कि नागरिकों और प्रशासन के बीच सामूहिक भागीदारी का भी उदाहरण बनेगी।
कुल मिलाकर आगरा में जनगणना 2027 की तैयारियां पूर्ण गति से चल रही हैं, और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसे पहले से अधिक सटीक, पारदर्शी और सहभागिता पूर्ण बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

