• आगरा में गौशाला समीक्षा बैठक सम्पन्न: निदेशक और मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता
• भूसा बैंक निर्माण और गोवंश पोषण की दिशा में निर्देश
• गर्मी सुरक्षा और निराश्रित गोवंश संरक्षण अभियान
आगरा। निदेशक रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ डॉ. राजेंद्र सिंह और मुख्य विकास अधिकारी आगरा प्रतिभा सिंह की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में आज अपराह्न 12:00 बजे से निराश्रित गौवंश स्थलों और पशुपालन विभाग की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलास्तरीय अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी, पशुचिकित्साधिकारी एवं नगर पालिका/नगर पालिका परिषद के समस्त अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में संचालित गौशालाओं की व्यवस्थाओं, उनके संचालन एवं गोवंश संरक्षण की योजनाओं की समीक्षा करना था। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश और योजनाएं प्रस्तावित की गईं, जो निराश्रित और छुट्टा गोवंश के भरण-पोषण और संरक्षण को सुनिश्चित करेंगी।
भूसा बैंक निर्माण और गोवंश पोषण:
बैठक में खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निविदा प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए भूसा बैंक तैयार किया जाए। यह भूसा बैंक 01 हजार कुंटल क्षमता वाला होगा और भुसवल पद्धति का उपयोग करते हुए 500 कुंटल क्षमता का अतिरिक्त भूसा संग्रहण किया जाएगा। इस व्यवस्था से कम से कम तीन माह की आपूर्ति सुनिश्चित होगी और गोवंशों का पोषण नियमित रूप से किया जा सकेगा।
गर्मी से सुरक्षा एवं पानी की व्यवस्था:
गर्मी के मौसम में गोवंशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि टीन शेड के ऊपर पुआल की हरी पत्तियों का तिरपाल डलवाया जाए। साथ ही गोवंशों को सुबह के भरे हुए पानी को शाम में नहीं पिलाया जाए, ताकि उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा और पोषण संतुलित रहे।
एनजीओ और स्वयं सहायता समूहों के समन्वय:
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि शासन द्वारा निर्गत निर्देशों के अनुपालन में जनपद की गौशालाओं को अच्छा कार्य करने वाले एनजीओ, स्वयं सहायता समूह और इच्छुक एक०पी०ओ को सहयोग प्रदान किया जाएगा। इसके माध्यम से गोशालाओं में बेहतर प्रबंधन और गोवंशों के संरक्षण में सुधार लाया जाएगा।
निराश्रित और छुट्टा गोवंश अभियान:
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह ने निर्देशित किया कि इसी अप्रेल माह में निराश्रित छुट्टा गोवंशों को संरक्षित करने हेतु अभियान चलाया जाए। इस अभियान के तहत स्थानीय निकाय और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर टीम गठित की जाएगी। टीम द्वारा एक माइक्रोप्लान तैयार किया जाएगा और योजना के अनुसार समस्त छुट्टा और निराश्रित गोवंशों को गोशालाओं में सुरक्षित रूप से संरक्षित किया जाएगा।
गोशालाओं की देखभाल और पोषण:
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि गोशालाओं में गर्मी से बचाव की पूरी व्यवस्था हो, और संरक्षित गोवंशों के भरण-पोषण में आपूर्ति किया जा रहा भूसा, हरा चारा एवं दाने की मात्रा, गुणवत्ता और उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक का उद्देश्य न केवल निराश्रित और छुट्टा गोवंश के संरक्षण को सुनिश्चित करना था, बल्कि गौशालाओं के प्रबंधन और संचालन को भी प्रभावी और पारदर्शी बनाना था। अधिकारियों ने इस दिशा में स्पष्ट किया कि समन्वित प्रयासों से जनपद में गोवंशों की सुरक्षा, पोषण और संरक्षित जीवन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस बैठक से यह स्पष्ट हुआ कि आगरा जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि गौवंशों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए और उनकी देखभाल, पोषण तथा संरक्षण में कोई कमी न रहे। आगामी महीनों में अप्रेल अभियान के माध्यम से जिले के समस्त छुट्टा और निराश्रित गोवंशों को संरक्षित कर उनके सुरक्षित जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे।

