आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सस्ती सामग्री
कपड़े, बर्तन और आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की सामाजिक पहल
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने सामाजिक सरोकारों को साकार करते हुए स्वामी विवेकानंद परिसर स्थित गृह विज्ञान संस्थान में “बापू बाजार” का सफल आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, विशेषकर स्लम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को गुणवत्तापूर्ण कपड़े और आवश्यक घरेलू सामग्री न्यूनतम दरों पर उपलब्ध कराना था।

कार्यक्रम का मार्गदर्शन कुलपति प्रो. आशु रानी ने किया, जबकि गृह विज्ञान संस्थान की निदेशक प्रो. अचला गक्खर और डीन प्रो. अर्चना सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन केवल जरूरतमंदों की सहायता नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने छात्रों को भविष्य में ऐसे जनसेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।

“बापू बाजार” में परिजात स्वयंसेवी संस्था की प्रीति सिंह और अनुराधा चौहान ने भी सक्रिय सहयोग प्रदान किया। बाजार में कपड़े, बर्तन और अन्य घरेलू उपयोग की वस्तुएं अत्यंत रियायती दरों पर उपलब्ध कराई गईं। बड़ी संख्या में परिवारों ने इस अवसर का लाभ उठाया और उनके चेहरे पर संतोष एवं खुशी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

इसके अतिरिक्त महिलाओं के लिए विशेष आहार और पोषण परामर्श सत्र आयोजित किया गया। इसमें उन्हें स्वास्थ्य और पोषण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, जिससे उनके जीवन में सुधार और जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।

कार्यक्रम में गृह विज्ञान संस्थान के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साह और समर्पण के साथ भाग लिया। उनके सहयोग से आयोजन सफल रहा और यह स्पष्ट हुआ कि शिक्षा और सेवा को जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
यह पहल समाज में सहयोग, सेवा और संवेदनशीलता की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुई। “बापू बाजार” न केवल जरूरतमंदों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाने में सक्षम रहा, बल्कि युवाओं और ग्रामीण समाज को सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा भावना से जोड़ने का भी एक प्रभावी माध्यम बना।
इस आयोजन के माध्यम से विश्वविद्यालय ने यह संदेश दिया कि शिक्षा और समाज सेवा का संयोजन समाज में स्थायी बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। भविष्य में इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से और अधिक लोगों को लाभ पहुँचाने की उम्मीद है।

