- निःशुल्क स्वास्थ्य जांच और परामर्श
- ग्रामीणों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाई गई
- डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का सामाजिक योगदान
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक उत्तरदायित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ग्राम कुंआ खेड़ा, ब्लॉक बरौली अहीर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर एवं स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का सफल आयोजन किया गया। इस पहल ने ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ लोगों में जागरूकता फैलाने का भी कार्य किया।

कार्यक्रम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित हुआ, जिसमें समाज विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. मोहम्मद अरशद और सह आचार्य डॉ. राजीव वर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई। शिविर में क्षेत्र के गणमान्य लोगों की भी उपस्थिति रही, जिनमें पूर्व विधायक महेश कुमार गोयल और ग्राम प्रधान जयपाल सिंह शामिल रहे। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. आशु रानी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ग्रामीण जीवन की सरलता और आत्मीयता को रेखांकित करते हुए कहा कि गांव और शहर दोनों की अपनी-अपनी विशेषताएं होती हैं, और हमें दोनों के बीच संतुलन बनाए रखना चाहिए। उनके विचारों ने उपस्थित ग्रामीणों को गहराई से प्रभावित किया। साथ ही उन्होंने बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए प्रेरित किया।
चिकित्सा शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसमें डॉ. आशीष बिसेरिया (MBBS), डॉ. अनुज जैन (MBBS, MD), डॉ. मुकेश चन्द्रवरिया (नेत्र परीक्षण अधिकारी), डॉ. एन.एस. लोधी (दंत चिकित्सक), डॉ. मदन प्रताप सिंह ‘राजपुरोहित’ (प्राकृतिक चिकित्सक) और कु. चंचल (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) ने अपनी सेवाएं प्रदान कीं। शिविर के दौरान ब्लड प्रेशर, शुगर, आंखों और दांतों की जांच की गई तथा जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क दवाइयां और परामर्श भी उपलब्ध कराया गया।
कार्यक्रम की सफलता में समाज विज्ञान संस्थान के एमएसडब्ल्यू (MSW) के छात्र-छात्राओं का विशेष योगदान रहा। आकाश, ख्याति, हरेंद्र, आर्येंद्र, प्रवीन्द्र, मुकुल, लक्ष्मी, प्रियंशी, नेहा, कुणाल, मोहित और अभय सहित कई छात्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने विश्वविद्यालय और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की। यह शिविर न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को गांव तक पहुंचाने में कारगर साबित हुआ, बल्कि लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक प्रेरणादायक उदाहरण भी बना।

