तहसील सदर का औचक निरीक्षण
राजस्व अभिलेख और कार्यालय सुविधाओं की समीक्षा
प्रशासनिक सुधार और निर्देश जारी
आगरा। जिलाधिकारी अरविन्द मल्लप्पा बंगारी ने तहसील सदर का औचक निरीक्षण किया और कार्यालय एवं परिसर में कई सुधारात्मक निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सबसे पहले सन 1908 में निर्मित प्राचीन तहसील भवन का जायजा लिया और उपजिलाधिकारी सदर को भवन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने परिसर में छायादार पौधे लगाने, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने और अन्य सुविधाओं के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा, ताकि आमजन और कर्मचारियों दोनों को सुविधा मिल सके।

इसके बाद जिलाधिकारी ने नई बिल्डिंग में स्थित राजस्व रिकॉर्ड अभिलेखागार का निरीक्षण किया। अभिलेखागार में पुराने रिकॉर्ड सुव्यवस्थित पाए गए, जिस पर जिलाधिकारी ने रिकॉर्ड के सुरक्षित रख-रखाव की सराहना की। उन्होंने अभिलेखागार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के सुझाव भी दिए।

निरीक्षण के दौरान तहसील में कार्यरत स्टाफ की स्थिति की जानकारी ली गई। बताया गया कि तहसील में कुल 48 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से वर्तमान में 09 पद रिक्त हैं। जिलाधिकारी ने रिक्त पदों को शीघ्र भरने और स्टाफ की कार्य क्षमता को और बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) आजाद भगत सिंह, अपर जिलाधिकारी (प्रो0) प्रशांत तिवारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शुभम कुमार, एसडीएम सदर सचिन राजपूत, नायब तहसीलदार अनिल चौधरी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने जिलाधिकारी के निर्देशों के अनुसार तहसील में सुधार कार्यों को समय-bound तरीके से पूरा करने की जिम्मेदारी ली।

जिलाधिकारी ने यह भी जोर दिया कि तहसील में आने वाले आमजन को बेहतर सुविधा और सुलभ सेवाएं प्रदान की जाएं। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यालय में साफ-सफाई, पेयजल, छायादार स्थान और रिकॉर्ड की सुव्यवस्था को नियमित रूप से सुनिश्चित किया जाए।
इस औचक निरीक्षण का उद्देश्य न केवल तहसील भवन और रिकॉर्ड की स्थिति का जायजा लेना था, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी था कि प्रशासनिक प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित और जनता के अनुकूल हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित निगरानी और सुधारात्मक कदमों के माध्यम से तहसील के कार्यों को और प्रभावी बनाएं।
इस तरह का निरीक्षण प्रशासनिक कार्यों में सुधार, जनता को बेहतर सेवा देने और सरकारी संस्थानों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

