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Agra News: एसएनएमसी आगरा ईएनटी विभाग ने दूरबीन विधि से जटिल सीएसएफ राइनोरिया ऑपरेशन में हासिल की सफलता

ENT surgeons at SNMC Agra performing minimally invasive CSF Rhinorrhea repair surgery on a 35-year-old female patient using endoscopic (telescope) method, ensuring precise and scar-free treatment.एसएनएमसी आगरा में दूरबीन विधि से सफल सीएसएफ राइनोरिया ऑपरेशन
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आगरा। आगरा के सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी) के ईएनटी विभाग ने 35 वर्षीय महिला रोगी की जटिल ‘सीएसएफ राइनोरिया’ को दूरबीन (एंडोस्कोप) विधि द्वारा सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर इतिहास रचा है। महिला लंबे समय से नाक से साफ पानी जैसा स्राव और लगातार सिरदर्द से पीड़ित थी।

बिना किसी बाहरी चीरे या निशान के किए गए इस सर्जरी में मस्तिष्क और नाक की गुहा के बीच अस्थि दोष (Bone Defect) को ठीक किया गया। इस सफलता ने न केवल मरीज की समस्या का समाधान किया बल्कि संस्थान की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक की क्षमता को भी प्रमाणित किया।

सरोजनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा के ईएनटी विभाग ने एक जटिल और संवेदनशील सर्जिकल केस में अपनी विशेषज्ञता का प्रदर्शन किया। 35 वर्षीय महिला रोगी पिछले एक साल से नाक से साफ पानी जैसा स्राव (सीएसएफ राइनोरिया) और लगातार सिरदर्द से परेशान थी। रोगी ने किसी भी प्रकार की चोट या पहले की सर्जरी का अनुभव नहीं बताया। झुकने, खांसने या जोर लगाते समय स्राव बढ़ जाता था, जिससे महिला की दैनिक गतिविधियों में गंभीर असुविधा पैदा हो रही थी।

ईएनटी ओपीडी में प्रारंभिक जांच और सीटी स्कैन के बाद पता चला कि मस्तिष्क और नाक की गुहा के बीच अस्थि दोष (Bone Defect) है, जिसके कारण मस्तिष्क का मेरु द्रव (CSF) रिसाव कर रहा था। इस तरह की स्थिति न केवल असुविधाजनक बल्कि गंभीर जटिलताओं का कारण भी बन सकती है।

बीते 13 मार्च, 2026 को प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार और उनकी विशेषज्ञ टीम ने एंडोस्कोप (दूरबीन) विधि का उपयोग कर इस दोष का सफलतापूर्वक मरम्मत किया। इस तकनीक में किसी भी बाहरी चीरे या निशान की आवश्यकता नहीं होती, जिससे मरीज की रिकवरी तेज और सुरक्षित होती है। डॉ. धर्मेंद्र ने बताया कि यह एक अत्यंत संवेदनशील सर्जरी थी, जिसमें मस्तिष्क की झिल्ली और नाक के बीच मार्ग की सुरक्षा सर्वोपरि थी।

सफल सर्जरी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई। इस उपलब्धि ने न केवल मरीज की जीवन गुणवत्ता को बेहतर किया, बल्कि एसएनएमसी के ईएनटी विभाग की विशेषज्ञता और अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की क्षमता को भी उजागर किया।

प्रिंसिपल एवं डीन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने टीम को बधाई देते हुए कहा:
“एस.एन. मेडिकल कॉलेज अब अत्याधुनिक उपकरणों और विशेषज्ञ सर्जनों से सुसज्जित है। हमारा लक्ष्य है कि आम जनता को जटिल से जटिल ऑपरेशन की सुविधा संस्थान में उपलब्ध कराई जाए। यह सफलता हमारे मिशन की पुष्टि करती है।”

इस जटिल ऑपरेशन में ईएनटी टीम के सदस्य प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. सौम्याता नीरज एवं डॉ. रोहिणी शामिल थे। एनेस्थीसिया टीम के प्रमुख डॉ. अर्पिता के नेतृत्व में डॉ. पल्लिका, डॉ. काजल और डॉ. अनुभव ने ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ईएनटी विभाग ने बताया कि भविष्य में भी वे ऐसी जटिल सर्जरी करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अस्पताल में अत्याधुनिक तकनीक का प्रयोग करके मरीजों को सुरक्षित, कम जोखिमपूर्ण और प्रभावी इलाज उपलब्ध कराना जारी रखेंगे। इस ऑपरेशन ने एसएनएमसी के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में दक्षता, विशेषज्ञता और तकनीकी नवाचार की स्थिति को मजबूती से स्थापित किया है।

एसएनएमसी के इस ऐतिहासिक ऑपरेशन ने आगरा और आसपास के क्षेत्र में जटिल ENT मामलों के इलाज के लिए मरीजों में विश्वास पैदा किया है। अस्पताल की टीम ने यह साबित किया कि आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मौजूदगी में जटिल सर्जरी को सुरक्षित और सफलतापूर्वक किया जा सकता है।

इस प्रकार, एसएनएमसी का ईएनटी विभाग न केवल मरीजों के लिए जीवन बदलने वाली सेवाएं प्रदान कर रहा है, बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवा में उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार के मानक स्थापित कर रहा है।

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