- आकाशीय बिजली का कहर, मड़ाई से पहले ही चार बीघा सरसों खाक
- पलभर में उजड़ गई मेहनत, खेत में रखी सरसों पर गिरी बिजली
- तेज गर्जना के साथ गिरी बिजली, किसान की पूरी फसल जलकर नष्ट
फतेहाबाद। क्षेत्र के बरौली अहीर, करभना और नगला तलफी गांवों में सोमवार शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अचानक तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिरने से खेत में एकत्र की गई सरसों की फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। घटना में करभना नगला तलफी निवासी प्रीतम सिंह वर्मा को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित किसान ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार प्रीतम सिंह वर्मा ने इस सीजन में लगभग चार बीघा भूमि पर सरसों की फसल की खेती की थी। मेहनत और लागत के बाद तैयार हुई फसल को उन्होंने कटाई के बाद सुरक्षित रूप से एक स्थान पर एकत्र कर लिया था। किसान मड़ाई के लिए थ्रेसर की व्यवस्था करने में जुटे थे और इसी बीच सोमवार की शाम करीब पांच बजे अचानक मौसम ने करवट ली। तेज गर्जना के साथ गिरी आकाशीय बिजली सीधे उस स्थान पर आ गिरी, जहां सरसों की फसल का ढेर लगा हुआ था।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बिजली गिरते ही फसल में आग लग गई और देखते ही देखते पूरा ढेर धू-धू कर जलने लगा। आसपास मौजूद ग्रामीण जब तक कुछ समझ पाते, तब तक आग ने पूरी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास भी किया, लेकिन सूखी सरसों होने के कारण आग तेजी से फैल गई और कुछ ही देर में पूरी फसल जलकर राख हो गई। इस घटना से किसान को भारी आर्थिक क्षति हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीण रामप्रकाश वर्मा, राजाराम वर्मा और माता प्रसाद यादव ने बताया कि इस प्रकार की प्राकृतिक आपदा से किसान पूरी तरह टूट जाता है, क्योंकि उसकी सालभर की मेहनत एक झटके में खत्म हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसान को तत्काल उचित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि वह अपनी आर्थिक स्थिति को संभाल सके।
पीड़ित किसान प्रीतम सिंह वर्मा का कहना है कि उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ सरसों की फसल तैयार की थी और कटाई के बाद मड़ाई की तैयारी कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया है। उन्होंने बताया कि फसल के नुकसान से उन्हें लाखों रुपये की क्षति हुई है, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में आ गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि मौके का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन कराया जाए और शीघ्र मुआवजा दिलाया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाया जाए, ताकि ऐसे समय में उन्हें तुरंत सहायता मिल सके।
इस घटना के बाद क्षेत्र के किसानों में भी चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि मौसम के बदलते मिजाज के कारण खेती करना लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है। ऐसे में सरकार और प्रशासन को किसानों की सुरक्षा और राहत के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से प्रभावित किसानों को समय पर राहत मिल सके।

