• सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का समापन डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में सम्पन्न
• स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत नृत्य, नुक्कड़ नाटक और भारतीय राज्यों के सांस्कृतिक नृत्यों का प्रदर्शन
• मुख्य अतिथि कौशल दौनेरिया ने नारी स्वतंत्रता व सशक्तिकरण पर नज़्म प्रस्तुत की, विजेताओं का हुआ सम्मान
आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा के पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा सात दिवसीय विशेष शिविर का रविवार को समापन हुआ। कुलपति महोदया प्रो. आशुरानी के दिशा निर्देशन में आयोजित इस शिविर में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लिया। समापन कार्यक्रम की शुरुआत सभी स्वयंसेवकों द्वारा लक्ष्य गीत गाकर की गई, इसके बाद अतिथियों ने सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलित किया।
मुख्य अतिथि कौशल दौनेरिया, भारत के हिन्दी और उर्दू के प्रसिद्ध युवा शायर, ने नारी स्वतंत्रता और सशक्तिकरण पर अपनी नज़्म प्रस्तुत की, जिसने उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। तत्पश्चात स्वयंसेवकों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें भारतीय संस्कृति से जुड़े नृत्य, दहेज प्रथा पर नुक्कड़ नाटक और भारत के विभिन्न राज्यों के नृत्यों का मिश्रण प्रदर्शित किया गया। यह कार्यक्रम “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के संदेश को उजागर करता है।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीरज कुशवाह ने शिविर के पिछले छह दिनों के कार्यक्रमों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। समाज विज्ञान संस्थान के निदेशक प्रो. मोहम्मद अरशद ने कहा कि ऐसे शिविर छात्रों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी का बोध कराते हैं।
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. आयुष मंगल ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का आदर्श वाक्य “not me but you” केवल एक नारा नहीं, बल्कि जीवन दर्शन है। यह हमें सिखाता है कि समाज में दूसरों के हित के बारे में सोचना चाहिए और जब हम अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर दूसरों की भलाई के लिए कार्य करते हैं, तभी सच्चे अर्थों में राष्ट्र निर्माण की शुरुआत होती है।
संस्थान के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यदि देश का युवा जागरूक, संवेदनशील और जिम्मेदार बन जाए, तो समाज की अधिकांश समस्याएं अपने आप हल हो जाएंगी।
कार्यक्रम में शिविर के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन संस्थान की डॉ. आभा सिंह द्वारा दिया गया। कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षक डॉ. रत्ना पांडे, डॉ. भरत सिंह, रेखा माथुर, माधुरी कौशिक, इति गोस्वामी और डॉ. प्राची अग्रवाल उपस्थित रहे।
छात्रों की ओर से वरिष्ठ स्वयंसेवक अमन सिकरवार ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। समापन कार्यक्रम को सुचारू रूप से सम्पन्न कराने में स्वयंसेवक शुभम सिंह, नंदिनी सिंह, निखिल कुमार, युवराज, अयान, अंशुल और प्रियांशु चौधरी का विशेष योगदान रहा। इस तरह सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर ने छात्रों में सामाजिक चेतना, सांस्कृतिक समझ और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में सफलता प्राप्त की।

