✦ कुलपति आशु रानी की अध्यक्षता में खंदारी परिसर स्थित गेस्ट हाउस में हुई महत्वपूर्ण बैठक
✦ आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सिक्योरिटी में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने पर चर्चा
✦ विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की पहल
आगरा (ब्यूरो)। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक कुलपति आशु रानी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद परिसर, खंदारी स्थित गेस्ट हाउस में संपन्न हुई। इसमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा विषय में व्यावसायिक पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने के प्रस्ताव पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी कौशल से सशक्त बनाना और उन्हें तेजी से उभरते साइबर सुरक्षा क्षेत्र में बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध कराना है। चर्चा के दौरान पाठ्यक्रम की संभावित संरचना, प्रशिक्षण की प्रक्रिया और तकनीकी सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
बैठक में आईआईटी कानपुर की प्रतिनिधि नेहा भी उपस्थित रहीं। उन्होंने संस्थान की ओर से संभावित सहयोग, पाठ्यक्रम की रूपरेखा, प्रशिक्षण मॉड्यूल और तकनीकी समर्थन से जुड़े पहलुओं पर विस्तार से अपने विचार साझा किए। उन्होंने बताया कि साइबर सुरक्षा आज के डिजिटल युग की सबसे महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक है और इस क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की मांग तेजी से बढ़ रही है।
बैठक में प्रो. संजय चौधरी, प्रो. शरद चंद्र उपाध्याय, प्रो. अनिल गुप्ता, कुलसचिव और इन्क्यूबेशन मैनेजर योगेश तोमर भी मौजूद रहे। सभी उपस्थित सदस्यों ने इस पहल का समर्थन करते हुए इसे विद्यार्थियों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और इसे जल्द से जल्द शुरू करने पर सहमति व्यक्त की।
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय और आईआईटी कानपुर के सहयोग से साइबर सुरक्षा पाठ्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद आवश्यक प्रशासनिक और शैक्षणिक प्रक्रियाएं पूरी कर इसे जल्द ही लागू करने की दिशा में कार्यवाही शुरू की जाएगी, जिससे छात्रों को तकनीकी शिक्षा के साथ रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण मिल सके।

