आगरा। आगरा में यमुना नदी के पावन यमुना अवतरण दिवस (यमुना छठ) के अवसर पर यमुना आरती स्थल पर रिवर कनेक्ट कैंपेन के तत्वावधान में श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक संकल्प का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दुग्धाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना से हुई, जिसके बाद दीपदान और भव्य आरती का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, स्थानीय नागरिकों और यमुना भक्तों ने उपस्थित होकर माँ यमुना के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की तथा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और पुनर्जीवन का संकल्प लिया।

इस आयोजन में शहर के कई गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी शामिल हुए, जिनमें बृज खंडेलवाल, पद्मिनी अय्यर, चतुर्भुज तिवारी, डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य, पंडित जुगल किशोर, गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, अभिनव, मुकेश चौधरी, राहुल नंदवंशी, दीपक राजपूत, शातोष गौतम और सतीश गुप्ता सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान दिया और यमुना नदी के महत्व को रेखांकित किया।

रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक बृज खंडेलवाल ने अपने संबोधन में बताया कि यह आयोजन पिछले बारह वर्षों से निरंतर आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य आगरा के नागरिकों को यमुना नदी से भावनात्मक और सांस्कृतिक रूप से जोड़ना है, ताकि लोग इस जीवनदायिनी नदी के संरक्षण के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि अभियान के माध्यम से यमुना बैराज निर्माण, नदी में अविरल जल प्रवाह सुनिश्चित करने तथा इसके शुद्धिकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। इसके बिना आगरा की पहचान अधूरी है। इसलिए आवश्यक है कि समाज का प्रत्येक वर्ग आगे आकर इसके संरक्षण में योगदान दे। उन्होंने जनभागीदारी को इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया और कहा कि जब तक लोगों में जागरूकता नहीं होगी, तब तक नदी संरक्षण के प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सकते।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने माँ यमुना की आरती में भाग लेकर सामूहिक रूप से नदी के संरक्षण, स्वच्छता और पुनर्जीवन का संकल्प लिया। दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के बीच पूरा आरती स्थल एक आध्यात्मिक माहौल में परिवर्तित हो गया। इस दौरान श्रद्धा, आस्था और सामाजिक जिम्मेदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने सभी उपस्थित लोगों को यमुना नदी के संरक्षण के प्रति प्रेरित किया।
