- फतेहाबाद में हाइड्रा से ट्रैक्टर-ट्रॉली निकाली
- कोल्ड स्टोरेज में फंसे किसानों का विरोध
- गेट बंद होने पर किसानों ने खुद निकाला वाहन
फतेहाबाद। थाना क्षेत्र के भरापुर रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में गेट बंद होने से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली अंदर फंस गए। आरोप है कि कोल्ड स्टोरेज स्वामी मौके से चले गए और फोन करने पर भी नहीं आए। नाराज किसानों ने हाइड्रा मशीन बुलाकर अपने वाहन बाहर निकलवाए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और क्षेत्र में इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।

थाना क्षेत्र के भरापुर रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज पर उस समय अफरा-तफरी और हंगामे का माहौल बन गया, जब कोल्ड स्टोरेज स्वामी द्वारा अचानक गेट बंद कर दिए जाने से किसानों के ट्रैक्टर-ट्रॉली अंदर ही फंस गए। इस अप्रत्याशित स्थिति ने किसानों को परेशान कर दिया और मौके पर आक्रोश की स्थिति पैदा हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव कुतकपुर निवासी किसान भोला और देवेंद्र अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली के साथ 24 मार्च से कोल्ड स्टोरेज परिसर में मौजूद थे। वे अपनी आलू की फसल के भंडारण और निकासी के कार्य के लिए वहां पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस दौरान कोल्ड स्टोरेज मालिक ने किसी कारणवश मुख्य गेट बंद कर दिया और मौके से चले गए।
किसानों का आरोप है कि गेट बंद होने के बाद वे अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं बचा। उन्होंने कई बार कोल्ड स्टोरेज स्वामी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन न तो कॉल का जवाब मिला और न ही कोई मौके पर पहुंचा। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई।
किसानों ने बताया कि उनके खेतों में आलू की फसल तैयार पड़ी थी, जिसे समय पर कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाना और वहां से निकालना जरूरी था। ट्रैक्टर-ट्रॉली के अंदर फंसे रहने से फसल के खराब होने का खतरा बढ़ गया था। किसानों के सामने आर्थिक नुकसान की आशंका मंडराने लगी।
काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब कोई समाधान नहीं निकला, तो किसानों ने स्वयं ही रास्ता निकालने का निर्णय लिया। बुधवार शाम उन्होंने हाइड्रा मशीन मंगवाई और उसकी मदद से कोल्ड स्टोरेज परिसर के अंदर खड़े अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकलवाया। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और पूरे घटनाक्रम को देखने लगे।
हाइड्रा मशीन के जरिए ट्रैक्टर-ट्रॉली को बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का किसी ने वीडियो बना लिया। इस वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि किस तरह किसान मजबूरी में मशीन की मदद से अपने वाहन बाहर निकाल रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
इस घटना के बाद क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसानों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, तो यह गंभीर मामला है और इससे किसानों का भरोसा प्रभावित हो सकता है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए और दोषी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। उनका कहना है कि समय पर फसल का प्रबंधन न हो पाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
वहीं, इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है और लोग कोल्ड स्टोरेज प्रबंधन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन किसानों को उम्मीद है कि जल्द ही इस मामले में संज्ञान लेकर उचित कदम उठाए जाएंगे।

