आगरा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतिम दिन जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने कलेक्ट्रेट स्थित कोषागार पहुंचकर व्यवस्थाओं की स्वयं कमान संभाली और सभी विभागों से जुड़े कोषागार कार्यों की गहन निगरानी की। उन्होंने यह सुनिश्चित कराया कि वर्ष समाप्ति से पहले सभी वित्तीय लेनदेन, लंबित भुगतान और समापन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी तरह समयबद्ध ढंग से संपन्न हो जाएं।
जिलाधिकारी ने कोषागार पहुंचकर अधिकारियों के साथ समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विभाग का कोई भुगतान लंबित न रह जाए। उन्होंने पूर्व में ही सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों को वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश जारी किए थे। इसके तहत सभी विभागों को निर्देशित किया गया था कि लंबित बिलों को तत्काल तैयार कर कोषागार में प्रस्तुत करें और आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूरी करें, ताकि वित्तीय वर्ष के अंत में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
मंगलवार को वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन जिलाधिकारी ने स्वयं कोषागार में मौजूद रहकर ट्रेजरी से संबंधित सभी ट्रांजैक्शंस, भुगतान प्रक्रिया और फाइनेंशियल क्लोजिंग की गतिविधियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर जानकारी ली और यह सुनिश्चित कराया कि सभी लंबित बिलों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन और समयबद्धता प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
कोषागार में दिनभर विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों की आवाजाही बनी रही। सभी विभाग अपने-अपने लंबित बिलों और भुगतान से संबंधित फाइलों को लेकर सक्रिय दिखाई दिए। जिलाधिकारी की मौजूदगी के चलते कार्यों में तेजी आई और भुगतान प्रक्रियाएं सुचारु रूप से आगे बढ़ती रहीं।
गौरतलब है कि 31 मार्च को अवकाश होने के बावजूद कोषागार और बैंक खुले रखे गए, ताकि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के दौरान भुगतान प्रक्रिया प्रभावित न हो। इस व्यवस्था से विभागों को लंबित भुगतान निपटाने में सहूलियत मिली और वित्तीय समापन की प्रक्रिया निर्बाध रूप से पूरी हो सकी।
जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि भविष्य में भी वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखें। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी विभागों को वित्तीय प्रबंधन में जिम्मेदारी के साथ कार्य करना होगा।
दिनभर चली इस निगरानी के बाद अधिकांश विभागों के लंबित भुगतान निपटाए गए और वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन की औपचारिकताएं तय समयसीमा के भीतर पूरी कर ली गईं। प्रशासन की सक्रियता और सतर्कता के चलते वित्तीय वर्ष का समापन सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हुआ, जिससे शासन की मंशा के अनुरूप वित्तीय अनुशासन की मिसाल पेश की गई।

