• रेल संरक्षा पर उच्चस्तरीय मंथन
• आगरा मंडल में जोखिम बिंदुओं की पहचान
• आधुनिक तकनीक व कड़ी निगरानी पर जोर
आगरा: आगरा मंडल में रेलवे बोर्ड के महानिदेशक/संरक्षा हितेंद्र मल्होत्रा की अध्यक्षता में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में संरक्षा व्यवस्थाओं का व्यापक आकलन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर जोखिम बिंदुओं की पहचान करते हुए ट्रैक, सिग्नलिंग, रोलिंग स्टॉक और परिचालन प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भविष्य में दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कार्ययोजना पर जोर दिया गया।

आगरा मंडल में आज रेलवे बोर्ड के महानिदेशक/संरक्षा हितेंद्र मल्होत्रा द्वारा मंडल कार्यालय के समीक्षा सभागार में संरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कार्यकारी निदेशक/संरक्षा राहुल श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे जे.सी.एस. बोरा तथा मंडल रेल प्रबंधक आगरा गगन गोयल सहित सभी शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे
बैठक का मुख्य उद्देश्य आगरा मंडल में संचालित संरक्षा व्यवस्थाओं का समग्र मूल्यांकन करना, संभावित जोखिमों की पहचान करना तथा संरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत बनाने के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना रहा। इस दौरान परिचालन, इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार, यांत्रिक, विद्युत तथा संरक्षा एवं सुरक्षा विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने-अपने विभाग से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से संरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का विस्तृत फीडबैक प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तुतियों में ट्रैक मेंटेनेंस की स्थिति, सिग्नलिंग प्रणाली की विश्वसनीयता, लोकोमोटिव और कोचों की तकनीकी फिटनेस, विद्युत आपूर्ति की स्थिरता, मानवरहित और संवेदनशील समपार फाटकों की निगरानी तथा परिचालन नियमों के पालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
इसके साथ ही पूर्व में हुई संरक्षा संबंधी घटनाओं का गहन विश्लेषण करते हुए उनके मूल कारणों की पहचान की गई। अधिकारियों ने इन घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में यह भी तय किया गया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी और निरीक्षण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा।
महानिदेशक/संरक्षा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि भारतीय रेल में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे सुनिश्चित करने के लिए सभी स्तरों पर सतत सतर्कता, अनुशासन और जवाबदेही आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रैक, सिग्नलिंग और रोलिंग स्टॉक का नियमित एवं गुणवत्तापूर्ण निरीक्षण किया जाए, आधुनिक तकनीकों और उपकरणों का अधिकतम उपयोग किया जाए तथा कर्मचारियों को समय-समय पर संरक्षा प्रशिक्षण देकर उनकी कार्य दक्षता बढ़ाई जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि फील्ड स्तर से प्राप्त फीडबैक को गंभीरता से लिया जाए और उसे योजनाओं में शामिल किया जाए, ताकि जमीनी स्तर की समस्याओं का समय रहते समाधान किया जा सके। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के अंत में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत सुझावों और बिंदुओं की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आगरा मंडल द्वारा यात्रियों की सुरक्षित, संरक्षित और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मंडल प्रशासन ने भविष्य में भी संरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

