आगरा। कई दिनों से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बारिश ने राहत दी, लेकिन शहर की सड़कों पर जमा पानी ने आने-जाने की मुश्किल बढ़ा दी। रुक-रुककर हुई बारिश के बाद मदिया कटरा चौराहे से आगे तोता का ताल, आगरा-मथुरा हाईवे, खंदारी रोड, आरबीएस डिग्री कॉलेज के सामने मेट्रो स्टेशन निर्माण स्थल और ग्वालियर हाईवे पर नगला पदमा स्थित पूजा डेयरी के पास जलभराव हो गया। कई स्थानों पर पानी दुकानों तक पहुंच गया। सड़कों पर जमा पानी के बीच वाहनों के निकलने से राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।

मदिया कटरा चौराहे से आगे तोता का ताल क्षेत्र में बारिश के बाद सड़क पर काफी पानी जमा हो गया। यहां वाहनों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। बड़े वाहन निकलने के दौरान सड़क पर जमा पानी के छींटे आसपास से गुजर रहे लोगों पर पड़ते रहे। इससे पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को बचकर निकलना पड़ा।

आगरा-मथुरा हाईवे पर भी कई जगह पानी जमा रहा। हाईवे जैसे प्रमुख मार्ग पर जलभराव के कारण वाहनों को पानी से होकर निकलना पड़ा। खंदारी के पास खंदारी रोड पर भी सड़क पर पानी जमा हो गया। लगातार वाहनों की आवाजाही के बीच यहां से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
आरबीएस डिग्री कॉलेज के सामने मेट्रो स्टेशन का निर्माण चल रहा है। निर्माण स्थल के आसपास बारिश का पानी जमा होने से सड़क से निकलने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई। इसी तरह ग्वालियर हाईवे पर नगला पदमा में पूजा डेयरी के पास भी जलभराव रहा। यहां कुछ स्थानों पर पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे दुकानदारों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई। शहर के इन प्रमुख मार्गों पर जलभराव ने यह भी दिखाया कि थोड़ी देर की तेज बारिश के बाद पानी की निकासी कितनी बड़ी चुनौती बन जाती है। जिन रास्तों पर दिनभर वाहनों और पैदल लोगों की आवाजाही रहती है, वहां सड़क पर पानी जमा होने से सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ।
सीएम ग्रिड के काम वाले रास्ते पर बढ़ी परेशानी
हरीपर्वत से दिल्ली गेट जाने वाला मार्ग पहले से ही सीएम ग्रिड के काम के कारण प्रभावित है। यहां सड़क और पाइपलाइन से जुड़े काम के चलते यातायात वन-वे किया गया है। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब होने से लोगों को इस मार्ग से निकलने में दिक्कत हुई। कार्यदायी संस्था की ओर से मौके पर नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया था। ऐसे में कुछ लोग सामान्य रास्ता समझकर आगे बढ़ गए और वन-वे व्यवस्था सामने आने पर उन्हें वापस लौटना पड़ा। बारिश के बीच रास्ता बदलने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी हुई।
शहर में मेट्रो और सीएम ग्रिड के काम अलग-अलग हिस्सों में चल रहे हैं। निर्माणाधीन मार्गों पर बारिश के बाद पानी जमा होने से पहले से बदली यातायात व्यवस्था के बीच लोगों की परेशानी बढ़ गई। जलभराव वाले हिस्सों में वाहन चालकों को धीमी गति से निकलना पड़ा, जबकि पैदल राहगीरों के लिए सड़क पार करना चुनौतीपूर्ण रहा।
बारिश ने हालांकि मौसम का मिजाज बदल दिया। गर्मी और उमस से परेशान लोगों ने राहत महसूस की। लेकिन सड़कों पर जमा पानी के कारण यह राहत शहर के कई हिस्सों में परेशानी के साथ दिखाई दी। खासतौर पर प्रमुख मार्गों और निर्माणाधीन क्षेत्रों में जलनिकासी की स्थिति ने लोगों की आवाजाही प्रभावित की।
शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में आगरा में 4.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा। सुबह साढ़े आठ बजे सापेक्षिक आर्द्रता 95 प्रतिशत और शाम साढ़े पांच बजे 88 प्रतिशत दर्ज की गई।

दो दिन भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार चार और पांच सितंबर को आगरा में आम तौर पर बादल छाए रहने के साथ एक-दो दौर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछार पड़ सकती है। दोनों दिन भारी बारिश का अलर्ट है। चार सितंबर को न्यूनतम तापमान 25 और अधिकतम 32 डिग्री तथा पांच सितंबर को भी न्यूनतम 25 और अधिकतम 32 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
छह से 10 सितंबर तक आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है। इस अवधि में कोई विशेष चेतावनी नहीं है और अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। छह और सात सितंबर को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का पूर्वानुमान है और कोई विशेष चेतावनी नहीं है। इन दिनों अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। आठ से 10 सितंबर तक भी आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है और अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। यानी अगले दो दिन बारिश गर्मी और उमस से राहत दे सकती है।

