आगरा। किरावली स्थित युवा कल्याण विभाग के स्टेडियम में चल रहे अनुरक्षण कार्यों का मुख्य विकास अधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक मिली, लेकिन मैदान में झाड़ियां, लंबी घास, जलभराव और रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर जिला युवा कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही खेल मैदान को खिलाड़ियों के उपयोग योग्य बनाने, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था करने, टिकाऊ निर्माण सामग्री के उपयोग, खेल सुविधाओं के विस्तार की कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्धारित समय सीमा में सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे करने के निर्देश दिए गए।

किरावली स्थित युवा कल्याण विभाग के पूर्व निर्मित स्टेडियम में संचालित अनुरक्षण कार्यों का मुख्य विकास अधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों और स्टेडियम की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मैदान की स्थिति, जलनिकासी व्यवस्था, भवनों के अनुरक्षण और खिलाड़ियों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली भविष्य की खेल सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। निरीक्षण में कई कमियां सामने आने पर अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए, जबकि रखरखाव में लापरवाही पाए जाने पर जिला युवा कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

निरीक्षण के दौरान स्टेडियम की बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य प्रगति पर मिला। यह अनुरक्षण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ द्वारा कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। जिला युवा कल्याण अधिकारी ने बताया कि स्टेडियम के अनुरक्षण कार्य की शुरुआत 23 मार्च 2026 से हुई थी और इसे 29 सितंबर 2026 तक पूरा किया जाना प्रस्तावित है। मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्धारित समय-सीमा का पूरी तरह पालन करते हुए सभी कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि स्टेडियम को जल्द से जल्द खिलाड़ियों के उपयोग के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।

स्टेडियम परिसर के निरीक्षण के दौरान मैदान की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। मैदान में जगह-जगह झाड़ियां, लंबी घास-फूस और जलभराव की समस्या दिखाई दी। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताते हुए जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि मैदान की समुचित लेवलिंग और ड्रेसिंग कराई जाए, ताकि खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए सुरक्षित और बेहतर मैदान उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही मैदान में जमा पानी की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
निरीक्षण के दौरान स्टेडियम परिसर में बने कमरों और हॉल का भी अवलोकन किया गया। यहां बोर्ड के दरवाजे लगाए जाने का कार्य चल रहा था। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि तकनीकी रूप से संभव हो तो बोर्ड के दरवाजों के स्थान पर अधिक मजबूत, टिकाऊ और सुरक्षित लोहे के दरवाजे लगाए जाएं, ताकि भवनों की सुरक्षा और उनकी उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहे।
स्टेडियम के बाहरी क्षेत्र का निरीक्षण करते समय एक और महत्वपूर्ण समस्या सामने आई। पाया गया कि स्टेडियम की बाहरी दीवार से सटे मकानों की ओर से पानी की समुचित निकासी नहीं हो पा रही है, जिसके कारण वर्षा अथवा अन्य परिस्थितियों में पानी स्टेडियम परिसर में भर जाता है। इससे मैदान और अन्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने जिला युवा कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका किरावली के साथ समन्वय स्थापित कर जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे भविष्य में स्टेडियम परिसर में जलभराव की समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्थानीय खिलाड़ियों की आवश्यकताओं पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्टेडियम को केवल अनुरक्षित करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि यहां खेल अवसंरचना को मजबूत बनाने के लिए व्यापक योजना तैयार की जाए। इसके लिए खेल सुविधाओं के विकास की विस्तृत कार्ययोजना (स्पोर्ट्स फैसिलिटीज प्लान) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि भविष्य में स्थानीय खिलाड़ियों को आधुनिक और बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें तथा स्टेडियम का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
स्टेडियम के रखरखाव और अनुरक्षण कार्यों की समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि नियमित निगरानी और रखरखाव में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई। मैदान की खराब स्थिति, झाड़ियां, घास-फूस और जलभराव जैसी समस्याओं को समय रहते दूर नहीं किए जाने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। इसी आधार पर जिला युवा कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही निर्देश दिए गए कि स्टेडियम से जुड़ी सभी कमियों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और अनुरक्षण कार्यों की नियमित, प्रभावी तथा सतत निगरानी की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा सामने न आए।
निरीक्षण के अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने कार्यदायी संस्था को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्टेडियम के सभी अनुरक्षण कार्य तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि मैदान, भवन, जलनिकासी व्यवस्था और अन्य खेल सुविधाएं पूरी तरह विकसित होने के बाद स्टेडियम स्थानीय खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित, आधुनिक और उपयोगी खेल परिसर के रूप में उपलब्ध हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा सभी संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
