आगरा। तहसील सदर में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 139 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 19 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। भूमि विवादों के लिए राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि सभी विभागों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और शिकायतकर्ता की संतुष्टि सुनिश्चित करते हुए निस्तारण करने के आदेश दिए गए।

जनसुनवाई को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शनिवार को तहसील सदर में संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। समाधान दिवस के दौरान प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। विशेष रूप से भूमि विवादों से जुड़े मामलों में राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण को केवल औपचारिक प्रक्रिया तक सीमित न रखने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क कर उसकी समस्या की जानकारी लें, समाधान की प्रक्रिया से अवगत कराएं और निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता को इसकी सूचना भी दें। इसके साथ ही प्रत्येक मामले का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का सत्यापन करने तथा पूरी कार्रवाई का विस्तृत विवरण निस्तारण आख्या में दर्ज कर संबंधित पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए।

समाधान दिवस के दौरान कुल 139 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 19 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर संबंधित फरियादियों को तत्काल राहत प्रदान की गई, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ निस्तारित करने के लिए सौंपा गया।
प्राप्त शिकायतों में सबसे अधिक मामले राजस्व विभाग से जुड़े रहे, जिनकी संख्या 42 रही। पुलिस विभाग से संबंधित 28, नगर निगम से 18, आगरा विकास प्राधिकरण से 9, टोरेंट पावर/विद्युत विभाग से 8, विकास खंड से 4, शिक्षा विभाग से 1 तथा 29 शिकायतें अन्य विभागों से संबंधित प्राप्त हुईं।

शिकायतों में भूमि विवाद, पेंशन, राशन, विद्युत आपूर्ति, चकरोड निर्माण एवं अतिक्रमण, नाली निर्माण तथा अवैध अतिक्रमण जैसे जनसरोकार से जुड़े मुद्दे प्रमुख रहे। इन मामलों में संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भूमि विवादों को लेकर विशेष रूप से कहा गया कि ऐसे मामलों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर जांच करे और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करे, ताकि विवादों का स्थायी समाधान हो सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निस्तारण के दौरान पारदर्शिता बनाए रखें। शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित करना, स्थलीय निरीक्षण करना, निस्तारण के बाद उन्हें कार्रवाई से अवगत कराना तथा संपूर्ण घटनाक्रम को विस्तार से पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इससे शिकायतकर्ता को अपनी शिकायत की प्रगति और समाधान की स्थिति की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, डीसीपी सैयद अली अब्बास, उप जिलाधिकारी सदर विक्रम सिंह राघव, तहसीलदार सत्येंद्र कुमार, नायब तहसीलदार प्रियंका चौधरी, जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक शिकायत का निस्तारण निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए।
