फतेहाबाद। फतेहाबाद क्षेत्र के पारोली सिकरवार यमुना घाट पर अवैध नाव संचालन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और समाचार प्रकाशित होने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर तहसील और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, ग्रामीणों से जानकारी ली और अवैध नाव संचालन रुकवाते हुए संबंधित लोगों को भविष्य में ऐसा करने पर मुकदमा दर्ज करने की सख्त चेतावनी दी।

थाना फतेहाबाद क्षेत्र के पारोली सिकरवार यमुना नदी घाट पर अवैध नाव संचालन का मामला सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। सोशल मीडिया पर अवैध नाव संचालन का वीडियो वायरल होने और समाचार प्रकाशित होने के बाद उपजिलाधिकारी फतेहाबाद ने मामले का संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर पुलिस और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की तथा अवैध रूप से नाव चला रहे लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए तत्काल नाव संचालन रुकवा दिया। साथ ही भविष्य में दोबारा ऐसा पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार पारोली सिकरवार यमुना नदी घाट पर कुछ लोग अवैध रूप से नाव का संचालन कर रहे थे। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने लगभग 19 सेकंड का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आया। समाचार प्रकाशित होने के बाद उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

उपजिलाधिकारी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक फतेहाबाद के नेतृत्व में पुलिस टीम, तहसील प्रशासन और हल्का लेखपाल मौके पर पहुंचे। टीम ने यमुना घाट का निरीक्षण किया और आसपास के ग्रामीणों से जानकारी जुटाई। ग्रामीणों से बातचीत के दौरान अवैध नाव संचालन की पुष्टि हुई। हालांकि टीम के मौके पर पहुंचने के समय नाव संचालन करते हुए कोई व्यक्ति नहीं मिला।
जांच के दौरान ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर तीन लोगों की पहचान नाव संचालन करने वालों के रूप में की गई। प्रशासन ने संबंधित लोगों को बुलाकर भविष्य में किसी भी प्रकार का अवैध नाव संचालन नहीं करने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यदि दोबारा अवैध रूप से नाव संचालन किया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी ने हल्का लेखपाल से पूरे मामले की रिपोर्ट भी तलब की है। साथ ही निर्देश दिए हैं कि यमुना घाट पर लगातार निगरानी रखी जाए, ताकि भविष्य में बिना अनुमति किसी प्रकार का नाव संचालन न हो सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि दोबारा इस प्रकार की गतिविधि सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने बताया कि पारोली सिकरवार यमुना नदी घाट पर पुलिस और तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम को जांच के लिए भेजा गया था। ग्रामीणों से मिली जानकारी के आधार पर तीन लोगों की पहचान की गई है, जो नाव का संचालन करते थे। हालांकि निरीक्षण के दौरान मौके पर नाव का संचालन नहीं मिला। संबंधित लोगों को सख्त चेतावनी दे दी गई है कि भविष्य में अवैध नाव संचालन नहीं किया जाए। यदि चेतावनी के बावजूद दोबारा नाव संचालन किया गया तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूरे मामले पर प्रशासन की निगरानी जारी रहेगी।

