आगरा। आगरा में 23 देशों के 65 सदस्यीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय निर्वाचन प्रणाली का अध्ययन किया। इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM) के क्षेत्रीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत आए प्रतिनिधियों ने ताजमहल और आगरा किला देखने के साथ मतदाता पंजीकरण एवं ईपीआईसी केंद्र, ईवीएम वेयरहाउस और चुनावी व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने भारतीय चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता, तकनीकी व्यवस्था और मतदाता पंजीकरण प्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय निर्वाचन प्रबंधन मॉडल की सराहना करते हुए इसे दुनिया की सबसे व्यापक और प्रभावी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में शामिल बताया।
भारतीय निर्वाचन प्रणाली को समझने और चुनाव प्रबंधन की आधुनिक व्यवस्था का अध्ययन करने के उद्देश्य से 23 देशों के 65 सदस्यीय विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को आगरा का दौरा किया। इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट (IIIDEM), नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित क्षेत्रीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत आए इस प्रतिनिधिमंडल ने जहां विश्व धरोहर ताजमहल और आगरा किले का भ्रमण किया, वहीं जिले की निर्वाचन व्यवस्थाओं को भी करीब से देखा। प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता पंजीकरण एवं ईपीआईसी केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) वेयरहाउस तथा चुनावी प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं का निरीक्षण कर भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली को विस्तार से समझा।

प्रतिनिधिमंडल में पेरू, अल्बानिया, कजाकिस्तान, नामीबिया, थाईलैंड, फिलीपींस, केन्या, सियरा लियोन, मंगोलिया, भूटान, श्रीलंका, ब्राजील, पापुआ न्यू गिनी सहित 23 देशों के निर्वाचन प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल थे। सभी प्रतिनिधि “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड इलेक्शंस” प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत भारत आए हैं और विभिन्न राज्यों में निर्वाचन व्यवस्था का अध्ययन कर रहे हैं।
तहसील सदर सभागार में आयोजित ब्रीफिंग सत्र में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष बंसल ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को भारतीय निर्वाचन प्रणाली की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने मतदाता पंजीकरण, ईपीआईसी केंद्र के संचालन, ईवीएम के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था, वेयरहाउस प्रबंधन तथा निर्वाचन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर भी दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और यहां की चुनावी व्यवस्था पूरी तरह संविधान तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित नियमों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप संचालित होती है। निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है, जो निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने के लिए जिम्मेदार है। पूरे देश में चुनाव प्रक्रिया समान मानकों और निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार संचालित की जाती है, जिससे हर निर्वाचन विश्वसनीय और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
उन्होंने बताया कि भारत में प्रत्येक पात्र नागरिक को चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है। चाहे वह किसी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का प्रत्याशी हो, गैर-मान्यता प्राप्त दल से जुड़ा हो या निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ना चाहता हो, सभी के लिए नामांकन की प्रक्रिया समान और विधिसम्मत है। निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाते हैं।
मतदाता पंजीकरण प्रणाली की जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को मिलता है जिनका नाम निर्वाचन नामावली में दर्ज होता है। भारत की मतदाता सूची पूरी तरह डिजिटल और केंद्रीकृत प्रणाली पर आधारित है तथा इसका निरंतर अद्यतन किया जाता है। नए मतदाता के नाम जोड़ने के लिए प्रपत्र-6, नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 तथा नाम, पता या अन्य विवरणों में संशोधन के लिए प्रपत्र-8 का उपयोग किया जाता है। पूरी निर्वाचन नामावली सुरक्षित डिजिटल डेटाबेस में संरक्षित रहती है, जिससे उसका पारदर्शी और प्रभावी संचालन सुनिश्चित होता है।
ईवीएम प्रणाली के संबंध में उन्होंने बताया कि मतदान प्रक्रिया को प्रत्येक मतदाता के लिए सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाया गया है। प्रत्येक ईवीएम पर उम्मीदवार का नाम, चुनाव चिह्न और मतदान बटन स्पष्ट रूप से अंकित रहता है। दृष्टिबाधित मतदाताओं की सुविधा के लिए मशीनों पर ब्रेल लिपि की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का उपयोग केवल मतदान प्रक्रिया ही नहीं बल्कि सुरक्षा, निगरानी, डेटा प्रबंधन और निर्वाचन संचालन को अधिक विश्वसनीय एवं प्रभावी बनाने के लिए भी किया जाता है।
जिलाधिकारी ने निर्वाचन क्षेत्रों के प्रबंधन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र को प्रशासनिक सुविधा के अनुसार कई भागों में विभाजित किया जाता है और प्रत्येक भाग की अलग निर्वाचन नामावली तैयार की जाती है। इन सूचियों का समेकित और व्यवस्थित प्रबंधन किया जाता है, जिससे चुनाव संबंधी रिकॉर्ड का संचालन और समय-समय पर अद्यतन सुचारु रूप से हो सके।
प्रवासी भारतीय मतदाताओं (ओवरसीज इलेक्टर्स) के बारे में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने बताया कि विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय नागरिक ऑनलाइन माध्यम से मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनका नाम संबंधित निर्वाचन नामावली में दर्ज किया जाता है और उन्हें निर्वाचक फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) जारी किया जाता है। इसके लिए उन्हें भारत आकर कार्यालय में उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होती।
परिसीमन और मतदाता सूची से संबंधित जिज्ञासाओं पर उन्होंने बताया कि निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन संवैधानिक और वैधानिक प्रावधानों के अनुसार किया जाता है, जबकि मतदाता सूची का अद्यतन एक सतत प्रक्रिया है। निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और बूथ लेवल अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रीय सत्यापन कर नए पात्र मतदाताओं का पंजीकरण सुनिश्चित करते हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची ही संबंधित चुनाव के लिए मान्य होती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम केवल आवेदन मिलने के आधार पर सूची से नहीं हटाया जाता। प्रत्येक मामले में क्षेत्रीय सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और आवश्यक साक्ष्यों के आधार पर ही निर्णय लिया जाता है। यदि संबंधित व्यक्ति का निधन हो चुका हो या वह स्थायी रूप से किसी अन्य निर्वाचन क्षेत्र में स्थानांतरित होकर वहां मतदाता के रूप में पंजीकृत हो चुका हो, तभी नियमानुसार उसका नाम पूर्व सूची से हटाया जाता है। यदि सत्यापन में वह उसी पते पर निवास करता पाया जाता है तो उसका नाम यथावत बनाए रखा जाता है। इससे प्रत्येक मतदाता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
जिलाधिकारी ने यह भी बताया कि निर्वाचन आयोग दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराता है और मतदाता जागरूकता अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया जाता है। लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए मतदाता सहभागिता बढ़ाने पर लगातार काम किया जा रहा है।
संवादात्मक सत्र के दौरान विदेशी प्रतिनिधियों ने भारतीय निर्वाचन प्रणाली, मतदाता पंजीकरण, ईवीएम आधारित मतदान, डिजिटल मतदाता सूची, चुनावी पारदर्शिता और तकनीक आधारित चुनाव प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भारतीय चुनावी मॉडल की पारदर्शिता, समावेशी दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता और मजबूत संस्थागत व्यवस्था की सराहना की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में इतने व्यापक स्तर पर चुनावों का सफल संचालन अन्य देशों के लिए भी अध्ययन का महत्वपूर्ण विषय है।
आगरा भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ताजमहल और आगरा किले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को भी करीब से देखा। इसके साथ ही निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अध्ययन कर भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की कार्यप्रणाली को समझा।
कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी नगर यमुनाधर चौहान, एसडीएम सदर सचिन राजपूत, एसीएम नवोदिता शर्मा तथा निर्वाचन से जुड़े अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय चुनावी व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं में गहरी रुचि दिखाई और कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
