फतेहाबाद । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा को कई गंभीर कमियां मिलीं। ऑपरेशन थिएटर में मेडिकल वेस्ट खुले में पड़ा मिला, शौचालय और वार्डों में गंदगी पाई गई, जबकि औषधि भंडार के स्टॉक रजिस्टर में भी अनियमितताएं सामने आईं। एसडीएम ने तत्काल सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और सात दिन के भीतर सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) फतेहाबाद में शनिवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा के औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं। निरीक्षण में ऑपरेशन थिएटर से लेकर शौचालय, वार्ड और औषधि भंडार तक गंदगी एवं अव्यवस्थाएं मिलीं। मेडिकल वेस्ट खुले में पड़ा मिला, स्टॉक रजिस्टर में अनियमितताएं पाई गईं और वार्डों में गंदी बेडशीट बिछी मिली। इस पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और सात दिन के भीतर सभी कमियां दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा और यदि स्थिति में सुधार नहीं मिला तो आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सबसे पहले दवा वितरण काउंटर पहुंचीं और वहां उपलब्ध दवाओं तथा मरीजों को दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इसके बाद उन्होंने ओपीडी का निरीक्षण किया और भर्ती मरीजों से बातचीत कर इलाज एवं चिकित्सकीय सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से दवाओं की उपलब्धता, डॉक्टरों की मौजूदगी और अस्पताल में मिल रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
इसके बाद उपजिलाधिकारी कोल्ड चेन कक्ष पहुंचीं, जहां वैक्सीन के रखरखाव और संबंधित रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने वैक्सीन भंडारण व्यवस्था और अभिलेखों का अवलोकन कर आवश्यक निर्देश दिए, ताकि टीकाकरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न रहे।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर स्थिति ऑपरेशन थिएटर में देखने को मिली। यहां खुले में कॉटन, इस्तेमाल की गई सिरिंज और अन्य बायो-मेडिकल वेस्ट पड़ा मिला। गंदगी देखकर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताई और कहा कि ऑपरेशन थिएटर जैसी संवेदनशील जगह पर इस प्रकार की लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह स्वच्छ रखा जाए तथा बायो-मेडिकल वेस्ट का निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए।
इसके बाद उन्होंने औषधि भंडार का निरीक्षण किया। यहां दवाओं के रखरखाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। स्टॉक रजिस्टर में भी कई प्रविष्टियां सही ढंग से दर्ज नहीं थीं। इस पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि दवाओं का रिकॉर्ड पूरी पारदर्शिता और नियमित रूप से संधारित किया जाए, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे।
उपजिलाधिकारी ने अस्पताल के शौचालयों का भी निरीक्षण किया। वहां गंदगी मिलने पर उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी पाया कि शौचालयों में पानी के लिए बाल्टी या अन्य आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी। इस पर उन्होंने आवश्यक संसाधनों की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
आरबीएसके कक्ष और अन्य नए कक्षों के निरीक्षण के दौरान भी सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। वार्डों में मरीजों के लिए बिछाई गई बेडशीट गंदी पाई गईं। इस पर उपजिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि गंदी बेडशीट और अस्वच्छ वातावरण से मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी वार्डों में नियमित रूप से साफ बेडशीट उपलब्ध कराई जाए और पूरे अस्पताल परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
निरीक्षण के बाद उपजिलाधिकारी स्वाति शर्मा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई और अभिलेखों के रखरखाव में कई कमियां मिली हैं। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सात दिन बाद दोबारा निरीक्षण किया जाएगा। यदि तब भी व्यवस्थाओं में अपेक्षित सुधार नहीं मिला तो संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उपजिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई, दवाओं का सुव्यवस्थित रखरखाव, रिकॉर्ड का सही संधारण और संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन किसी भी स्थिति में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने सभी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मरीजों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अस्पताल की व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार सुनिश्चित करें।

