आगरा। इटावा से आगरा कैंट के बीच बनने वाले भांडई फ्लाईओवर के निर्माण के लिए भूमि समतल करने पहुंची जिला प्रशासन की टीम को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसानों ने मुआवजा न मिलने तक काम रोकने की मांग की। एसडीएम सदर ने सोमवार तक भुगतान का आश्वासन दिया, जिसके बाद सहमति बनी।
शनिवार सुबह करीब 11 बजे एसडीएम सदर सचिन राजपूत, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पुलिस बल के साथ गांव कुठावली के नगला पीरंगा पहुंचे। जैसे ही खेतों में जेसीबी से समतलीकरण शुरू हुआ, दर्जनों किसान मौके पर पहुंच गए और विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना था कि उनकी जमीन का अधिग्रहण हो चुका है, लेकिन अब तक मुआवजे की राशि खातों में नहीं आई है। किसान विष्णु ने कहा कि जमीन पर कब्जा ले लिया गया, लेकिन भुगतान नहीं हुआ। किसान कोमल सिंह ने प्रशासन पर जबरदस्ती करने का आरोप लगाया, जबकि मोहन सिंह ने कहा कि पैसा मिलने तक जेसीबी नहीं चलने देंगे।

सूचना पर ग्राम प्रधान कृष्णकांत सिंह चाहर भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन और किसानों के बीच वार्ता कराई। एसडीएम ने सोमवार तक भुगतान खातों में पहुंचाने का भरोसा दिया। किसानों की अन्य मांगें भी स्वीकार कर ली गईं, जिसके बाद समतलीकरण शुरू हो सका। ग्राम प्रधान ने बताया कि वर्ष 2017 के गजट के अनुसार 22 लाख रुपये प्रति हेक्टेअर की दर से 4 गुना मुआवजा दिया जा रहा है। कुछ किसानों के खातों में अभी राशि नहीं पहुंची है, जबकि कुछ किसान 23 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुठावली की सीमा में तीन अंडरपास बनाने पर भी सहमति बन गई है।

भांडई फ्लाईओवर का निर्माण इटावा से आगरा कैंट के बीच ट्रेनों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए किया जा रहा है। करीब 123 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले लगभग 10 किलोमीटर लंबे इस फ्लाईओवर के लिए सात गांवों में भूमि अधिग्रहण किया गया है। वर्तमान में दिल्ली-मुंबई अप और डाउन लाइन व्यस्त रहने के कारण आगरा कैंट से इटावा जाने वाली ट्रेनों को भांडई जंक्शन के आउटर पर रुकना पड़ता है। इस लाइन के तैयार होने से ट्रेनों की रफ्तार में इजाफा हो सकेगा।
