सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर की कार्रवाई
आगरा। गर्मी की छुट्टियों में बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित कर रहे आगरा के पांच वॉटर पार्कों पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला मजिस्ट्रेट ने बिना अनुमति और जरूरी सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना संचालित हो रहे पांच वॉटर पार्कों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। प्रशासन का कहना है कि इन वॉटर पार्कों ने न तो संचालन की वैधानिक अनुमति ली थी और न ही सुरक्षा से जुड़े जरूरी विभागों की अनापत्ति प्राप्त की थी। ऐसे में लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
आगरा में बिना अनुमति चल रहे वॉटर पार्क अब प्रशासन के निशाने पर आ गए हैं। जिला प्रशासन की जांच में सामने आया कि जिले और आसपास के क्षेत्रों में कई वॉटर पार्क नियमों की अनदेखी कर लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इसके बाद जिला मजिस्ट्रेट ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच वॉटर पार्कों के संचालन पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए।
प्रशासन के अनुसार जिले में लगे होर्डिंग, विज्ञापन, सोशल मीडिया पर किए जा रहे प्रचार और सहायक आयुक्त राज्य कर (पूर्व मनोरंजन कर) की रिपोर्ट के आधार पर पूरे मामले की जांच की गई। जांच में पता चला कि संबंधित वॉटर पार्क निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना ही लोगों के लिए खोले गए थे।
कार्रवाई की जद में आए वॉटर पार्कों में फतेहपुर सीकरी क्षेत्र का काका चौधरी वॉटर पार्क, एत्मादपुर के जहाँगीरपुर स्थित केजी वॉटर पार्क, बरौली अहीर के अंसल टाउन स्थित रिमझिम वॉटर पार्क, मिढाकुर स्थित मां भगवती एंटरप्राइजेज (रेनबो वॉटर पार्क) और टेढ़ी बगिया, जलेसर रोड स्थित प्रकाश वॉटर पार्क शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी वॉटर पार्क का संचालन शुरू करने से पहले कई विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। इसमें पुलिस विभाग से कानून-व्यवस्था संबंधी अनुमति, अग्निशमन विभाग से फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र, लोक निर्माण विभाग से भवन की फिटनेस, विद्युत विभाग से सुरक्षा संबंधी स्वीकृति और जीएसटी सहित अन्य आवश्यक औपचारिकताएं शामिल हैं। जांच में सामने आया कि संबंधित वॉटर पार्क इन जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा किए बिना ही संचालित किए जा रहे थे।
जिला प्रशासन का मानना है कि वॉटर पार्कों में रोजाना बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और परिवार पहुंचते हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया जाता तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इसी आशंका को देखते हुए लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह कार्रवाई की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी ऐसे मनोरंजन स्थल का संचालन करना उत्तर प्रदेश चलचित्र (विनियमन) संशोधन अधिनियम-2017 के नियमों का उल्लंघन है। नियमों के तहत जिला मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति के बिना इस प्रकार का मनोरंजन स्थल संचालित नहीं किया जा सकता।
इन्हीं प्रावधानों के आधार पर जिला मजिस्ट्रेट ने लोक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पांचों वॉटर पार्कों के संचालन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। अब जब तक संबंधित संचालक सभी जरूरी अनुमति, अनापत्ति प्रमाण-पत्र और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करेंगे, तब तक इन वॉटर पार्कों का संचालन शुरू नहीं हो सकेगा।
जिला प्रशासन ने यह भी साफ संकेत दिया है कि नियमों को ताक पर रखकर चलने वाले अन्य मनोरंजन स्थलों के खिलाफ भी आगे इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती जारी रहेगी।
